Loan Guarantor और Loan को-साइनर में क्या अंतर हैं ? | What is The Different in Loan Guarantor and Loan Co-Signer


Loan Guarantor और Loan को-साइनर में क्या अंतर हैं , Different in Loan Guarantor and Loan Co-Signer

Loan Guarantor और Loan को-साइनर में क्या अंतर हैं ? | What is The Different in Loan Guarantor and Loan Co-Signer

दोस्तों Loan से संबंधित विभिन्न पहलु हैं उनमे से एक हैं- Loan Guarantor और को-साइनर, इन दोनों शब्दों को सुनकर कई लोग समझ नहीं पाते के असल में इन दोनों का मतलब क्या होता हैं ? ये दोनों शब्द Loan लेने वाले के लिए काफी काम के साबित हो सकते हैं अगर इनका मतलब आप बेहतर तरीके से जानते हो तो . यदि आप किसी परिवार के रिश्तेदार या दोस्त को Loan लेने में अपनी ग्यारंटी दे रहे हैं तो ऐसी मदद करने से पहले इन दोनों को मतलब Loan Guarantor और Loan को-साइनर के बारे में और इसके मतलब या इसके उपयोग को बेहतर तरीके से जान लें, ताकि आप बुद्धिमानी के साथ कोई फैसला ले सकें. 

Loan Guarantor


जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, एक Loan Guarantor, Loan देने वाले को इस बात की गारंटी देता है कि मुख्य Loan आवेदक, समय पर Loan का पेमेंट करेगा. Guarantor, Loan देने वाले को कर्ज पुनर्भुगतान का कानूनी वादा भी कर सकता है, यदि Loan लेने वाला, Loan पुनर्भुगतान में चूक जाता है. इसलिए, एक Loan Guarantor को पाकर लोने देने वाला यह सोचकर निश्चिन्त हो जाता है कि यदि Loan लेने वाला राशि वापस नहीं कर पाता है तब भी Guarantor द्वारा Loan चुकाया जा सकता है. Bank अक्सर Loan Guarantor की मांग तब करते हैं जब Loan लेने वाले के पास अच्छा क्रेडिट हिस्ट्री नहीं होती है. यदि Loan लेने वाला, Loan पुनर्भुगतान में चूक जाता है तो Bank Loan Guarantor को वह Loan पुनर्भुगतान के लिए कहते हैं. यदि Loan Guarantor भी Loan पुनर्भुगतान में फेल हो जाता है तो Loan की राशि वसूल करने के लिए बैंकों द्वारा मुख्य आवेदक के साथ-साथ Loan Guarantor के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है. 

को-साइनर


Bank एक को-साइनर या सह-हस्ताक्षरकर्ता की मांग तब करते हैं जब Loan लेने वाला, Bank के Loan लोने की योग्यता के मानदंडों को पूरा करने में फेल हो जाता है. वे तब भी एक को-साइनर की मांग कर सकते हैं जब Loan Borrower के पास कम क्रेडिट स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री होती है या यदि Loan लेने वाले की आमदनी, Loan की EMI पुनर्भुगतान के लिए काफी नहीं होती है. इस तरह, एक को-साइनर Loan मिलने की संभावना बढ़ाता है. जब Loan लेने वाला, Loan पुनर्भुगतान में फेल हो जाता है तब को-साइनर को वह Loan चुकाना पड़ता है. जरूरी नहीं कि को-साइनर, Loan का एक सह-Loan Borrower भी हो, लेकिन Loan पुनर्भुगतान की जिम्मेदारी Loan Borrower के समान होती है. Loan पुनर्भुगतान में कोई चूक होने पर वह चूक, को-साइनर की क्रेडिट रिपोर्ट में भी दिखाई देगी. 

Loan Guarantor और को-साइनर में अंतर


को-साइनर आम तौर पर करीबी रिश्तेदार होते हैं और Guarantor आम तौर पर रिश्तेदार, दोस्त, सहकर्मी, या अन्य लोग भी हो सकते हैं जो Loan की गारंटी दे सके. यदि आप किसी Loan के फाइनैंशल Guarantor बनते हैं तो आपको एक डीड पर साइन करना पड़ता है जिसमें यह सहमति प्रदान करनी पड़ती है कि यदि Loan लेने वाला, Loan पुनर्भुगतान में फेल हो जाए तो बाकी राशि पुनर्भुगतान की जिम्मेदारी आपकी होगी. एक को-साइनर एक को-ओनर भी हो सकता है, लेकिन एक Guarantor को प्रॉपर्टी या ऐसेट में कोई अधिकार नहीं मिलता है जिसे फाइनैंस करने की जरूरत पड़ती है. Loan Guarantor को कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है जबकि को-साइनर को (और सह-Loan Borrower को भी) उस Loan पर लागू होने लायक टैक्स बेनिफिट मिलता है. 

क्या बनना उचित हैं Loan Guarantor या को-साइनर

Loan Guarantor या को-साइनर बनने की डील पर साइन करने से पहले, उसके नियमों एवं शर्तों को ध्यान से पढ़ लें. ध्यान देने लायक सबसे बड़ी बात यह है कि Bank को-साइनर की मांग क्यों करता है? इससे तो यही संकेत मिलता है कि Bank को Loan Borrower की Loan पुनर्भुगतान की केपेसिटी पर संदेह है. याद रखें, यदि मुख्य Loan Borrower, Loan पुनर्भुगतान में चूक जाता है तो Loan Guarantor या को-साइनर होने के नाते आपको बाकी Loan Amount का पेमेंट करना होगा. इसके अलावा, आपकी Loan लेने की केपेसिटी भी मुख्य Loan Borrower द्वारा लिए गए Loan Amount के आधार पर कम हो जाएगी. इसलिए, यदि आप Loan के लिए Loan Application करने के बारे में सोच रहे हैं तो Guarantor या को-साइनर बनने से बचें. Loan Borrower की मदद करने से पहले उसकी Loan पुनर्भुगतान की केपेसिटी के बारे में बेहतर तरीके से जान लें. Loan Amount बहुत ज्यादा होने पर या Loan की अवधि बहुत लंबी होने पर भी Guarantor या को-साइनर बनने से बचना चाहिए. 



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