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12/21/2019

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi

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Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi – Personal Loan नहीं चुकाया जाना किसी भी हालात में ठीक नहीं हो सकता . लेकिन परिस्थितियों के के कारण चलते Loan का Defaulter होना संभव हैं. और जब कोई Loan नहीं भर पाता तो उसके मन में हमेशा अनेक सवाल रहते हैं. जैसे की Personal Loan न चूका पाने पर क्या होगा . Personal Loan नहीं जमा करने पर क्या लीगल कार्यवाही होती हैं, Personal Loan नहीं भरने पर जैल  होगी क्या . या इन सवालों के बिच में एक सवाल जो हमेशा खोजा जाता हैं की भारत में Personal Loan defaulter पर क्या लीगल एक्शन  लिया जाता हैं. लेकिन यहाँ आपको एक बात ध्यान रखनी होगी. आधीअधूरी जानकारी न केवल आपको सही लाभ नहीं पहुचायेगी बल्कि आप इस अधूरी जानकारी के कारण Personal Loan defaulter होने पर कैसे बचाव होगा ये भी नहीं समझ पायेंगे.

Personal Loan डिफाल्टर कैसे घोषित होते हैं . | How are personal loan defaulters declared.

Personal Loan न चुकाना पड़ेगा भारी | Personal Loan defaulter legal action in Hindi – Personal Loan defaulter होने के लिए सामान्यत 90 दिनों का समय होता हैं. इसका मतलब ये हैं की यदि कोई व्यक्ति 3 माह से ज्यादा समय तक Personal Loan की EMI का भुगतान करने में असमर्थ होता हैं तो Bank या Finance Company उस व्यक्ति के Loan Account को NPA यानी Non performing assets घोषित कर देती हैं और उसके बाद अन्य कार्यवाही शुरू की जाती हैं. जिसकी बात हम आगे करेंगे, हालंकि Personal Loan अनसिक्योर Loan होता हैं तो बैंक या फाइनेंस कम्पनी के ये संस्थागत नियम भी हो सकते हैं की वो आपको एक महीने की किश्त के Due होने पर भी Recovery करने का notice थमा सकते हैं. हालांकि ये RBI के नियमो के विरुद्ध हैं लेकिन RBI ने डिफाल्टर के सम्बन्ध में BANK को विशेष अधिकार भी दे रखे हैं. वेसे आज हम जिस पॉइंट पे बात करने जा रहे हैं उसके अंतर्गत bank या Finance Company किन किन कदमो को उठा सकती हैं यदि कोई Personal Loan defaulter करता हैं तो.

Personal Loan डिफाल्टर पर कानूनी कार्यवाही -1 | Legal proceedings on personal loan defaulters-1

चुकी Personal Loan एक असुरक्षित ऋण की श्रेणी में आता हैं लेकिन जब आप Bank या Finance Company से loan लिया जाता हैं तब Loan की स्वीकृति के बाद एक Loan एग्रीमेंट को हस्ताक्षरित करना आवश्यक होता हैं जो loan लेने वाले और बैंक/फाइनेंस कम्पनी के मध्य होता हैं. उपरोक्त Loan Agreement भारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 के तहत किया जाता हैं तथा उक्त एग्रीमेंट में Loan देने और लेने की शर्तो के साथ ही इसके Loan Repayment की शर्ते / terms भी उल्लेखित होती हैं. जैसे Personal Loan की राशी समय पर नहीं जमा की जाती तो क्या होता हैं  यदि Loan लेने वाला लंबित समय तक Loan का भुगतान नहीं करता तो क्या क्या बैंक/फाइनेंस कम्पनी को अधिकार होंगे. इन शर्तो के अलावा कई ऐसी शर्ते होती हैं जो आपको Loan चुकाने के लिए प्रतिबन्ध बनाती हैं तथा इस एग्रीमेंट की शर्तो के लिए बाध्य रखती हैं. जब कोई व्यक्ति लम्बे समय के लिए Personal Loan को जमा नहीं करता  तो उक्त Loan Account irregular Loan की श्रेणीं में आजाता हैं और इस अनियमितता को उक्त Loan Agreement का उल्लंघन माना जाता हैं. Loan अनुबंध के उलंघन के चलते बैंक या किसी भी वित्तीय संस्था को डिफाल्टर व्यक्ति के खिलाफ Legal Action करने का अधिकार प्राप्त हो जाता हैं. इस कानूनी कार्यवाही personal loan defaulter law in india in hindi की प्रक्रिया के चलते शुरुवाती चरण में बैंक या फाइनेंस कम्पनी द्वारा Personal Loan डिफाल्टर को लीगल नोटिस  भेजा जाता हैं जिस Legal Notice में Loan के अनियमित भुगतान के साथ ही साथ Loan डिफाल्टर पर कानूनी कार्यवाही क्या किया जाना हैं इसकी जानकारी उल्लेखित होती हैं इतना ही नहीं इस नोटिस में कानूनी कार्यवाही की जानकारी के साथ ही साथ इस Legal Process के एक Loan डिफाल्टर को क्या क्या परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं इसका भी उल्लेख किया जाता हैं. Personal Loan defaulter को भेजे गए इस लीगल नोटिस में बैंक कुछ समय की मियाद का भी निर्धारण करती हैं जिसमे यह स्पष्ट निर्देश होता हैं की इस समयावधि के चले जाने के बाद बैंक/कम्पनी Personal Loan defaulter पर नोटिस में उल्लेखित लीगल एक्शन ले सकती हैं. इस नोटिस तथा समयअवधि के गुजर जाने के बाद भी यदि LOAN का भुगतान नहीं किया जाता तो बैंक / फाइनेंस कम्पनी द्वारा अदालत में दावा प्रस्तुत किया जाता हैं उक्त दावे में न केवल LOAN की वसूली की प्रार्थना की जाती हैं बल्कि अदालत से कानूनी खर्च आदि तथा अन्य पेनेल्टी कि वसुली भी Personal Loan defaulter से की जाए ऐसी दरख्वास्त की जाती हैं. personal loan defaulters punishment in hindi.


Personal loan defaulters के विरुद्ध इस दावे का अदालत द्वारा संज्ञान लिया जाता हैं और इसे कार्यवाही आगे बढाने के लिए Court Personal Loan defaulter को NOTICE भेजती हैं. अदालत में Bank या Finance Company का दावा इसलिए भी मजबूत हो जाता हैं क्योकि Bank अदालत में Loan Agreement Terms and Conditions के आधार पर अपना दावा प्रस्तुत करती हैं. कोर्ट में यदि Personal Loan defaulter दोषी पाया जाता हैं अथवा Loan Agreement  की शर्तो उलंघन कोर्ट को देखने को मिलता हैं तो कोर्ट अपना आदेश दे सकती हैं. ( personal loan defaulters punishment in hindi) कोर्ट यह आदेश Loan Agreement  से जुडी शर्तो, Bank और Loan लेने वाले दोनों पक्ष को सुनने के आधार पर देती हैं. इस आदेश में दोषी यानी Personal Loan defaulter को Loan चुकाने का आदेश,किसी सम्पत्ति को Loan चुकाने हेतु जब्ती,अर्थदंड,Loan को चुकता करने के लिए मियाद अथवा टुकडो टुकडो में Bank को पैसा लौटाने का आदेश या कोर्ट को लगता हैं तो दोषी यानि Personal Loan defaulter को जैल  भेजने का आदेश भी सूना सकती हैं. यहाँ ध्यान रखे की कोर्ट द्वारा उक्त कदम उठाये ही जाए यह आवश्यक नहीं, किसी भी आदेश में न्यायालय में चलने वाली कोर्ट की प्रक्रिया, Bank और लोन लेने वाले का पक्ष जानने तथा Loan Agreement  में उल्लेखित शर्तो को आधार माना जाता हैं. 

Personal Loan defaulter पर Legal Action -2

Personal Loan defaulter होने पर Bank या Finance Company द्वारा कई तरीको से Loan की Recovery की जाती हैं. इसमें दुसरा तरिका हैं Loan ग्यारंटर पर Legal Action ( Legal Action on Loan Guarantor ) इस प्रक्रिया को तब अपनाया जाता हैं जब डिफाल्ट हुए Loan में Loan लेने वाले के किसी मित्र या रिश्तेदार अथवा किसी ऐसे व्यक्ति ने जमानत दी हैं जो Loan लेने वाले को जानता हों, वैसे भी कोई व्यक्ति बिना जान पहचान के किसी Loan की ग्यारंटी नहीं दे सकता. इसके अलावा Loan लेने वाला शहर या देश छोड़ चुका हो तब Bank को ऊपर उल्लेखित अनुबंध के अंतर्गत अर्थात भारतीय अनुबंध अधिनियम 1972 की धारा 128 के माध्यम से ये कानूनी अधिकार होता हैं की Bank / Finance Company Personal Loan के ग्यारंटर  पर भी उपरोक्त अधिनियम के अधीन होकर लीगल कार्यवाही करे. इस दशा में भी वही प्रक्रिया अपनाई जाती हैं जो Loan लेने वाले पर Legal Action के दौरान अपनाई जाती हैं और इसमें भी कोर्ट का आदेश सभी आधारों पर तय होता हैं.

Personal Loan defaulter पर Legal Action -3

Personal Loan लेते समय जहा एक और Bank और Finance Company Loan की सुरक्षा के लिए Loan लेने वाले से Loan एग्रीमेंट साइन करवाती हैं वही इसके अलावा Bank या Finance Company Loan लेने वाले से Post Dated Cheque भी जमानत के रूप में अपने पास लेती हैं. इन चेक का उपयोग Bank द्वारा Personal Loan डिफाल्ट होने पर  किया जाता हैं. इस प्रक्रिया में Bank द्वारा Personal Loan का चेक Loan लेने वाले के Bank खाते में प्रेजेंट किया जाता हैं और स्वाभाविक तौर पर एक Loan defaulter के Bank और वो चेक बाउंस हो जाता हैं. चेक का भुगतान न होने पर Loan लेने वाले के खिलाफ Bank परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 या विनिमय साध्य विलेख अधिनियम 1881 (Negotiable Instruments Act, 1881) की धारा 138 के तहत अलग से भी एक्शन ले सकती हैं. इस धारा में Personal Loan defaulter को जैल  हो सकती हैं, Personal Loan defaulter को सजा भी हो सकती हैं अथवा इस धारा के अंतर्गत किसी Bank या Finance Company के Personal Loan defaulter को जुर्माने का भी प्रावधान हैं.

Personal Loan defaulter पर अन्य कार्यवाही

Personal Loan डिफाल्ट हो जाने पर Legal Action  के साथ ही साथ Bank या Finance Company Loan लेने वाले और उस Loan की ग्यारंटी देने वाले की जानकारी क्रेडिट रेटिंग तय करने वाली एजेंसियों को भेजती हैं. इसके परिणाम स्वरुप Personal Loan defaulter तथा उक्त Loan के जमानतदार का CIBIL SCORE KHARAB हो जाता हैं जिससे उन्हें भविष्य में Bank या वित्तीय संस्था से Loan लेना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता हैं.


अंत में कहना चाहेंगे की जो भी Loan ले उसे समय पर चुकाए, Loan defaulter होना न केवल आपके लिए ठीक हैं बल्कि ये आपके बच्चो के भविष्य के लिए भी ठीक नहीं हैं. यदि आप Loan defaulter की Legal Action में उलझे तो न केवल आपको सामजिक अपमान झेलना पडेगा बल्कि जैल तथा अन्य दंड से भी आप बच नहीं सकते संभव हैं की आप इन लीगल एक्शन से बच भी जाते हैं तो भी आपका Credit Score Kharab हो जाएगा और आपको कभी भी Loan नहीं मिल पायेगा यहाँ तक की जब आपके बच्चे महंगी शिक्षा के लिए एजुकेशन Loan हो अथवा आप अपने घर के सपने को पूरा करने के लिए होम Loan लेने का सोचेंगे तब भी बड़ी समस्या का सामना आपको करना पड़ेगा ही. इसलिए जब भी Loan ले Loan चुकाने की अपनी क्षमता और हर परिस्थित को ध्यान में रखकर Loan ले. 


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