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शुक्रवार, 11 अक्तूबर 2019

लोन सेटेलमेंट करने का क्या पड़ेगा प्रभाव | Can I get loan after settlement HINDI

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लोन सेटेलमेंट करने का क्या पड़ेगा प्रभाव | Can I get loan after settlement HINDI 

दोस्तों, मैंने आपके बेहतर क्रेडिट स्कोर को लेकर कई जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर दी हैं ! साथ ही समय समय पर में आपके लिए लोन और फाइनेंस से जुडी ऐसी ही जानकारी लाता रहता हूँ ! इन जानकारियों से न केवल आप अपनी क्रेडिट रेटिंग ठीक रख सकते है बल्कि अपनी लोन से जुडी सभी समस्याओं को हल कर सकते हैं ! आज के इस टॉपिक पर हम लोन सेटेलमेंट और उससे जुड़े प्रभावों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे ! तो अगर आप इस पूरी जानकारी को पाना चाहते हैं तो हमारे साथ आखरी तक बने रहे क्योकि लोन सेटेलमेंट  से जुडी सभी ख़ास बातो को हम आज समझेंगे ! 

दोस्तों आर्थिक समस्याए सभी के जीवन में आती हैं जैसे किसी गंभीर बिमारी का आना, जॉब चली जाना,बिजनेस में नुकसान हो जाना ! ऐसी सभी समस्याओं के चलते कई लोन अपने चल रहे लोन का भुगतान करने में चुक जाते हैं ! लोन का वर्डन बढ़ने पर उस लोन को पूरी तरह चुका पाने में असमर्थ हो जाते हैं ! इसके परिणाम स्वरुप लोन डिफाल्टर की श्रेणी आ जाता हैं ! लोन डिफाल्टर होना  वेसे सिर्फ आपकी खराब वित्तीय स्थिति पर ही निर्भर नहीं करता बल्कि कई बार बैंक और फाइनेंस कंपनी के गलत कमिटमेंट और उनसे विवाद के चलते भी आप लोन चुकाना बंद कर देते हैं ! ऐसे में बैंक या फाइनेंस कंपनी बार बार आपको लोन चुका देने के लिए बार बार देती हैं, लेकिन 91 दिन लोन न चुकाए जाने की दशा में बैंक या फाइनेंस कंपनी आपके लोन खाते को नॉन-परफोर्मिंग एसेट्स यानी NPA घोषित कर देती हैं ! लेकिन कहानी यही ख़त्म नहीं होती, बैंक लोन को रीकवर करने की कोशिश करती रहती हैं ! और इसी कोशिश में बैंक आपको लोन सेटेलमेंट का ऑफर  करती हैं ! लेकिन आपको लोन सेटेलमेंट करना चाहिये या नहीं ये बात समझ लेना जरुरी हैं ! और आप इसे अगले 7 पॉइंट में समझ सकते हैं !
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लोन सेटेलमेंट ऑफर क्यों किया जाता हैं ?

बैंक या फाइनेंस कम्पनियों पर अपने बिगड़े हुए लोन को सुधारने और उन्हें नियमित करने का बहुत सा प्रेशर होता हैं ! साथ ही बैंक और फाइनेंस कंपनिया हमेशा चाहती हैं, की कम से कम जो मूलधन लोन के रूप में दिया गया हैं, वो वापिस आ जाए ! ऐसे में अगर कोई लोन खता NPA की कगार पे आ जाता हैं, तो उसे फिर से ठीक करने के लिए या उस खाते को बंद करने के लिए बैंक बहुत से रास्ते अपनाती हैं ! उनमे से एक हैं “लोन सेटेलमेंट” ! लेकिन लोन सेटेलमेंट का मूल उद्धेश्य उस खराब लोन खाते से कुछ ना कुछ रीकवरी का होता हैं ! इसमें बैंक या फाइनेंस कंपनी बहुत से तरीको से लोन को सेटल्ड करती हैं ! जैसे ड्यू ब्याज में रियायत, पेनेल्टी और अन्य चार्जेस को माफ़ किया जाना या कभी कभी मूलराशि में से भी कुछ राशि माफ़ कर देना ! ऐसे में बैंक को एक फायदा ये होता हैं की जिस बिगड़े हुए लोन खाते पे किसी तरह से रिकवरी नहीं होना थी, उसमे कुछ न कुछ राशि आ जाती हैं ! हालंकि इस सेटेलमेंट को करने के बाद बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपके क्रेडिट रिपोर्ट से लोन डिफाल्टर का टेग  नहीं हटाती बल्कि इस लोन के सम्बन्ध में क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट की रिपोर्ट करती हैं !

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लोन सेटेलमेंट का फायदा क्या हैं ? 

बैंक लोन सेटेलमेंट का ऑफर क्यों करती हैं ? इस बात को समझ लेने के बाद आपको ये समझना होगा की इससे आपको लोन सेटेलमेंट का फायदा क्या हैं ? तो दोस्तों वेसे तो इसका सिर्फ इतना फायदा हैं, की यदि आप किसी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और आपके पास इतना पैसा नहीं हैं, की आप किसी लोन का रीपेमेंट कर सके ऐसे में आप चाहते हैं की उस लोन को बंद करना ही ठीक हैं, तो आप लोन सेटेलमेंट करा सकते हैं ! आप आपकी आर्थिक शर्त और बैंक की शर्तो के साथ एक तय राशि देकर अपना लोन सेटेल कर सकते हैं ! लोन सेटेलमेंट करने पर बैंक या फाइनेंस कंपनी आपके लोन खाते को टर्मिनेट करके उसका शेष बकाया loss में बताती हैं ! लेकिन इसके फायदों से ज्यादा आपका ध्यान इसके नुकसान पे भी होना जरुरी हैं ! तो आएये अगले पॉइंट में इसके नुकसान के बारे में समझते हैं ! 

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लोन सेटेलमेंट का नुकसान क्या हैं ? 

दोस्तों लोन सेटेलमेंट करने के बाद बैंक सिर्फ आपके लोन खाते को टर्मिनेट करके बाकी बचे ड्यू को loss में दिखाने तक की प्रक्रिया तक सिमित नहीं होते, बल्कि वो इस लोन खाते की जानकारी क्रेडिट स्कोर तय करने वाली एजेंसिया जैसे CIBIL,High Mark,Experian आदि को देती हैं ! इस जानकारी में बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपके लोन खाते को लोन क्लोज्ड होने के बजाये लोन सेटेलमेंट के रूप में दर्शाती हैं, और कही कही देखने में ये भी आया हैं, की कई कम्पनिया तो सेटेलमेंट किये जाने के बाद बचे हुए ड्यू लोन अमाउंट को भी, आप ही की क्रेडिट रिपोर्ट में loss में शो करती हैं ! ऐसी क्रेडिट रिपोर्ट का असर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक रूप से पड़ता हैं और आपके क्रेडिट स्कोर में कमी आती हैं ! इतना ही नहीं एक से ज्यादा लोन सेटेलमेंट फ्लेग  के कारण आपको भविष्य में लोन मिलने में भी समस्या आ सकती हैं ! दोस्तों क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट फ्लेग  को ये माना जाता हैं, की आप लोन लेने के बाद उसे पूरा जमा करने में असमर्थ थे, और इस फ्लेग को देखकर शायद कोई बैंक या फाइनेंस कंपनी आपको अगला लोन देने के लिए तैयार न हो ! तो सवाल ये उठता हैं की क्या लोन सेटेलमेंट करने के बाद आगे लोन मिलेगा ? तो इसका जवाब आपको अगले पॉइंट में मिल जाएगा ! 

लोन सेटेलमेंट करने के बाद आगे लोन मिलेगा ?

दोस्तों वेसे तो यहाँ समझना होगा की अगर सच में वित्तीय परिस्थिति बिगड़ने के बाद यदि आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो इस बात को लोन देने वाली बैंक और फाइनेंस कंपनिया भी समझती हैं ! तो पूरी तरह से ये मान लेना की एक बार लोन सेटेलमेंट करने के बाद भविष्य में कोई लोन नहीं मिलेगा ये गलत होगा ! कई परिस्थितियों में लोन सेटेलमेंट बैंक की गलती की वजहों से भी होता हैं जैसे गलत कमिटमेंट या चार्जेस छुपाना या अन्य कोई कारण ! यदि इन कारणों के चलते आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं हैं आप उन कारणों के प्रमाण दिखाने के बाद अगला लोन ले सकते हैं ! साथ ही यदि किसी गंभीर आर्थिक समस्याओं के कारण आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो  उन्हें भी स्पष्ट करके बैंक और फाइनेंस कम्पनी से लोन ले सकते हैं ! लेकिन ध्यान रखे ये तभी संभव हैं यदि आपके क्रेडिट स्कोर में एक लोन अकाउंट ही लोन सेटेलमेंट फ्लेग दर्शा रहा हो ! एक से ज्यादा लोन की स्थिति में आपके लिए नया लोन लेना मुश्किल होगा ! 

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लोन सेटेलमेंट न करना हो तो क्या करें ?

दोस्तों अब बात करते हैं की यदि आपको लोन सेटेलमेंट न करना हो तो क्या करना चाहिये ? तो जब भी आप कोई लोन ले तो सबसे पहले आपको ये बात ध्यान रखना होगी की आपको वो लोन पूरी तरह से खत्म करना होगा तभी कोई लोन ले ! लेकिन लोन डिफाल्ट  किसी समस्या या बैंक की गलती के कारण हुआ हैं तो बैंक को उसकी जानकारी देकर स्थिति साफ़ करे ! इसके अलावा यदि आप आर्थिक परेशानियों के चलते लोन चुकाने में समर्थ नहीं हैं तो आप बैंक को अपनी स्थिति से अवगत करा सकते हैं और बैंक को अपने लोन को री-स्ट्रक्चर करने का निवेदन कर सकते हैं ! लोन री-स्ट्रक्चर  करने से आपको लोन जमा करने में थोड़ी सहूलियत मिल जाएगी और साथ ही आपको पर्याप्त समय भी अपने लोन को चुकाने का मिलेगा ! फिर भी यदि आपको लोन बंद कराना ही हैं तो उसका सेटेलमेंट बिलकुल न करे इसके बजाये आप किसी मित्र या रिश्तेदार की मदद लेकर लोन को पूरी तरह से बंद कराये ! लेकिन अब परेशानी उन लोगो की हैं जिनको लोन सेटेलमेंट के प्रभाव  की जानकारी नहीं हैं और उन्होंने पहले से ही अपना लोन सेटेलमेंट कर लिया हैं ! तो ऐसे लोगो को क्या करना चाहिये इसका जवाब हम आज के आखरी पॉइंट में देने जा रहे हैं !

लोन सेटेलमेंट पहले ही कर दिया तो अब क्या करें ? 

दोस्तों यदि आपने लोन सेटेलमेंट पहले ही कर दिया तो अब क्या किया जाए  ये सवाल आपके मन में होगा ! तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की आप उस लोन को पूरी तरह से बंद यानी लोन क्लोज्ड कर सकते हैं ! जी हां यदि अब आपकी वित्तीय स्थिति ठीक हैं और आपके पास पर्याप्त पैसा इस लोन को बंद करने के लिए हैं तो आप बैंक या फाइनेंस कंपनी को लोन को पूरी तरह क्लोज्ड करने का कह सकते हैं ! बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपको सेटेलमेंट किये गए लोन की बकाया राशि बताएगा और आप उस राशि को एक मुश्त जमा करके अपना लोन क्लोज्ड करवा सकते हैं ! ऐसा करने पर बैंक आपको एक लोन क्लोजर सर्टिफिकेट  देगा जिसे लोन एनओसी कहा जा सकता हैं ! ये एनओसी आपको नया लोन लेने के समय काम आ सकती हैं ! लोन के पूरी तरह से क्लोज हो जाने पर बैंक या फाइनेंस कम्पनी इस लोन अकाउंट के सम्बन्ध में क्रेडिट एजेंसीयो को फिर से जानकारी भेजेगा जिसमे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्शित लोन सेटेलमेंट फ्लेग को बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग  करने का निर्देश होगा ! इस प्रक्रिया के बाद 2 से 3 महीनो के भीतर आपके क्रेडिट रिपोर्ट में से लोन सेटेलमेंट फ्लेग बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग हो जाएगा ! हलाकि क्रेडिट स्कोर सुधरने में  अभी थोड़ा और वक्त लग सकता हैं ! लेकिन लोन क्लोज़र की इस प्रक्रिया के कई महीनो बाद भी क्रेडिट रिपोर्ट से लोन सेटेलमेंट फ्लेग नहीं हटा तो  आपको क्या करना चाहिये ? आईये इसे समझते हैं !
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लोन क्लोज्ड होने के बाद भी क्रेडिट स्कोर नहीं हुआ अपडेट 

दोस्तों लोन क्लोज्ड होने के बाद भी क्रेडिट स्कोर अपडेट नहीं हुआ और अभी तक भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट फ्लेग ही दर्शा रहा हैं तो आपको सिबिल की वेबसाईट पर जाकर अपनी लोन एनओसी के साथ एक सिबिल डिस्प्यूट आवेदन  करना होगा ये बिलकुल फ्री हैं ! इसके बाद सिबिल सम्बंधित लोन के मामले में बैंक से कन्फेर्मेशन मांगेगी एक बार बैंक से लोन क्लोज़र का कन्फेर्मेशन मिलने के बाद सिबिल आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सुधार  करके लोन सेटेलमेंट फ्लेग को बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग कर देगी ! लेकिन ये तभी संभव हैं जब बैंक इसका कन्फेर्मेशन दे इसके लिए आपको सिबिल डिस्प्यूट आवेदन के बाद बैंक पर भी अपने लोन खाते की सही जानकारी सिबिल को उपलब्ध कराने का दबाव बनाना पडेगा ! 
तो दोस्तों ये थी जानकारी लोन सेटेलमेंट के बारे में, उम्मीद हैं आपको जानकारी पसंद आये होगी अगर हाँ, तो आर्टिकल को लाइक करे !  साथ ही अपने दोस्तों और मित्रो से ये जानकारी व्हाट्सएप करके उनकी मदद करे ! अगली बार ऐसी ही किसी लोन और फाइनेंस की जानकारी के साथ फिर से मुलाकात होगी !


बुधवार, 9 अक्तूबर 2019

CIBIL Score : सिबिल स्कोर कैसे कैलक्यूलेट होता हैं | How to Calculate CIBIL Score in Hindi

CIBIL Score : सिबिल स्कोर कैसे कैलक्यूलेट होता हैं |  How to Calculate CIBIL Score in Hindi


बैंक या फाइनेंस कम्पनी से आपको लोन मिलेगा या नहीं ये कुछ हद तक आपके सिबिल स्कोर पर निर्धारति होता हैं ! ऐसे में दोस्तों ये आपको पता होना जरुरी हैं की सिबिल स्कोर का केल्क्युलेशन कैसे किया जाता हैं ! वेसे तो सिबिल स्कोर को केल्क्युलेट करना कई बातो पर निर्भर करता हैं लेकिन इसमें सबसे मुख्य बात हैं आपका रीपेमेंट करने का तरिका ! इसका सीधा सा मतलब ये हैं की अगर आप लोन चुकाने में इमानदार हैं ! तो बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपको आसानी से लोन दे सकती हैं ! आज के इस आर्टिकल में हम सिबिल केल्क्युलेशन के बारे में बात करेंगे और जानेंगे की बैंक या फाइनेंस कम्पनी किन आधार पर आपके सिबिल स्कोर की रेटिंग करती हैं ! इसके अलावा आज ये भी जानने की कोशिश करेंगे की कैसे आप सिबिल स्कोर को बेहतर बनाये रख सकते हैं, तो बने रहिये हमारे साथ आखरी तक और हां अगर आप हमारे ब्लॉग पर पहली बार आये हैं तो प्लीज इस ब्लॉग को सबस्क्राइब कर दे ताकि आपको भी लोन और फाइनेंस से जुडी जानकारी सबसे पहले मिलती रहे ! 

दोस्तों सिबिल के केल्क्युलेषन को समझने से पहले आपको समझना होगा की आखिर सिबिल स्कोर हैं क्या ? दोस्तों, वेसे तो आज हर आदमी सिबिल स्कोर को अच्छे से जानता हैं लेकिन बारीकी और सासान शब्दों में समझे तो सिबिल एक तीन अंको का स्कोर होता हैं ! जो 300 से 900 के बिच होकर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय होता हैं ! आपके हर तरह के लोन की जानकारियों पर आधारित एक रिपोर्ट को सिबिल रिपोर्ट कहा जाता हैं ! सिबिल स्कोर आपके लोन लेने की एलेजीबिलिटी को दर्शाता हैं इसका साफ़ मतलब ये हैं की आपका सिबिल स्कोर जीतना अच्छा होगा आपको लोन मिलने के चांसेस उतने बढ़ जायेंगे !

अब जानते हैं की सिबिल स्कोर केल्क्युलेट कैसे किया जाता हैं ? या वे कोनसी बाते हैं जो आपके सिबिल को प्रभावित करती हैं ! जिससे की आपके सिबिल स्कोर का आंकलन होता हैं ! तो दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे की 4 बाते हैं जो आपके सिबिल स्कोर पर असर डालती हैं !

पेमेंट हिस्ट्री 

दोस्तों, आप जिस भी लोन का भुगतान किश्त के रूप में करते हैं उसे पेमेंट हिस्ट्री में शामिल किया जाता हैं तथा देर से भुगतान करना या न करना आपकी पेमेंट हिस्ट्री खराब करता हैं जिसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पढ़ता हैं और आपका क्रेडिट स्कोर कम होता जाता हैं !

क्रेडिट मिक्स

इसका मतलब हैं की आपने किस प्रकार के लोन ले रखे हैं ! सामन्यत: मिले जुले लोन जिसमे सिक्योर और अन-सिक्योर दोनों तरह के लोन शामिल हैं का आपके सिबिल स्कोर पर बहुत अच्छा असर पड़ता हैं और आपका सिबिल स्कोर बढ़ता हैं !

बार बार पूछताछ

दोस्तों अगर आप लोन के लिए बार बार आवेदन कर रहे हैं या बार बार पूछताछ कर रहे हैं तो सिबिल की भाषा में इसे इंक्वायरी कहा जाता हैं और ये एक गंभीर असर आपके सिबिल स्कोर पर दर्शाता हैं ! इससे आपका सिबिल स्कोर न केवल कम होता हैं बल्कि आपको लोन मिलने की संभावना को भी कम करता हैं !

हाई क्रेडिट यूटीलाइजेशन

दोस्तों अगर आप क्रेडिट कार्ड या बैंक क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करते हैं और आप उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का अत्यधिक उपयोग करते हैं तो यह आपके सिबिल स्कोर के लिए घातक हो सकता हैं और इससे आपके सिबिल स्कोर में तेजी से कमी आती हैं !

तो दोस्तों ये 4 पॉइंट हे जो आपके क्रेडिट स्कोर को तय करते हैं ! अब बात आती हैं की कैसे आप अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बनाए रख सकते हैं !तो दोस्तों अगर आप चाहते हैं की आपका सिबिल स्कोर हमेशा मजबूत बना रहे तो आपको 5 छोटी छोटी बातो का ध्यान रखना जरुरी हैं !

पहली – अपने सभी क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय से करे क्योकि  ऐसा न करना आपके सिबिल स्कोर के लिए खराब हो सकता हैं !

दूसरी बात – क्रेडिट कार्य या बैंक क्रेडिट लिमिट का उपयोग सिमित तौर पर करे ! क्योकि ज्यादा खर्च आपके सिबिल स्कोर को बिगाड़ सकते हैं !

तीसरी बात – होम लोन या कार लोन जेसे सिक्योर लोन या पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर लोन में संतुलन बनाए रखे ज्यादा अनसिक्योर लोन आपके सिबिल स्कोर पर गलत प्रभाव डालते हैं !

चौथी बात जो आपको ध्यान में रखना जरुरी हैं – वो हैं यदि आपने जॉइंट लोन लिया हैं तो जॉइंट होल्डर का ध्यान रखे की वो नियमित भुगतान कर रहा हैं या नहीं ! क्योकि ऐसी लापरवाही भी आपके सिबिल स्कोर पे असर डाल सकती हैं !

पांचवी और आखरी बात -  क्रेडिट हिस्ट्री की समीक्षा – दोस्तों आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की समय समय पर जांच करते रहना चाहिये ! इससे आपके क्रेडिट स्कोर की जानकारी आपको मिलती रहेगी आज भारत में बहुत सी वेबसाईट फ्री में सिबिल स्कोर आपको प्रोवाइड करती हैं आप उनका उपयोग कर सकते हैं साथ ही अगर आप चाहते हैं की आपको फ्री में सिबिल स्कोर चाहिये तो इस लिंक पर जाकर फ्री में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट निकलवा सकते हैं ! इसके अलावा अगर आपका सिबिल स्कोर से जुडा कोई सवाल हैं तो आप हमें कमेंट्स करके पूछ सकते हैं !

तो दोस्तों ये थी जानकारी सिबिल स्कोर से जुडी हुई ! दोस्तों हो सकता हैं आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार को इस जाकारी की जरुरत हो तो उनसे ये जानकारी शेयर करके आप उनकी मदद कर सकते हैं साथ ही अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी हैं तो इसे लाइक करके बता सकते हैं !!! वेसे दोस्तों मेने बहुत से आर्टिकल सिबिल स्कोर को लिखे हैं ! आप उन्हें भी देख सकते हैं ! इसके अलावा यदि आपका सिबिल स्कोर बिगड़ा हुआ हैं तो उसे सुधारने के टिप्स भी आपको हमारी वेबसाईट या यूट्यूबचेनल पर मिल जायेंगे ! अगली बार फिर ऐसी ही किसी जानकारी के साथ मिलाकात होगी तब तक के लिए जय हिन्द !! जय भारत !!! 

शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2019

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाये | How to Improve Credit Score In HINDI



क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाये | How to Improve Credit Score In HINDI

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आज आपको घर लेना हो या कोई गाडी, कोई महंगा मोबाइल लेना हो या कोई महंगी यात्रा पे जाना हो लगभग ऐसे हर काम जिसमे आपको ज्यादा पैसा लगता हैं उसके खर्चो को आसान करने के लिए आज हर तरह का लोन मौजूद हैं ! लेकिन इस बढ़ते हुए लोन की उपलब्धता के बिच सबसे महत्वपूर्ण हैं क्रेडिट स्कोर  ! आज क्रेडिट स्कोर का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ चुका हैं आज लोन की हर शर्त जैसे उसका ब्याज,उसकी राशि,लोन की सिक्युरिटी आदि सभी आपके अच्छे क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती हैं ! ये आपका अच्छा क्रेडिट स्कोर ही हैं जो निर्धारित करता हैं की आपको लोन मिलेगा या नहीं और मिलेगा तो कितना ब्याज आपको देना पड़ेगा और यदि आपका खराब क्रेडिट स्कोर  हैं तो हो सकता हैं आपको ज्यादा ब्याज देना पड़े या ये भी हो सकता हैं की आपको लोन न मिले ! असल में कहा जाए तो लोन मिलने से लेकर उसकी सभी शर्ते आपके अच्छे क्रेडिट स्कोर  पर निर्भर करती हैं ! 

आपकी जानकारी के लिए बता दे की क्रेडिट स्कोर 300 से लेकर 900 के बिच होता हैं  तीन अंको के इस स्कोर में जिनका 750 पॉइंट से स्कोर ज्यादा होता हैं वो अच्छा क्रेडिट स्कोर माना जाता हैं और जिनका इससे कम होता हैं उनका खराब क्रेडिट स्कोर  माना जाता हैं !

अच्छे क्रेडिट स्कोर और खराब क्रेडिट स्कोर के बिच उतना ही बुनियादी अंतर होता हैं जितना इन दोनों शब्दों यानी अच्छे और बुरे में होता हैं ! एक अच्छा क्रेडिट स्कोर जहा आपको आसानी से लोन उपलब्ध करा सकता हैं वही खराब क्रेडिट स्कोर के चलते आपको लोन मिलने में समस्या आ सकती हैं तो ऐसे कौनसे टिप्स हैं जिनकी मदद से आप अपना खराब क्रेडिट स्कोर सुधार सकते हैं ! या वो टिप्स जिससे आप आपका क्रेडिट स्कोर मजबूत बनाए रख सकते हैं !


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फिक्स इनकम ऑब्लिगेशन 


हर व्यक्ति के अपने अपने महीने के फिक्स खर्चे होते हैं जिनसे वो घर चलता हैं, और लोन आपकी इनकम में से खर्चे घटा के बचने वाली आय पर निर्धारित होता हैं ! इन फिक्स खर्चो को लोन लेने के लिए 50% माना जता हैं ! इसको आसानी से समझा जाए तो यदि आपकी इनकम 20 हजार रूपये हैं तो आप केवल 10 हजार तक की ही किश्त का भुगतान कर सकते हैं ! क्रेडिट स्कोर सुधार करने के लिए  ध्यान रखे की कभी भी अपने फिक्स इनकम के ऑब्लिगेशन को घटाकर जितनी राशि बनती हैं उससे ज्यादा की किश्त न बनवाये ! इससे आपको आर्थिक स्थिति के संतुलन में परेशानी आएगी और आपकी लोन की किश्त मिस होगी और इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर  पर पड़ेगा !

यह भी पढ़े -  पुराना Loan चुका देने के बाद भी Loan नहीं मिल पा रहा? जानिये क्यों?

भुगतान की तारीख 

खराब क्रेडिट स्कोर को बेहतर बनाने के लिए हमेशा याद रखे की आपके जो भी लोन चल रहे हैं या जो भी क्रेडिट कार्ड के भुगतान आप करते हैं उनकी भुगतान तारीख आपको हमेशा याद होना चाहिये और साथ ही उन तारीख पर आपको कभी भी लोन की किश्तों का या क्रेडिट कार्ड के बिल्स का भुगतान चूकना नहीं चाहिये ! अगर आप हमेशा या बार बार भुगतान की तारीखों पर किश्तों या बिलों का भुगतान नहीं करते तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब होता चला जाता हैं ! अगर आप अभी तक इसी पद्धति से किश्तों या बिलों का भुगतान कर रहे हैं तो अभी से इसमें सुधार कर ले ! निश्चित मानिए की धीरे धीरे आपका क्रेडिट स्कोर सुधरने लगेगा  संभव हैं की 8 महीनो से लगाकर 1 साल में आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार  हो जाएगा !


लोन का सेटेलमेंट 

आपके क्रेडिट स्कोए में सभी बातो का उल्लेख होता हैं मसलन आपने कितने लोन लिए हैं उन लोन का आपने कैसे भुगतान किया हैं साथ ही इस बात का भी उल्लेख होता हैं की आपने किसी लोन को पूरी तरीके से बंद किया हैं या उसका सेटेलमेंट किया हैं ! ऐसे में यदि आपने पिछले कुछ लोन का सिर्फ सेटेलमेंट किया हैं तो नया लोन मिलने में आपको समस्या आ सकती हैं क्योकि सेतेलेमेंट को बैंक और फाइनेंस कम्पनी ठीक नहीं मानती हैं इसलिए आप यदि किसी लोन को बंद करना चाह रहे हैं तो उसके सम्पूर्ण बकाया को ख़त्म करे न की लोन सेटेलमेंट  करके उस लोन को ख़त्म किया जाये ! क्योकि सेटेलमेंट किये गए लोन आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सेटेलमेंट फ्लेग  ही करेगा वो क्लोज स्टेट्स में नहीं होगा ! तो अगर आप कोई लोन बंद करना चाह रहे हैं तो उसे पूरी तरह से बंद करे बजाये सेटेलमेंट करने के इससे आपके क्रेडिट स्कोर को सुधारने में  सहायता मिलेगी ! 

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क्रेडिट रिपोर्ट की गलतियों का ध्यान 


बहुत से लोगो की मेरे पास क्वेरी आती हैं की कोई लोन हमने नहीं लिया फिर भी वो हमारी क्रेडिट रिपोर्ट में दिख रहा हैं  और उस लोन के अनियमित भुगतान के कारण हमारा क्रेडिट स्कोर खराब हो गया हैं ! इसे रिपोर्ट में वेरिएशन कहा जता हैं ! इसलिए आपको चाहिये की आप समय समय पे अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहे और किसी प्रकार की गलती पायी जाने पर उसका क्रेडिट ब्यूरो को सिबिल डिस्प्यूट  भेजे ! अगर अनचाहे लोन की वजह से आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो रहा हैं  तो याद रखे एक बार क्रेडिट स्कोर के खराब हो जाने पर  उसमे सुधार कर पाना आपके लिए मुश्किल हो सकता हैं ! 

उपयोगी लिंक 

क्रेडिट लिमिट का उपयोग 

खराब क्रेडिट स्कोर का सबसे बड़ा कारण हैं की असंतुलित तरीके से क्रेडिट कार्ड लिमिट का उपयोग किया जाना ! दोस्तों हर क्रेडिट कार्ड पर हमें एक लिमिट दी जाती हैं उस लिमिट का हम कितना उपयोग करे हैं उसपे भी ये निर्धारित होता हैं की आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ेगा  या सुधरेगा ! अगर आप महीने में अपनी क्रेडिट लिमिट का सिर्फ 40% तक का उपयोग करते हैं तो ये आपके क्रेडिट स्कोर के लिए अच्छा होता हैं ! उदाहरण के लिए समझे की अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 10000 रूपये हैं और आप 4000 रूपये से ज्यादा हर महीने यूज करते हैं तो ये खराब क्रेडिट स्कोर का संकेत हैं इससे आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़ता चला जाएगा इसलिए इस आदत को जल्द से जल्द सुधारे और अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चो को संतुलित करे ! 


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शून्य क्रेडिट हिस्ट्री 

कई लोगो ने पहले कभी भी लोन नहीं लिया होता हैं ऐसे में उन लोगो की धारणा होती हैं की उनको आसानी से लोन मिल सकता हैं लेकिन यहाँ ध्यान रखे यदि आपका क्रेडिट स्कोर शून्य हैं  तो आपको लोन मिलने में समस्या आसक्ति हैं ! शून्य क्रेडिट स्कोर या मायनस क्रेडिट स्कोर का मतलब  ये हैं की बैंक इस असमंजस में हैं की आपको लोन देना सही हैं या नहीं ! तो ऐसे में तभी लोन संभव होता हैं जब आपकी आय का स्थायी सोर्स मौझुद हो इसके अलावा यदि लोन स्कयोर हैं तो भी आपको लोन मिलने के चांसेस हो सकते हैं ! तो ध्यान रखे कोशिश करे की आपका कोई लोन या क्रेडिट कार्ड हमेशा चलता रहे भले ही आप उसका सिमित उपयोग करते हो लेकिन ऐसा करने से आपके क्रेडिट स्कोर में सुधार होता हैं !

क्रेडिट लिमिट इनक्रीज करवाना 

कई बार देखने में आता हैं की लोग बार बार अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट को इनक्रीज करते रहते हैं इससे उनके क्रेडिट कार्ड के संचालन की अनियमितता देखने को मिलती हैं ! ऐसा करने से जहा एक और आपके ऊपर क्रेडिट लिमिट का बोझ बढेगा वही आपको ये भी ध्यान रखना होगा की बढ़ी हुई लिमिट के भुगतान की जवाबदारी भी आप ही की होती हैं ऐसे में यदि ज्यादा क्रेडिट लिमिट होगी तो खर्चे भी ज्यादा होंगे और उन खर्चो के भुगतान का भार भी ज्यादा ऐसा होने पे संभव हैं की आप किसी महीने क्रेडिट ड्यू का भुगतान न कर पाए और ऐसा करने पे आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाये !


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लोन आवेदन करते समय 

किसी भी तरह का लोन आवेदन करते समय अपना क्रेडिट स्कोर चेक जरुर करे ताकि आपको ये ध्यान रहे की आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा हैं या आपका क्रेडिट स्कोर खराब हैं ! अच्छे क्रेडिट स्कोर की मदद  से आप बैंक से कम ब्याज दर, सिक्युरिटी आदि मुद्दों के साथ ही साथ प्रक्रिया शुल्क में रियायत पा सकते हैं !


तो दोस्तों ये थी जानकारी खराब क्रेडिट स्कोर को कैसे सुधारे  से सम्बंधित ! यदि आपका भी क्रेडिट स्कोर बिगड़ा हुआ हैं  तो आप इस जानकारी की मदद से और इन टिप्स को फोलो करके अपने बिगड़े क्रेडिट स्कोर को सुधार सकते हैं ! दोस्तों हो सकता हैं आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार का भी सिबिल या क्रेडिट स्कोर बिगड़ा हुआ हो तो इन टिप्स को उन्हें व्हाट्सएप करके शेयर कर दीजिये जिनसे उनके भी क्रेडिट स्कोर सुधरने के चांसेस बढ़ जाये ! इसके अलावा यदि खराब क्रेडिट स्कोर को सुधारने को लेकर  आपके मन में कोई भी सवाल हैं तो हमें कमेंट्स करे ! उम्मीद करता हूँ आपको ये जानकारी जरुर पसंद आयी होगी और अगर हाँ तो ब्लॉग को लाइक और सबस्क्राइब जरुर करे क्योकि ऐसे ही आर्टिकल मैं आपके लिए लाता रहता हूँ ! हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद 

रविवार, 23 जून 2019

Credit Score और Credit Report के बीच क्या है अंतर | What is Different With Credit Score and CIBIL Score

Credit Score और Credit Report के बीच क्या है अंतर | What is Different With Credit Score and CIBIL Score


Credit Report क्या हैं ?  | Credit Score क्या हैं ?

दोस्तों, Credit Card उपयोग करने वाले ग्राहक Credit Score से परिचित हैं ! चाहें Credit Card के उपयोग की बात हो या बैंक से Loan लेने की बात आए Credit Score का बड़ा महत्व है ! इसी के जरिए आपके Loan मिलने का रास्ता साफ होता है, साथ ही आपको कितना Loan मिलेगा यह भी तय होता है ! कई बार लोग Credit Score और Credit Report में कंफ्यूज रहते हैं ! हालांकि दोस्तों Credit Score फिर भी जाना पहचाना नाम है लेकिन जब बात Credit Report की आती है तो लोग यहां थोड़ा अटक से जाते हैं ! आज हम इस आर्टिकल में आपको Credit Score और Credit Report के बारे में बता रहे हैं !

दोस्तों, Credit Report में आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में पूरी इन्फोर्मेशन होती है ! इसमें आपकी निजी इन्फोर्मेशन से लेकर कॉन्टैक्ट का डिटेल, आप कहां जॉब करते हैं, Loan खाता, क्रेडिट का ब्योरा शामिल होता है ! Credit Report तैयार करने के लिए आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के पिछले 36 महीनों को देखा जाता है !

दोस्तों. Credit Score तीन अंको से तय होता है ! इससे यह इन्फोर्मेशन मिलती है कि आपने जो Loan लिया है उसका पेमेंट टाइम से किया है या नहीं, आप कभी Loan से चूके तो नहीं, आपने इंटरेस्ट का पेमेंट पूरा किया है ! आपने सभी अमाउंट एक बार ही अदा कर दिया है या मिनिमम ड्यू अमाउंट चुकाया है ! इन सभी की हर इन्फोर्मेशन Credit Score में होती है !

Credit Score इस बात पर निर्भर करता है कि पिछले 24 महीनों में आपने लोन के पेमेंट में कैसा व्यवहार अपनाया हैं ! Credit Score तैयार करने के लिए कस्टमर के छह महीने से ज्यादा की क्रेडिट इंफॉर्मेशन जरूरी है ! Credit Score 300 और 900 के बीच होता है ! 900 के करीब वाले स्कोर को Loan के लिए अच्छा माना जाता है !
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शुक्रवार, 21 जून 2019

अपने Credit Score का रखें खयाल, इससे पता चलती है आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी

अपने Credit Score का रखें खयाल, इससे पता चलती है आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी

अपने Credit Score का रखें खयाल, इससे पता चलती है आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी

आपने कितना और किस टाइप का लोन ले रखा है, कितनी किश्त आप जमा करते है, आप समय पर ईएमआई चुका रहे हैं या नहीं चुका पा रहे हैं, यह सारी इन्फोर्मेशन आपकी Credit Report में मौजूद होती है ! यही Credit Report बताती है कि आप लोन चुकाने के मामले में भरोसेमंद हैं या नहीं ! इसी क्रेडिट रिपोर्ट या स्कोर के आधार पर फाइनेंस कंपनियां और बैंक तय करती हैं कि वे आपको नया लोन देंगी भी या नहीं ! इसका मतलब ये हैं कि, क्रेडिट रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी रिपोर्ट है ! ऐसे में अगर आपका Credit Score ठीक नहीं है, तो उसे आज से और अभी से ही सुधारना शुरू कर दें, वरना आगे आपको लोन लेने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है ! 

क्या होता है Credit Score?

यह ऐसा नंबर होता है जो किसी कस्टमर की क्रेडिट हिस्ट्री पर आधारित होता है ! और इससे उसकी लोन की इलेजिबिलिटी का आंकलन किया जाता है ! पर्सनल लोन,होम लोन,बिजनेस लोन,क्रेडिट कार्ड,कंज्यूमर लोन,वाहन लोन आदि सभी प्रकार के लोन देने वाली फाइनेंस कंपनियां और बैंक इसी क्रेडिट स्कोर के आधार पर जांचते हैं कि आप आपके लिए जा रहे लोन को समय रहते जमा करेंगे या नहीं ? किसी भी आदमी का Credit Score 300 पॉइंट से 850 पॉइंट के बीच रहता है ! यह स्कोर जितना ज्यादा होता है, व्यक्ति को उतना ज्यादा लोन देने के लिए भरोसेमंद माना जा सकता है ! 

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क्रेडिट रेटिंग बताती हैं आपकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी या लोन पुनर्भुगतान की स्थिति

अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 पॉइंट या इससे ज्यादा हैं तो इसे
बहुत अच्छा माना जाता हैं !
अगर आपका क्रेडिट स्कोर 700 से 749: तो इसे
अच्छा माना जाता हैं !
अगर आपका क्रेडिट स्कोर 650 से 699: तो इसे
ठीक माना जाता हैं !
अगर आपका क्रेडिट स्कोर 550 से 649: तो इसे
खराब माना जाता हैं !
अगर आपका क्रेडिट स्कोर 550 से नीचे: तो इसे
बहुत खराब माना जाता हैं !

आप ऐसे सुधार संकते हैं Credit Report

अगर आपकी  Credit Report ठीक नहीं है तो आप कुछ स्टेप उठाकर ठीक कर सकते हैं-

अपने सभी क्रेडिट कार्ड के ड्यू और अन्य बिलों का भुगतान समय पर करें !
अगर आपकी क्रेडिट कार्ड की या बैंक की क्रेडिट लिमिट बढ़ सके तो उसे बढ़वा लें ! हालांकि ध्यान रहे कि आपको उसका उपयोग ज्यादा नहीं करना हैं, ताकि आपके क्रेडिट कार्ड में खर्च की रेट कम रहे !
अगर आपने किसी क्रेडिट कार्ड को इस्तेमाल करना बंद भी कर दिया है तब भी उस अकाउंट को बंद न करें ! कार्ड कितना पुराना है और उसमें कितनी लिमिट है उसके हिसाब से अगर आप अकाउंट बंद करते हैं तो आपके Credit Score को नुकसान पहुंचता है !

क्या आप जानते हैं अच्छे Credit Score से मिलते हैं बड़े फायदे

अगर आपका Credit Score अच्छा है तो आपको कई फाइनेंस कंपनियों / बैंक से कम ब्याज दरों पर लोन मिल सकता है ! इसका सीधा मतलब यह हुआ कि जितना अच्छा Credit Score होगा उतना कम ब्याज चुकाना होगा ! यानी अपने लिए घर-गाड़ी खरीदना, कोई फॉरेन ट्रिप प्लान करना, शादी के बाद बच्चों की बेहतर शिक्षा के इंतजाम और उनकी शादी के लिए धन जुटाने जैसी जरूरतों को लोन के माध्यम से पूरा कर पाएंगे !