LOANS INFO HINDI

सभी प्रकार के LOAN की जानकारी के साथ CREDIT SCORE,खराब क्रेडिट स्कोर आदि की जानकारी, इसी के साथ होम लोन,पर्सनल लोन,बिजनेस लोन,तत्काल लोन, एजुकेशन लोन,इमरजेंसी लोन की बारीकियो को समझे

1/22/2020

Term Loan Ki Jankari | टर्म Loan की 5 महत्वपूर्ण जानकारी

1/22/2020 0

Term Loan Ki Jankari | टर्म Loan की 5 महत्वपूर्ण जानकारी

Term Loan Ki Jankari, term loan ki jankari hindi me, term loan kise kahate hain, term loan hindi meaning, term loan meaning with example in hindi, term loan kya hai, term loan kya hota hai, term loan eligibility, rural term loan


Term Loan Ki Jankari | टर्म Loan की 5 महत्वपूर्ण जानकारी - छोटे उपक्रमों के Business के Improvement के लिए हमेशा Loan की जरुरत पड़ती रहती हैं. Term Loan ऐसी ही Needs को पूरा करने का काम करता हैं. Business की जरुरतो को ध्यान में रखकर Term Loan को शोर्ट या लॉन्ग Term के लिए लिया जा सकता हैं. Business की जरुरतो को ध्यान में रखकर इस तरह के Loan को लम्बे या छोटे पीरियड तक लिया जा सकता हैं. किन्तु, क्या आप टर्म Loan की जानकारी जानते हैं ? क्या आप Term Loan के नियमो  से अवगत हैं ? साथ ही क्या आपको पता हैं Term Loan का ब्याज कितना होता हैं. अगर नहीं, तो आप हम आपको Term Loan की जानकारी  देने जा रहे हैं.

Term Loan किन उपयोगो के लिए लिया जाता हैं

Term Loan की जानकारी  में सबसे पहले इसके इनके उपयोग की जानकारी आपके पास होना जरुरी हैं. तो Term Loan आप किसी कमर्शियल लेंड को लेने, Business से जुडी मशीनों और ओजारो को खरीदने या व्यवसायीक वाहनों को खरीदने के साथ ही साथ किसी निर्माण में होने वाले खर्चो के लिए भी इस तरह का Loan ले सकते हैं. Term Loan की मदद से आप अपने Business को तेजी से ग्रो कर सकते हैं.

Term Loan की अवधि

Term Loan की अवधि  के विषय में यहाँ आपको ये बात ध्यान रखना चाहिये की इस तरह के Loan शोर्ट और लॉन्ग टर्म के लिए दिए जा सकते हैं. शोर्ट Term में आप इसे कम से कम 5 वर्ष तक चुका सकते हैं वही लॉन्ग Term में आप इसे 10 से 15 वर्षो तक भी जमा कर सकते हैं. लम्बी अवधि के Term Loan सामन्यत: जो प्रोडक्ट निर्माण से जुडी इंडस्ट्री तथा व्यापार से जुड़े उपक्रमों को दिए जाते हैं.

Bank Term Loan kaise deti hai

आपके मन में ये सवाल आ सकता हैं की बैंक टर्म Loan कैसे देती हैं, तो यहाँ ध्यान रखे की Term Loan देने के पूर्व बैंक समस्त वेरिफिकेशन करती हैं जैसे आपके Business से जुड़े प्रोजेक्ट का प्रकार उसका वेल्युवेशन आदि इसी के साथ बैंक उन समस्त टेक्निकलीटी को भी ध्यान में रखती हैं जो आपके Business से जुडी होती हैं. सारे वेरिफिकेशन और चेकिंग के बाद ही Term Loan सेंशन किया जाता हैं.

Term Loan par interest rate

Term Loan पर इंटरेस्ट  की बात की जाए तो यह विभिन्न आधारों पर तय होती हैं जैसे Business प्रोजेक्ट कितना जोखिमयुक्त हैं, Loan का अमाउंट कितना ज्यादा या कम हैं और Loan का Term कितने समय का हैं इसके अलावा Term Loan लेने वाले Business उपक्रम का क्रेडिट इतिहास कैसा हैं आदि, बैंक के अपने नियम के तहत भी इसके ब्याज का निर्धारण होता हैं.

Term loan for import export business

आखरी बात आपको ध्यान रखना चाहिये की टर्म Loan इम्पोर्ट एक्सपोर्ट से जुड़े Business के लिए भी लिया जा सकता हैं बैंक भारतीय मुद्रा को विदेशी मुद्रा पर भी Term Loan स्वीकृत करती हैं लेकिन यह आपके Business मॉडल और बैंक के Term Loan के नियमो के अधीन होता हैं.

उम्मीद हैं आपको Term Loan Ki Jankari समझ आयी होगी, आप इस जानकारी की मदद से Term Loan को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं. लेकिन ध्यान रखे इस तरह के Loan आवेदन करने के पूर्व Term Loan Ki Jankari आपको एक बार स्थानीय बैंक से भी ले लेना आवश्यक हैं और अपने Business से जुड़े दस्तावेजो को बैंक को दिखाकर ही Term Loan लेने की तेयारी करना चाहिये.

1/21/2020

LOAN LENE KE NAYE NIYAM | NEW RULE FOR TAKING LOANS IN HINDI 2020

1/21/2020 0

LOAN LENE KE NAYE NIYAM | NEW RULE FOR TAKING LOANS IN HINDI 2020

LOAN LENE KE NAYE NIYAM,NEW RULE FOR TAKING LOANS IN HINDI 2020,loan lene ke niyam, bank se loan lene ke niyam, home loan lene ke niyam, mudra loan lene ke niyam, personal loan lene ke niyam


LOAN LENE KE NAYE NIYAM | NEW RULE FOR TAKING LOANS IN HINDI 2020 - विगत वर्ष तक Private employees को उनके कार्यालय में जाकर Loan देने वाले Bank अब सख्त Loan Lene ke naye niyam बना रहे हैं. अब तक Private employees को उनकी वेतन स्लिप और Bank खाते के स्टेटमेंट को देकर Asani se Loan मिल जाता था, किन्तु अब Job करने वालो को जहा वे काम करते हैं यानि company से एक Promissory note साइन करवा कर देना पड़ेगा. इसके विपरीत और भी कई ऐसे Loan lene ke naye niyam बनाए जा रहे हैं जो Private employees के लिए Loan को लेना काफी कठिन बना सकता हैं.

HR Promissory Note पर ही मिलेगा LOAN

अब Employer को Promissory Note में लिखकर देना होगा कि यदि Loan लेने वाला Job से चला गया तो उसके Salary full & final settlement से पूर्व उसके Job छोड़ने की information Bank को उपलब्ध कराना होगी. यदि Loan लेने वाले को कही और नई Job मिल रही है, तो उसे कहां Job मिल रही है यह information भी Bank अपने पास रखेगा. यदि उसे लम्बे समय तक किसी Job मिलने की कोई स्थिति न नजर आये तो Bank उसके Loan की वसूली के लिए उसकी दूसरी प्रॉपर्टी की information भी लेंगे.

पहले यह थे Loan Lene Ke Niyam

एक और Job करने वालों अपनी company की सामान्य Information के साथ वेतन स्लिप ही Loan लेते समय महत्वपूर्ण दस्तावेज मान लिया जाता था तथा दूसरी और किसी भी तरह की Job बदलने की Information आवश्यक नहीं थी और न ही किसी तरह की HR ग्यारंटी की आवश्यकता थी. इसी के साथ यदि कोई बिजनेस में होता था तो तीन साल के CA द्वारा सत्यापित इनकम टैक्स रिटर्न के आधार पर Loan आसानी से  मिल जाता था.

अब Loan Lene Ke Naye Niyam क्या होंगे

Bank Loan लेने के नियमो  को सख्त करके वेतन स्लिप को एम्प्लायर से वेरीफाई करेगी जिससे की सेलेरी की सही Information Bank को स्पष्ट हो पाए. Loan Application करने वाले सेलेरी का क्रोस वेरिफिकेशन Bank स्टेटमेंट से किया जाएगा की उसके द्वारा बताई गयी सेलेरी Bank में प्रतिमाह आ रही हैं या नहीं. इन वेरिफिकेशनस के साथ ही साथ Employer को Promissory Note देना होगा की Loan के लिए आवेदन  करने वाला उनके यहाँ Job करता हैं. इस प्रमाण पत्र में एम्प्लायर यह वचन देगा की Loan लेने वाला जब भी Job छोड़ेगा उसकी Information वह Bank को उपलब्ध कराएगा और साथ ही उसकी सेलेरी का बचा हुआ Salary Settlement Bank को बताये बगेर नहीं करेगा. इसके अलावा Bank अब अन्य व्यक्ति की ग्यारंटी Loan लेने के लिए नहीं मांगेगा.

Business Loan Len Ke Liye Niyam नए बनाए जा रहें हैं

बिजनेस करने वालो को जहा पहले Loan लेने के  लिए सिर्फ इनकम टेक्स रीटर्न के साथ बेलेंसशीट के साथ बिजनेस से जुड़े कोटेशन देने पड़ते थे जो की सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती थी. इसी के साथ Business Loan Process को सख्त करते हुए Bank अब दी गयी इनकम की Information को बिजनेस करने वाले के Bank खाते से भी क्रोस चेक करेगा.इसके अलावा verification कोटेशन का भी होगा की इतना खर्चा Business के लिए आयेगा या नहीं.

नए Loan ke Niyam का असर

वर्तमान वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर जानकार मान रहे हैं की भारतीय इकोनोमी को वित्तीय सपोर्ट की आवश्यकता हैं, ऐसे में यदि Bank Loan Lene Ke Niyam सकत करती हैं तो लोगो को Loan मिलना मुश्किल होगा जरुरी नहीं की सभी गवर्मेंट Job ही करते हों. Bank को सकती की बजाये Loan लेने की प्रक्रिया और Loan लेने के नियम  को सरल बनाना चाहिये.

Loan लेने के नए नियम से Interest दर सस्ती होगी

वैसे सच्चाई देखि जाए तो Bank Loan के नियम  पहले भी सख्त थे लेकिन Bank को ज्यादा फायदा पहुचाने के चक्कर में Bank Officer ज्यादा Interest देकर Loan सेंशन कर दिया करते थे.अब तेजी से Loan डिफाल्टर बढ़ने पर Loan लेने के नियमो का गंभीरता से पालान कर रहे हैं तथा Loan लेने वाले के एप्लोयर द्वारा दी गए वचन पत्र के बाद ऐसा माना जा सकता हैं अब Loan पर Interest दर में कमी आएगी और कम Interest पर Loan मिल सकेगा.

Loan देने के नियमो को तोड़ने पर Officers पर Action

हाल ही में विभिन्न Bank के ऑडिट में ये सामने आया हैं की Bank Officer कार्पोरेट Loan के साथ ही साथ रिटेल Loan देने में भी नियमो  का पालन नहीं करते थे जिसका खामियाजा Bank को NPA के रूप में भुगतना पड़ता था. लेकिन अब Bank Loan के नए नियमो  में Loan Sanction करने वाले Officer की जिम्मेदारी तय की जाएगी और स्वीकृति के नियमो के विरुद्ध यदि Loan होता हैं तो Officer पर कार्यवाही हो सकती .

1/20/2020

HOME LOAN न चुका पाने पर क्या करें इन हिंदी | HOW TO MANAGE HOME LOAN EMI HINDI

1/20/2020 0

HOME LOAN न चुका पाने पर क्या करें इन हिंदी | HOW TO MANAGE HOME LOAN EMI HINDI

home loan na chuka pane par kya kare in hindi, home loan na chuka pane par, tips for home loan repayment hindi, how to manage home loan emi hindi, how to manage home loan burden hindi, how to manage home loan india, how to manage home loan in less salary, job chale jane par home loan kaise jama kare in hindi, can we stop home loan emi for few months, can home loan emi be stopped

home loan na chuka pane par kya kare in hindi | how to manage home loan emi hindi - दोस्तों क्या आपके ऊपर home loan burden सहित दूसरे Loan को जमा करने की जवाबदारिया हैं ? क्या इन समस्त प्रकार के Loan की Installment को जमा करने में आपको परेशानिया महसूस हो रही हैं ? तो आपको घबराने की बिलकुल जरुरत नहीं हैं क्योकि इसका Solution है .ऐसी स्थिति में ऐसे तमाम Options हैं जिनसे आपकी Loan को जमा करने की समस्या से छुटकारा मिल सकता. होम Loan की Installment के भुगतान की असमर्थता में सबसे पहले आपको जानना होगा की यदि आप Home Loan ki kisht nahi jama kar paate to kya hota hai.

होम Loan की किश्त नहीं जमा कर पाते तो क्या होता हैं ?

अगर मकान खरीदने के लिए Bank या HFC’s से Home Loan लिया है तो वे आपकी किश्त नहीं आने पर रिकवरी के लिए कई तरह के प्रोसेस को अपना सकते हैं. चुकी Home Loan पूरी तरह से सिक्योर्ड Loan की केटगेरी में आता हैं. अर्थात इस तरह के Loan में आपकी प्रॉपर्टी पर Loan देने वाले Bank या फाइनेंस कम्पनी का मालिकाना बंधन होता है, जब तक कि Home Loan का Amount रिपे नहीं हो जाता तब तक प्रॉपर्टी होम Loan देने वाले के पास बंधक होती हैं.
home loan na chuka pane par kya kare in hindi | how to manage home loan emi hindi - इसके अलावा आपको यह ध्यान रखना चाहिये कि, यदि कोई लगातार तीन महीने यानि 90 दिनों तक Home Loan की किस्त जमा नहीं कर पाटा हैं  तो सरफेसी एक्ट - 2002 के अधिनियमों के तहत Loan देने वाले Bank या हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी को बकाया Loan Amount की वसूली करने के लिए मकान की नीलामी Process शुरू करने का सम्पूर्ण अधिकार होता है.

होम Loan की EMI चूकने पर Loan Defaulter होने से Credit Score भी घटता हैं. जिससे जब भी कोई भविष्य में Loan लेने की सोचता हैं उसके लोए Loan लेना मुश्किल हो जाता हैं. लेकिन आज हम बताने वाले हैं की Loan डिफाल्टर बनने से पहले ही कुछ टिप्स को अपनाकर तथा मुश्किल हालात में Home Loan EMI पेमेंट को नियमित करने के क्या option हो सकते हैं ताकि आप न तो Legal Process में फसकर आपकी Property नीलाम न हो और न ही आपका Credit Score Kharab हो जाए.

होम Loan की Installment का नियमित भुगतान इमर्जेंसी फंड से करें

Manage home loan in less salary - कई बार इनकम के नियमित सोर्स में कमी के कारण आपका होम Loan रीपेमेंट गड़बड़ा सकता हैं. ऐसा सभव हैं तब जबकि किसी की Job चली जाए और उसके पास income का कोइ scorce न बचे. ऐसे में कोई होम Loan की किश्त जितना अमाउंट सेविंग अकाउंट में रखकर अथवा फिक्स डिपोजिट जैसे अथवा SIP जैसी इन्वेस्टमेंट के आधार पर अपना इमरजेंसी फंड तेयार कर सकते हैं. ऐसा फंड आपको तब तेयार करना चाहिये जब आपकी जॉब नियमित चल रही हो तथा अपनी सेलेरी का कम से कम 6 गुना तक का निवेश इसमें करना चाहिये ताकि Job chali janne par home loan ko manage कर सकें.

होम Loan के साथ Home Loan Insurance लें

आज जब भी कोई होम Loan लेने जाता हैं तो Bank या हाउसिंग फाइनेंस कपनी उससे होम Loan के कवर पर बीमे का अनुरोध करती हैं लेकिन ये आपके Loan की रिस्क को कवर करता हैं इसी के साथ आपको छोटी अवधि का HOME LOAN EMI INSURANCE COVER भी ले लेना चाहिये. यह बीमा कवर आपकी जॉब चली जाने पर आपके होम Loan की Installment को नियमित रखने में आपको मदद कर सकता हैं.

लाइफ स्टाइल से जुडी सम्पत्ति बेचकर जुटाए अमाउंट

स्थिति अगर यहाँ तक खराब हो जाए की JOB भी चली गयी हैं कोई Income का Second Scorce भी नहीं बचा हैं साथ ही आपकी जितनी Saving थी वो भी खत्म हो चुकी हैं ऐसे में आपके पास Home Loan को Regular करने के लिए अन्य रास्ते तलाशना आवश्यक हैं इस तलाश को आप अपनी लाइफ स्टाइल से जुडी सम्पत्तियों को बेच कर ख़त्म कर सकते हैं जैसे आपके पास यदि सोना,चांदी, मेनगे गेजेट्स,लग्जरी प्रोडक्ट तथा अन्य चीजो को बेचकर अमाउंट जुटा सकते हैं इससे न केवल आपको Installment को जमा करने में आसानी होगी बल्कि आप इस Fund के Amount से Long Time के लिए Invest करके Future को भी Secure कर सकते हैं. इसके अलावा Home Loan EMI जमा करने  में बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं और आपको लगता हैं की आपकी इनकम की समस्या लम्बे समय तक चलने वाली हैं तो इन्ही पैसो से आपको होम Loan का पार्ट पेमेंट करके किश्त का अमाउंट घटाने का प्रयास करना चाहिये.

Bank या हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी से होम Loan Repayment के विषय में बात करे

इनकम की समस्या यदि सच में गंभीर हैं और आपके पास कही से भी पैसो का अरेंजमेंट होना संभव नहीं हैं तो आपको सीधे होम Loan देने वाली Bank या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी को विभिन्न कारणों से अवगत कराकर Installment के भुगतान के लिए कुछ समय मांगने का अनुरोध करना चाहिये . Bank आपके पुराने रिकार्ड को देख सकते हैं और ऐसा कर सकते हैं या आपके रिकार्ड के आधार पर आपको होम Loan नियमित करने का कोई न कोई रास्ता अवश्य बता सकते हैं . वैसे Bank / HFC’s के पास कुछ Options होते हैं जिन्हें हम निचे उल्लेखित कर रहे हैं .

Home loan emi grace period In HINDI

आपके रिकोर्ड के आधार पर Bank आपको कुछ महीनो का ग्रेस पीरियड (stop home loan emi for few months ) दे सकती हैं ताकि आप अपनी तात्कालिक वित्तीय स्थिति को संभाल कर फिर से होम Loan को नियमित जमा कर सकते लेकीन यह पूर्णत Bank या वित्तीय कम्पनी पर निर्भर करता हैं .

Home Loan refinance in Hindi

यदि आपका पुराना रिकार्ड सही हैं तो Bank आपको Home Loan refinance Option भी दे सकती हैं जिसमे आपको आपके बचे हुए Loan पर फिर से EMI निर्धारित करके दी जा सकती हैं साथ ही Bank चाहे तो आपको कुछ और पैसा भी दे सकती हैं .

home loan restructuring in Hindi

खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए Bank आपके होम Loan के रीपेमेंट रिकोर्ड तथा आपकी उम्र तथा अन्य मापडंडो के आधार पर home loan restructuring करके आपकी Home Loan ki kisht ko kam karke भुगतान की समयअवधि बढ़ा सकती हैं .

Reset home loan interest

Bank अपनी शर्तो के साथ वर्तमान होम Loan को कम ब्याज पर ला सकता हैं यह ब्याज दर पब्लिश्ड रेट ग्रिड के आधार पर नॉन डिस्क्रिमनेटरी रेट ऑफर के तहत Bank ऐसा कर सकते हैं .

तो ये थे कुछ ऐसे टिप्स जिसके आधार पर आप home loan na chuka pane par इन टिप्स को अपनाकर अपने Home Loan ko Reguler बनाए रख सकते हैं साथ ही नीलामी या Poor credit Score से बच सकते हैं . उम्मीद हैं आपको अपने home loan irregular को regular home loan karne ke कुछ महत्वपूर्ण ऑप्शन मिले होंगे आप इनका अनुसरण कर सकते हैं लेकिन ध्यान रखे Bank से खराब होम Loan रीपेमेंट के विषय में  बात करते समय ध्यान रखे की ये पूर्णतया आपके पुराने रिकार्ड और Bank की अपनी संस्थागत पालिसी पर निर्भर करता हैं धन्यवाद .

12/21/2019

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi

12/21/2019 0

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi

indian law for loan defaulters in hindi,personal loan default hindi,bank loan recovery process in hindi,bank loan recovery rules in hindi,personal loan defaulters punishment,car loan defaulter legal action,personal loan defaulter law in india,personal loan na chuka pane par,Personal Loan defaulter legal action in Hindi, personal loan na chuka pane par kya hoga, personal loan na dene par, personal loan defaulters punishment in hindi, personal loan defaulters punishment, personal loan defaulter law in india in hindi


Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi – Personal Loan नहीं चुकाया जाना किसी भी हालात में ठीक नहीं हो सकता . लेकिन परिस्थितियों के के कारण चलते Loan का Defaulter होना संभव हैं. और जब कोई Loan नहीं भर पाता तो उसके मन में हमेशा अनेक सवाल रहते हैं. जैसे की Personal Loan न चूका पाने पर क्या होगा . Personal Loan नहीं जमा करने पर क्या लीगल कार्यवाही होती हैं, Personal Loan नहीं भरने पर जैल  होगी क्या . या इन सवालों के बिच में एक सवाल जो हमेशा खोजा जाता हैं की भारत में Personal Loan defaulter पर क्या लीगल एक्शन  लिया जाता हैं. लेकिन यहाँ आपको एक बात ध्यान रखनी होगी. आधीअधूरी जानकारी न केवल आपको सही लाभ नहीं पहुचायेगी बल्कि आप इस अधूरी जानकारी के कारण Personal Loan defaulter होने पर कैसे बचाव होगा ये भी नहीं समझ पायेंगे.

Personal Loan डिफाल्टर कैसे घोषित होते हैं . | How are personal loan defaulters declared.

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi – Personal Loan defaulter होने के लिए सामान्यत 90 दिनों का समय होता हैं. इसका मतलब ये हैं की यदि कोई व्यक्ति 3 माह से ज्यादा समय तक Personal Loan की EMI का भुगतान करने में असमर्थ होता हैं तो Bank या Finance Company उस व्यक्ति के Loan Account को NPA यानी Non performing assets घोषित कर देती हैं और उसके बाद अन्य कार्यवाही शुरू की जाती हैं. जिसकी बात हम आगे करेंगे, हालंकि Personal Loan अनसिक्योर Loan होता हैं तो बैंक या फाइनेंस कम्पनी के ये संस्थागत नियम भी हो सकते हैं की वो आपको एक महीने की किश्त के Due होने पर भी Recovery करने का notice थमा सकते हैं. हालांकि ये RBI के नियमो के विरुद्ध हैं लेकिन RBI ने डिफाल्टर के सम्बन्ध में BANK को विशेष अधिकार भी दे रखे हैं. वेसे आज हम जिस पॉइंट पे बात करने जा रहे हैं उसके अंतर्गत bank या Finance Company किन किन कदमो को उठा सकती हैं यदि कोई Personal Loan defaulter करता हैं तो.

Personal Loan डिफाल्टर पर कानूनी कार्यवाही -1 | Legal proceedings on personal loan defaulters-1

चुकी Personal Loan एक असुरक्षित ऋण की श्रेणी में आता हैं लेकिन जब आप Bank या Finance Company से loan लिया जाता हैं तब Loan की स्वीकृति के बाद एक Loan एग्रीमेंट को हस्ताक्षरित करना आवश्यक होता हैं जो loan लेने वाले और बैंक/फाइनेंस कम्पनी के मध्य होता हैं. उपरोक्त Loan Agreement भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 के तहत किया जाता हैं तथा उक्त एग्रीमेंट में Loan देने और लेने की शर्तो के साथ ही इसके Loan Repayment की शर्ते / terms भी उल्लेखित होती हैं. जैसे Personal Loan की राशी समय पर नहीं जमा की जाती तो क्या होता हैं  यदि Loan लेने वाला लंबित समय तक Loan का भुगतान नहीं करता तो क्या क्या बैंक/फाइनेंस कम्पनी को अधिकार होंगे. इन शर्तो के अलावा कई ऐसी शर्ते होती हैं जो आपको Loan चुकाने के लिए प्रतिबन्ध बनाती हैं तथा इस एग्रीमेंट की शर्तो के लिए बाध्य रखती हैं. जब कोई व्यक्ति लम्बे समय के लिए Personal Loan को जमा नहीं करता  तो उक्त Loan Account irregular Loan की श्रेणीं में आजाता हैं और इस अनियमितता को उक्त Loan Agreement का उल्लंघन माना जाता हैं. Loan अनुबंध के उलंघन के चलते बैंक या किसी भी वित्तीय संस्था को डिफाल्टर व्यक्ति के खिलाफ Legal Action करने का अधिकार प्राप्त हो जाता हैं. इस कानूनी कार्यवाही personal loan defaulter law in india in hindi की प्रक्रिया के चलते शुरुवाती चरण में बैंक या फाइनेंस कम्पनी द्वारा Personal Loan डिफाल्टर को लीगल नोटिस  भेजा जाता हैं जिस Legal Notice में Loan के अनियमित भुगतान के साथ ही साथ Loan डिफाल्टर पर कानूनी कार्यवाही क्या किया जाना हैं इसकी जानकारी उल्लेखित होती हैं इतना ही नहीं इस नोटिस में कानूनी कार्यवाही की जानकारी के साथ ही साथ इस Legal Process के एक Loan डिफाल्टर को क्या क्या परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं इसका भी उल्लेख किया जाता हैं. Personal Loan defaulter को भेजे गए इस लीगल नोटिस में बैंक कुछ समय की मियाद का भी निर्धारण करती हैं जिसमे यह स्पष्ट निर्देश होता हैं की इस समयावधि के चले जाने के बाद बैंक/कम्पनी Personal Loan defaulter पर नोटिस में उल्लेखित लीगल एक्शन ले सकती हैं. इस नोटिस तथा समयअवधि के गुजर जाने के बाद भी यदि LOAN का भुगतान नहीं किया जाता तो बैंक / फाइनेंस कम्पनी द्वारा अदालत में दावा प्रस्तुत किया जाता हैं उक्त दावे में न केवल LOAN की वसूली की प्रार्थना की जाती हैं बल्कि अदालत से कानूनी खर्च आदि तथा अन्य पेनेल्टी कि वसुली भी Personal Loan defaulter से की जाए ऐसी दरख्वास्त की जाती हैं. personal loan defaulters punishment in hindi.


Personal loan defaulters के विरुद्ध इस दावे का अदालत द्वारा संज्ञान लिया जाता हैं और इसे कार्यवाही आगे बढाने के लिए Court Personal Loan defaulter को NOTICE भेजती हैं. अदालत में Bank या Finance Company का दावा इसलिए भी मजबूत हो जाता हैं क्योकि Bank अदालत में Loan Agreement Terms and Conditions के आधार पर अपना दावा प्रस्तुत करती हैं. कोर्ट में यदि Personal Loan defaulter दोषी पाया जाता हैं अथवा Loan Agreement  की शर्तो उलंघन कोर्ट को देखने को मिलता हैं तो कोर्ट अपना आदेश दे सकती हैं. ( personal loan defaulters punishment in hindi) कोर्ट यह आदेश Loan Agreement  से जुडी शर्तो, Bank और Loan लेने वाले दोनों पक्ष को सुनने के आधार पर देती हैं. इस आदेश में दोषी यानी Personal Loan defaulter को Loan चुकाने का आदेश,किसी सम्पत्ति को Loan चुकाने हेतु जब्ती,अर्थदंड,Loan को चुकता करने के लिए मियाद अथवा टुकडो टुकडो में Bank को पैसा लौटाने का आदेश या कोर्ट को लगता हैं तो दोषी यानि Personal Loan defaulter को जैल  भेजने का आदेश भी सूना सकती हैं. यहाँ ध्यान रखे की कोर्ट द्वारा उक्त कदम उठाये ही जाए यह आवश्यक नहीं, किसी भी आदेश में न्यायालय में चलने वाली कोर्ट की प्रक्रिया, Bank और लोन लेने वाले का पक्ष जानने तथा Loan Agreement  में उल्लेखित शर्तो को आधार माना जाता हैं. 

Personal Loan defaulter पर Legal Action -2

Personal Loan defaulter होने पर Bank या Finance Company द्वारा कई तरीको से Loan की Recovery की जाती हैं. इसमें दुसरा तरिका हैं Loan ग्यारंटर पर Legal Action ( Legal Action on Loan Guarantor ) इस प्रक्रिया को तब अपनाया जाता हैं जब डिफाल्ट हुए Loan में Loan लेने वाले के किसी मित्र या रिश्तेदार अथवा किसी ऐसे व्यक्ति ने जमानत दी हैं जो Loan लेने वाले को जानता हों, वैसे भी कोई व्यक्ति बिना जान पहचान के किसी Loan की ग्यारंटी नहीं दे सकता. इसके अलावा Loan लेने वाला शहर या देश छोड़ चुका हो तब Bank को ऊपर उल्लेखित अनुबंध के अंतर्गत अर्थात भारतीय अनुबंध अधिनियम 1972 की धारा 128 के माध्यम से ये कानूनी अधिकार होता हैं की Bank / Finance Company Personal Loan के ग्यारंटर  पर भी उपरोक्त अधिनियम के अधीन होकर लीगल कार्यवाही करे. इस दशा में भी वही प्रक्रिया अपनाई जाती हैं जो Loan लेने वाले पर Legal Action के दौरान अपनाई जाती हैं और इसमें भी कोर्ट का आदेश सभी आधारों पर तय होता हैं.

Personal Loan defaulter पर Legal Action -3

Personal Loan लेते समय जहा एक और Bank और Finance Company Loan की सुरक्षा के लिए Loan लेने वाले से Loan एग्रीमेंट साइन करवाती हैं वही इसके अलावा Bank या Finance Company Loan लेने वाले से Post Dated Cheque भी जमानत के रूप में अपने पास लेती हैं. इन चेक का उपयोग Bank द्वारा Personal Loan डिफाल्ट होने पर  किया जाता हैं. इस प्रक्रिया में Bank द्वारा Personal Loan का चेक Loan लेने वाले के Bank खाते में प्रेजेंट किया जाता हैं और स्वाभाविक तौर पर एक Loan defaulter के Bank और वो चेक बाउंस हो जाता हैं. चेक का भुगतान न होने पर Loan लेने वाले के खिलाफ Bank परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 या विनिमय साध्य विलेख अधिनियम 1881 (Negotiable Instruments Act, 1881) की धारा 138 के तहत अलग से भी एक्शन ले सकती हैं. इस धारा में Personal Loan defaulter को जैल  हो सकती हैं, Personal Loan defaulter को सजा भी हो सकती हैं अथवा इस धारा के अंतर्गत किसी Bank या Finance Company के Personal Loan defaulter को जुर्माने का भी प्रावधान हैं.

Personal Loan defaulter पर अन्य कार्यवाही

Personal Loan डिफाल्ट हो जाने पर Legal Action  के साथ ही साथ Bank या Finance Company Loan लेने वाले और उस Loan की ग्यारंटी देने वाले की जानकारी क्रेडिट रेटिंग तय करने वाली एजेंसियों को भेजती हैं. इसके परिणाम स्वरुप Personal Loan defaulter तथा उक्त Loan के जमानतदार का CIBIL SCORE KHARAB हो जाता हैं जिससे उन्हें भविष्य में Bank या वित्तीय संस्था से Loan लेना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता हैं.


अंत में कहना चाहेंगे की जो भी Loan ले उसे समय पर चुकाए, Loan defaulter होना न केवल आपके लिए ठीक हैं बल्कि ये आपके बच्चो के भविष्य के लिए भी ठीक नहीं हैं. यदि आप Loan defaulter की Legal Action में उलझे तो न केवल आपको सामजिक अपमान झेलना पडेगा बल्कि जैल तथा अन्य दंड से भी आप बच नहीं सकते संभव हैं की आप इन लीगल एक्शन से बच भी जाते हैं तो भी आपका Credit Score Kharab हो जाएगा और आपको कभी भी Loan नहीं मिल पायेगा यहाँ तक की जब आपके बच्चे महंगी शिक्षा के लिए एजुकेशन Loan हो अथवा आप अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए होम Loan लेने का सोचेंगे तब भी बड़ी समस्या का सामना आपको करना पड़ेगा ही. इसलिए जब भी Loan ले Loan चुकाने की अपनी क्षमता और हर परिस्थित को ध्यान में रखकर Loan ले. 


12/19/2019

kreditbee se loan kaise liya jata hai

12/19/2019 0

Kreditbee se loan kaise liya jata hai

kreditbee loan details in hindi,kreditbee loan amount,kreditbee se loan lene ka tarika,kreditbee loan apply hindi, kreditbee kya hai,kreditbee reviews in hindi, kreditbee 1 lakh loan details in hindi

जब भी हमें Tatkal Loan की जरुरत पड़ती हैं तो हम विभिन्न Bank या Finance company की तरफ loan लेने के लिए भागते हैं लेकिन आज भारत में अनेक Fintech Company's हैं जो आपको आसानी से और Instant Loan देने का दावा कर रही हैं. इन फिन-टेक कम्पनियों में एक कम्पनी या Mobil App हैं kreditbee . क्रेडिट बी तेजी से लोकप्रिय एक मोबाइल एप हैं जिसकी मदद से लोग आसानी से तत्काल Loan ले रहे हैं.

kreditbee क्या हैं .

kreditbee एक ऐसा Online Loan Protal हैं जिसके माध्यम से लोग आसानी से 1 हजार से ज्यादा का Instant Loan ले सकते हैं. इस Loan को लेकर चुकाए जाने का समय अधिकतम 15 माह तक का हो सकता हैं.

kreditbee Loan का ब्याज कितना हैं .

kreditbee से Loan लेने के लिए अगर Loan की बात की जाए तो ये आपकी प्रोफाइल पर निर्भर हैं. ब्याज का भुगतान पूर्णत: आपके Credit Score और आपकी Income के आधार पर तय होता हैं लेकिन सामान्य तौर पर इसका interest Rate अधिकतम 29.95% तक हो सकता हैं. Loan लेने के पूर्व आप kreditbee के ब्याज  के सम्बन्ध में अधिक जानकारी जरुर ले ले. क्योकि कई लोग अनजाने में kreditbee से Loan ले लेते हैं और ब्याज की कम जानकारियों के चलते मोटी रकम उन्हें चुकानी पड़ती हैं.

kreditbee Loan Processing Fees कितनी हैं .

kreditbee से Instant Loan लेने पर क्या Processing Fees लगेगी यह आपकी प्रोफाइल पर ही निर्भर करता हैं. वेसे मिनिमम Loan Amount पर यहाँ आपको 100/- Loan Processing Fees के रूप में देने पड़ते हैं लेकिन यदि Loan अमाउंट बढ़ता हैं तो आपको 1 से 2% तक का Amount Loan Processing Fees में करना पड़ सकता हैं.

kreditbee से कितना Loan मिल सकता हैं .

kreditbee Loan कितना मिल सकता हैं  इसके लिए आपको kreditbee के दो Loan Product के बारे में समझना जरुरी हैं. दरसल क्रेडिट बी ने Loan के वितरण के लिए अपनी Loan पालिसी बना रखी हैं जिसके अतर्गत kreditbee Loan के Amount का निर्धारण करती हैं आएये जानते हैं उन Loan types के बारे में ~

kreditbee Personal Loan - Salaried

इस तरह के Loan types के अंतर्गत यदि आपको Instant Cash की आवश्यकता हैं तो आप तुरंत में kreditbee से Loan ले सकते हैं. यह types विशेषकर JOB करने वालो के लिए तेयार किया गया हैं ताकि उन्हें यदि महीने के आखरी में केश की समस्या आती हैं तो वो इस तरह का Loan लेकर उसे शोर्ट पीरीएड में चुका सके. साथ ही इमरजेंसी Loan के रूप में आप kreditbee Se Tatkal Loan ले सकते हैं. लेकिन इस तरह का Loan छोटा होता हैं और ये आपकी Income पर निर्धारित हैं अर्थात यदि आपकी आय 10 हजार हैं तो आपको उसका 50% यानी 5000/- तक का ही Loan अनुमानित तौर पर मिल पायेगा.

kreditbee Flexy Loan

जहा एक और छोटे Loan के रूप में आप क्रेडिट बी से जॉब करने पर Loan ले सकते हैं वही यदि आपको kreditbee से ज्यादा Loan लेना हैं  तो आप इस तरह के Loan types के अंतर्गत ले सकते हैं. इस तरह का Loan लेने के लिए आपको अपना Loan Track kreditbee में बनाना आवश्यक हैं अर्थात लगातार Loan लेने और चुकाने के बाद जो आपका ट्रेक रिकोर्ड बनता हैं उसके आधार पर kreditbee से इस तरह का ज्यादा Loan आप ले सकते हैं. इस तरह के Loan के अंतर्गत आप 1 लाख तक का Loan ले सकते हैं. kreditbee फ्लेक्सी Loan की अन्य कई विशेषताओं में पहली हैं की आप आपके ट्रेक के आधार पर ज्यादा Loan लेने के लिए पात्र होते हैं. दूसरी – एक बार यदि आप इस Loan के पुनर्भुगतान की अवधि का चुनाव् करते हैं तो इसमें बदलाव संभव नहीं हैं. तीसरी – यदि इस तरह के Loan में आपका Loan स्वीकृत हो जाता हैं तो आप 6 महीने में ही दुसरे Loan के लिए फिर से आवेदन कर सकते हैं.

kreditbee कैसे काम करती हैं .

kreditbee Personal Loan लेने का आज की तारीख में सबसे तेज और सशक्त माध्यम हैं. यह एप आपको अलग अलग types के अंतर्गत अलग अलग Loan राशि का विभिन्न टेन्योर के लिए Loan देती हैं. आप क्रेडिट बी एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं तथा सामान्य रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से गुजरकर यहाँ से Loan ले सकते हैं. यह अत्यंत आसान और सरल इसलिए भी हैं की आप यहाँ से फेसबुक या गूगल के खाते से वेरिफिकेशन करके अपना Loan आवेदन कर सकते हैं. यहाँ Loan आवेदन करने से पहले आपको एक बात ध्यान रखना आवश्यक हैं की हो सकता हैं kreditbee शुरुआत में आपको कम Loan राशि की स्वीकृति प्रदान करे लेकिन जैसे जैसे आप उसका नियमित भुगतान करते जायेंगे वैसे वैसे आपके Loan अमाउंट में बढ़ोत्तरी होती जायेगी और आप बढ़ा हुआ Loan ले पाने में सक्षम हो जायेंगे.

kreditbee से Loan लेने के लिए क्या Legibility होना आवश्यक हैं .

kreditbee से Loan लेने के लिए योग्यता मानदंड लगभग सभी के लिए एक जैसे हैं लेकिन Loan प्रोडक्ट के हिसाब से ये अलग अलग हो सकते हैं. बेसिक योग्यता मापदंड की अगर बात की जाए तो भारत के किसी भी शहर से आप kreditbee Loan के लिए Apply कर सकते हैं. Age 21 साल की होना जरुरी हैं. तथा आपकी मासिक आमदनी कम से कम 15000/- होना जरुरी हैं. मोबाइल नंबर आधार से लिंक होने के साथ आपके पास एक Bank Account और पेन कार्ड होना आवश्यक हैं. Bank खाते के माध्यम से आप Loan की राशि करेंगे और उसी खाते के माध्यम से Loan का पुनर्भुगतान.

kreditbee Loan Documentation

kreditbeeसे Loan लेने के लिए Documents की बात की जाए तो आपको यहाँ आईडी प्रूफ के तौर पर पेन कार्ड के साथ ही साथ एड्रेस प्रूफ उपलब्ध कराना आवश्यक हैं. बैंकिंग डॉक्यूमेंट के लिए आपको Bank खाते के 6 माह का ट्रांजेक्शन यहाँ उपलब्ध कराना होता हैं.

kreditbee से Loan Apply कैसे करें.

kreditbee से Loan लेने के लिए आपको सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से kreditbee App डाउनलोड करना होगा उसके बाद आप अपने फेसबुक खाते या गूगल खाते का उपयोग करके यहाँ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं इसके बाद आपको आपको व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, अपना ईमेल एड्रेस तथा मोबाइल नंबर दर्ज करवाकर इन सभी का सत्यापन OTP के माध्यम से करवाना होता हैं. सभी जानकारियों की पुष्टि और क्रेडिट बी द्वारा जांच के पश्तात आपके खाते में 15 मिनिट से 1 घंटे के भीतर Loan की राशि पहुचा दी जाती हैं. यहाँ ध्यान रखे Loan की स्वीकृति और इसका भुगतान पूर्णत क्रेडिट बी पर निर्भर होता हैं और आपकी योग्यता पर तथा कभी कभी बगेर कारण बताये आपका Loan Reject किया जा सकता हैं तथा इसके Loan भुगतान का समय 10 मिनिट से ज्यादा भी हो सकता हैं.

12/12/2019

Credit Report में Closed, Settled और WO Flag क्या है

12/12/2019 0

Credit Report में क्लोज,सेटल्ड और राईटऑफ फ्लेग क्या हैं written off on credit report,Loan written off,suit filed and written-off meaning in hindi,suit filed(wilful default) and written-off meaning in hindi,Persnal Loan WO in Credit Repor , What is a "closed" flag in credit report,Closed in Credit Report,What is Stalled flag in Credit Report, Loan settled in Credit Report, Loan default in Credit Report



Credit Report में Closed, Settled और WO Flag क्या हैं – अच्छा Credit Score आपको न केवल आसानी से Loan दिलाने में मदद करता हैं . CIBIL, HIGHMARK तथा इक्युफेक्स जैसी Credit Rating कम्पनिया आपके Loan की समस्त जानकारिया Bank और फाइनेंस कम्पनियों से प्राप्त करके आपके Credit Score का निर्धारण करती हैं. सामान्यत: यह स्कोर 750 से ज्यादा होने पे आपको Loan मिलने में आसानी हो जाती हैं और इससे खराब स्कोर पर Loan लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं.

लेकिन आपकी Credit Report को लेकर तथा इसके अच्छे और बुरे स्कोर को लेकर कही ज्यादा जरुरी हैं इस रिपोर्ट को सही तरीके से समझना. Credit Report के सभी पक्ष और सेक्शन को समझना आपके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योकि इन सेक्शन को समझकार आप बारीकी से आपके Credit Score को Improve सकते हैं साथ ही एक Good Credit Score बनाए रख सकते हैं.


Credit Report में अकाउंट सेक्शन क्या हैं

Credit Report में सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन होता हैं “अकाउंट सेक्शन” इस सेक्शन के अंतर्गत आपके द्वारा लिए गए क्रेडिट कार्ड,Bank क्रेडिट लिमिट के साथ Loan जैसे होम Loan, Personal Loan,बिजनेस Loan,व्हीकल Loan,ओवरड्राफ्ट Loan,कज्युमर ड्यूरेबल Loan या अन्य सभी Loan की जानकारी के साथ उन सभी Bank या फाइनेंस कम्पनियों के नाम की जानकारी होती हैं जहा से आपने ये Loan या क्रेडिट सर्विस ली हैं.



What is Closed, Settled and Write-off Flag in Credit Report HINDI - इसके अलावा अकाउंट सेक्शन में इन जानकारियों के साथ आप Loan अकाउंट नंबर,ओनरशिप अर्थात यह Loan आपका हैं या आप इस Loan में ग्यारंटर हैं आदि से जुडी जानकारी भी प्रदर्शित होती हैं. इतना ही नहीं Loan का अंतिम भुगतान कब किया गया था. Loan की स्वीकृत राशि क्या हैं . Loan का वर्तमान बेलेंस क्या हैं आदि जानकारियों का भी स्पष्ट उल्लेख अकाउंट सेक्शन में प्रदर्शित होता हैं. इसी के साथ यहाँ एक महत्वपूर्ण जानकारी यह होती हैं की वर्तमान या पिछले Loan की पिछले 3 सालो में आपने किश्तों का भुगतान किस प्रकार किया हैं .

Credit Report में Account Section का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होता हैं स्थिति या “स्टेट्स” यह आपके अच्छे बुरे Loan को इंगित करता हैं. यह इंगित करता हैं की उक्त लिए गए Loan का स्टेट्स सामान्य हैं हैं या असामान्य. मुख्यत: यह तीन Flag को दर्शाता हैं.

Credit Report में “बंद” Flag क्या हैं


किसी Credit Report के अकाउंट सेक्शन में किसी Loan या Credit Card के स्टेट्स में यदि “Closed” Flag दिखाई डेटा हैं तो इसका मतलब हैं की उस Loan की समस्त Loan राशि को जमा कर दिया गया हैं और इस Loan Account को Closed कर दिया गया हैं. जब भी आप अपने किसी Loan को पूरी तरह से Close कर देते हैं या Loan की EMI ख़त्म हो जाती हैं तो Bank या Finance Company द्वारा Credit Reting एजेंसीयो को आपकी Credit Report में उक्त Loan को बंद दर्शाने की रिपोर्ट भेजी जाती हैं जिसके बाद Credit Reting कम्पनी आपके Credit Report में उक्त खाते हो Close Status में दर्शाते हैं.
यदि आपके Credit Report में कोई ऐसा Loan दर्शित हो रहा हैं जिसका Complete Payment आपने कर दिया हैं लेकिन रिपोर्ट में अभी भी वो Closes नहीं बता रहा हैं. वैसे Bank जब भी कोई Loan Closed करती हैं तो आपको एक LOAN NOC प्रदान करती हैं.


Credit Report में “Settled” Flag क्या हैं


मान लीजिये के आपका कोई 1 लाख का Loan चल रहा था तथा वर्तमान में उसका Balance 20 हजार रूपये हैं और आप चाहते हैं की इसे Close कर दिया जाए. Bank और आपकी आपसी बातचीत में ये निर्णय लिया की इस Loan को 20 हजार के बजाये 10 हजार के Settlement के तौर पर बंद कर दिया जाये और ऐसा हो भी जाता हैं तो Bank Credit Rating एजेंसी को उक्त Loan के सम्बन्ध में loan Settled के रूप में रिपोर्ट करेगी. यह स्थित तब और बनती हैं जब की कोई व्यक्ति पर Loan के Payment का बोझ हो और वो माह दर माह किश्त जमा करने में असमर्थ होता जा रहा हैं इसके फलस्वरूप जहा एक और उसका Loan Overdue बढ़ रहा हैं वही Loan Late Payments charges और Loan Bouncing Charges और उसपर लगे ब्याज से यह अमाउंट अधिक होता जा रहा हैं. अमूमन ऐसे मामलो में Loan लेने वाले चार्जेस,Loan Penalty आदि को माफ़ करने की गुजारिश Bank या Finance Company से करते हैं और Bank और Finance Company मूल राशि को प्राप्त करके शेष चार्जेस Settled के रूप में दर्शा देती हैं. यह स्थिति अगर आपके Credit Record में 1 से ज्यादा बार दर्शित होती हैं तो यह आपके Credit Score के लिए ठीक नहीं होती हैं.


Credit Report में राइट-ऑफ क्या होता हैं


जब किसी Loan के बकाये का भुगतान 6 माह से ज्यादा समय तक किया जाता तो Bank या फाइनेंस कंपनी अनुमानित तौर पर उस खाते को डूबत मानती हैं. तथा Credit Report में Due के साथ WO दर्शाती है. सही शब्दों में समझे तो यदि कोई ब्यक्ति पूरी तरह से किसी Loan को चुकाने में असमर्थ हो जाता हैं तो उस Loan को write-off Closed में दर्शा दिया जाता हैं. अब Loan देने वाली Bank उक्त Loan को Credit Rating कम्पनी को बकाये के साथ बंद दर्शाती हैं. यह स्थिति सबसे खराब होती हैं. और इस तरह के Flag के बाद नया Loan मिल पाना लगभग नामुमकिन सा हो सकता हैं.

12/11/2019

Credit Report की Mistake कैसे सुधारें | How to Correct Credit Report Error in HINDI

12/11/2019 0

Credit Report की Mistake कैसे सुधारें | How to Correct Credit Report Error in HINDI

सिबिल रिपोर्ट करेक्शन, सिबिल शिकायत, credit report errors, credit report error correction, credit report errors what to do


How to Correct Credit Report Error in HINDI – लखनऊ निवासी नीरज ने कुछ दिनों पूर्व Home Loan के लिए एक हाउसिंग Finance Company में Home Loan Apply किया था. लेकिन उनकी Loan एप्लीकेशन ये कह के रिजेक्ट कर दी गयी की उनका Credit Score कम हैं. जब CIBIL की वेबसाईट से विस्तृत क्रेडिट की report मंगवाया तो उन्हें पता चला की उनका Credit Score पिछले कई महीनो से खराब चल रहा हैं. ऐसा इसलिए क्योकि उनकी रिपोर्ट में Credit Report Error था. इसका मतलब ये हैं की उन्होंने जो Loan नहीं लिया था वो Loan उसमे न केवल रिफ्लेक्ट हो रहा हैं बल्कि उसके Irregular Payment का असर नीरज के Credit Score पर भी लगातार पड रहा हैं.

How to Correct Credit Report Error in HINDI -आप जानते हैं नीरज की Credit Report में जो Credit Report Error आया हैं वो किसी के भी Credit Score में आ सकता हैं . बहुत important हैं की Time-Time पर अपना score जांच करते रहना. ताकि न केवल आप समय रहते Credit Report Error को सही कर सके बल्कि बेहतर बना सके. आज हम ऐसे ही कुछ Credit Report Error के बारे में आपसे बात करने वाले हैं जिनको आपको ध्यान में रखना जरुरी हैं. यदि आपने इन Credit Score के महत्वपूर्ण पॉइंट को ध्यान में नहीं रखा तो आपका भी हाल नीरज जैसा हो सकता हैं.


Credit Report में गलत व्यक्तिगत जानकारी


Credit Report में कई बार आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आपका नाम, आपका पता, या डाक्यूमेंट्स नंबर गलती से दुसरे किसी व्यक्ति का इंटर होने के कारण Credit Report Error आ सकता हैं. Credit Report की इन व्यक्तिगत जानकारी सम्बन्धी त्रुटी भले ही आपके Credit Score पर नकारात्मक असर न डालती हो लेकिन इन Credit report Variations के कारण कई बार Bank या Finance Company आपका Loan रिजेक्ट कर सकती हैं.


Credit Report में किश्तों के Payment का गलत इतिहास


How to Correct Credit Report Error in HINDI - खराब Credit Score का सबसे बड़ा कारण होता हैं चल रहे Loan की किश्तों का गलत तरीके से या देरी से Payment, ये तेजी से आपके Credit को Poor करता हैं और आपके Credit Score को Speed से घटाता हैं. अगर आप ये सोचते हैं की ये सिर्फ आपने लिए Loan के समबन्ध में होता हैं तो आप गलत हैं ये तब भी हो सकता हैं जब Loan देने वाली Bank या Finance Company किसी और की Payment हिस्ट्री को गलत तरीके से क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के पास पहुचाता हैं. मतलब के किसी और ने Loan लिया हैं और सामान्य व्यक्तिगत त्रुटियों के चलते वो आपके Credit Report में दर्ज होता चला जा रहा हैं. कई बार ये आपके लिए गए Loan के सम्बन्ध में भी हो सकता हैं जब आप रेगुलर किश्तों का Payment कर रहे होते हैं फिर भी Bank या Finance Company की गलती से क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को इसकी देरी से सुचना मिलती हैं जिसके कारण आपकी किश्तों का अपडेशन लेट होता हैं. अगर आप इस बात से निश्चिन्त हैं हैं की Bank या Finance Company में जो नियमित किश्तों का Payment चल रहा हैं वो Credit Report में सही अपडेट हो रहां हैं तो आपको इसके क्रोस वेरिफिकेशन के लिए Time-Time पर Credit Report देखना आवश्यक हैं.



Credit Report में गलत पहचान

कई मामलो में देखने में आता हैं की आपकी Credit Report में दुसरे व्यक्ति का Loan अकाउंट अथवा क्रेडिट कार्ड अकाउंट दिखाई देने लगता हैं. यह एक प्रमुख गलती हैं जो Bank या Finance Company द्वारा की जा सकती हैं या कई बार एक ही नंबर के दो अलग अलग पहचान पत्रों के कारण भी इस Credit Report Error का आना लाजमी हैं. कई बार Same Types के Name, address, एक तरह के Loan A/c, पेन नंबर, परिचय पत्र आदि के कारण क्रेडिट रेटिंग एजेंसी भी आपकी रिपोर्ट में संशय में आजाती हैं और वो Loan A/c दोनों जगह Link कर दिया जाता हैं. यदि ऐसी समस्या का सामना आपको भी करना पडा हैं या भवष्य में पडेगा तो आपको इसकी सुचना तुरंत सम्बंधित Bank या Finance Company को लिखित तौर पर देना आवश्यक हैं साथ ही इसके लिए आप CIBIL डिस्प्यूट भी Apply कर सकते हैं.

एक ही Credit Report में Loan की विभिन्न एंट्री

इस प्रकार Credit Report Error तब आना संभव होता हैं जब एक चल रहे Loan को उस Bank या Finance Company से दूसरी Finance Company या Loan में शिफ्ट करते हैं इसे Loan ट्रांसफर कहा जाता हैं. इस प्रक्रिया में पुराना Bank या Finance Company आपके बकाया पेमेंट को क्रेडिट रेटिंग एजेंसी में रिपोर्ट या अपडेट करना भूल जाती हैं जिस कारण एक ही Loan आपकी Credit Report में दो बार शो होता हैं. इसका खराब असर आपके Credit Score पर पड़ता हैं क्योकि आपकी एक ही Loan की देनदार बढ़ी हुई Credit Report में दिखती हैं जिससे क्रेडिट एजेंसी को लगता हैं की आपकी Loan लायबिलिटी अधिक हैं जिससे आपके खराब Credit Score के चांस बढ़ जाते हैं.

Delay in credit and payment update in Credit Report | Loan के रीपेमेंट भुगतान को क्रेडिट रिपोर्ट में देरी से अपडेट किया जाना

कई मामलो में Loan के रीपेमेंट की किश्तों का भुगतान, क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान, नए Loan लेने का अपडेशन अथवा बढ़ी हुई क्रेडिट कार्ड लिमिट का अपडेशन Bank या Finance Company द्वारा क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में देरी से किया जाता हैं जिसके चलते आपके क्रेडिट स्कोर के बेलेंस में असंतुलन पैदा होता हैं इस कारण से आपका क्रेडिट स्कोर लो होता जाता हैं. इसलिए आपको समय समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखना जरुई हैं की इन समस्त चीजो को Bank या Finance Company सही तरीके से क्रेडिट एजेंसी में अपडेट कर रही हैं या नहीं.


Fraudulent transaction in Credit Report | क्रेडिट रिपोर्ट में धोखाधड़ी पूर्ण लेनदेन


आज Credit Score / credit report का अधिक महत्व हैं लेकिन आपको पता होना चाहिये की Credit स्कोर आपके प्रत्येक लिए गए Loan, कार्ड, Payment को मिलाकर होता हैं. इसलिए जब भी आप क्रेडिट रिपोर्ट देखे तो आपको बारीकी से हर Loan या क्रेडिट कार्ड डिटेल जो क्रेडिट रिपोर्ट में दर्शित हैं को जांचना चाहिये की उक्त सभी Loan आपके ही हैं. क्योकि आज आज टेक्नीकल युग में Loan और फाइनेंस की धोखाधड़ी करना भी कोई बड़ी बात नहीं रही हैं. इसलिए अगर आपको अपनि क्रेडिट रिपोर्ट में कोई ऐसा Loan या क्रेडिट कार्ड या भुगतान दिखाई देता हैं जो आपके द्वारा या आपका नहीं हैं तो इसकी तुरंत Bank, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को करना चाहिये.

How to Correct Credit Report Error in HINDI  तो ये थे कुछ ऐसे Credit Report Error जो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आ सकते हैं और आपके क्रेडिट स्कोर को बुरी तरह से ख़राब कर सकते हैं. क्रेडिट स्कोर को लेकर या किसी भी तरह के Loan या फाइनेंस को लेकर कोई सवाल हैं तो आप हमें पूछ सकते हैं. हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद.