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ध्यान करने से प्राप्त क्या होगा?

                                    


ध्यान करने से प्राप्त क्या होगा?
पिछले कुछ दशक से योग के लिए लोगो का आकर्षण बढ़ता जा रहा हैं और विशेष कर ध्यान के लिए जाने अनजाने विभिन्न पद्धतियों ने ध्यान के क्षेत्र में अपना जन्म लिया हैं ! संभवत: कोनसी पद्धति सही हैं और कोनसी पद्धति सही नहीं हैं इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल हैं ! साथ ही ध्यान के अपनी अपनी मान्यताओं-दर्शन के अनुसार अनेक मतलब निकाले जाते हैं!
कोई किसी क्रिया के माध्यम से इसे अंगीकार किये हैं तो कोई आसन के माध्यम से, किसी ने कल्पना का सहारा लिया हैं तो किसी ने मन्त्र का, कोई इसे मूर्त रूप में करता हैं तो कोई निराकार रूप से ! सभी के अपने अपने मत हैं और हो भी क्यों न क्योकि ध्यान पर कभी भी अलग अलग व्यक्तियों की जिन्होंने ध्यान से लाभ प्राप्त किया हैं के एक अनुमान या अनुभव नहीं हो सकते हैं !

कहे तो ध्यान एक अनुभव हैं जो हर मनुष्य को अलग विचारधारा देता हैं फिर वो किसी भी समाज का हो किसी भी मत पंथ किसी धर्म जाती कोई भी हो ध्यान के उपहार के तौर पे वो कुछ अलग ही पाता हैं ओर जो भी पाता हैं वो सभी को मिले अनुभव से अलग होता हैं किन्तु यह पाना और खोना सिर्फ ध्यान का प्रारम्भिक सोपान हैं !ध्यान तो जागरण हैं और इसमें पाना और खोना सम्मिलित नहीं हैं ! इसी लिए जो विभिन्न विचार धारा हैं वो पाने और खोने तक सिमित हैं!

बहुत की साधारण लेकिन गंभीर सवाल हैं की ध्यान करने से मिलेगा क्या?

इस सवाल का जवाब यु तो सभी को स्वयम खोजना होगा लेकिन किसी ने कुछ प्रारम्भिक उपरी-उपरी तौर पर पाया होगा तो वो उसके अनुभव के आधार पर बता सकता हैं !

मेरा मानना हैं की आध्यात्म का ढोंग छोड़ना होगा और सीधे ध्यान लगाना होगा क्या मिलेगा, क्या नहीं ये तो आपके मन पर निर्भर हैं !

 ध्यान केवल जागरण हैं आपके जीवन का  जिसमे आप आख बंद करके कुछ समय के लिए जागते हैं जीवन में! और खोजते हैं जीवन की जटिलताओ के समाधान !

इन व्यर्थ बातो से क्या लेना आप सिर्फ ध्यान लगाए बिना पद्धति से,बिना किसी नियम से, बिना पाने खोने से,कोई मन्त्र नहीं कोई कल्पना नहीं और आप पहुचेंगे जीवन की जटिलताओ के समाधान पर जो की आपका अपना होगा!

मित्रो कोई भी आपको रास्ता बता सकता हैं लेकिन उन रास्तो पर चलना आप ही को पडेगा मैंने भी आपको इस लेख के माध्यम से रास्ता बताने का प्रयास किया हैं ! अगर आपको यह लेख अच्छा लगा और ऐसे ही आलेख पढ़ना आपको अच्छा लगता हैं तो मेरे इस व्यक्तिगत ब्लॉग को सब्सक्राईब अवश्य करे और अगर आप किसी विषय का लेख चाहते हैं तो मुझे कमेन्ट करके बताये मैं यथासंभव और यथाशीघ्र उस विषय के विश्लेषण के साथ आपको इस ब्लॉग के माध्यम से लेख अवश्य दूंगा!

सबका मंगल हो! सभी का कल्याण हो!
स-धन्यवाद
मंगलेश मधुकर राव

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Manglesh Rao

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