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शुक्रवार, 11 अक्तूबर 2019

लोन सेटेलमेंट करने का क्या पड़ेगा प्रभाव | Can I get loan after settlement HINDI

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लोन सेटेलमेंट करने का क्या पड़ेगा प्रभाव | Can I get loan after settlement HINDI 

दोस्तों, मैंने आपके बेहतर क्रेडिट स्कोर को लेकर कई जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर दी हैं ! साथ ही समय समय पर में आपके लिए लोन और फाइनेंस से जुडी ऐसी ही जानकारी लाता रहता हूँ ! इन जानकारियों से न केवल आप अपनी क्रेडिट रेटिंग ठीक रख सकते है बल्कि अपनी लोन से जुडी सभी समस्याओं को हल कर सकते हैं ! आज के इस टॉपिक पर हम लोन सेटेलमेंट और उससे जुड़े प्रभावों के बारे में जानने की कोशिश करेंगे ! तो अगर आप इस पूरी जानकारी को पाना चाहते हैं तो हमारे साथ आखरी तक बने रहे क्योकि लोन सेटेलमेंट  से जुडी सभी ख़ास बातो को हम आज समझेंगे ! 

दोस्तों आर्थिक समस्याए सभी के जीवन में आती हैं जैसे किसी गंभीर बिमारी का आना, जॉब चली जाना,बिजनेस में नुकसान हो जाना ! ऐसी सभी समस्याओं के चलते कई लोन अपने चल रहे लोन का भुगतान करने में चुक जाते हैं ! लोन का वर्डन बढ़ने पर उस लोन को पूरी तरह चुका पाने में असमर्थ हो जाते हैं ! इसके परिणाम स्वरुप लोन डिफाल्टर की श्रेणी आ जाता हैं ! लोन डिफाल्टर होना  वेसे सिर्फ आपकी खराब वित्तीय स्थिति पर ही निर्भर नहीं करता बल्कि कई बार बैंक और फाइनेंस कंपनी के गलत कमिटमेंट और उनसे विवाद के चलते भी आप लोन चुकाना बंद कर देते हैं ! ऐसे में बैंक या फाइनेंस कंपनी बार बार आपको लोन चुका देने के लिए बार बार देती हैं, लेकिन 91 दिन लोन न चुकाए जाने की दशा में बैंक या फाइनेंस कंपनी आपके लोन खाते को नॉन-परफोर्मिंग एसेट्स यानी NPA घोषित कर देती हैं ! लेकिन कहानी यही ख़त्म नहीं होती, बैंक लोन को रीकवर करने की कोशिश करती रहती हैं ! और इसी कोशिश में बैंक आपको लोन सेटेलमेंट का ऑफर  करती हैं ! लेकिन आपको लोन सेटेलमेंट करना चाहिये या नहीं ये बात समझ लेना जरुरी हैं ! और आप इसे अगले 7 पॉइंट में समझ सकते हैं !
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लोन सेटेलमेंट ऑफर क्यों किया जाता हैं ?

बैंक या फाइनेंस कम्पनियों पर अपने बिगड़े हुए लोन को सुधारने और उन्हें नियमित करने का बहुत सा प्रेशर होता हैं ! साथ ही बैंक और फाइनेंस कंपनिया हमेशा चाहती हैं, की कम से कम जो मूलधन लोन के रूप में दिया गया हैं, वो वापिस आ जाए ! ऐसे में अगर कोई लोन खता NPA की कगार पे आ जाता हैं, तो उसे फिर से ठीक करने के लिए या उस खाते को बंद करने के लिए बैंक बहुत से रास्ते अपनाती हैं ! उनमे से एक हैं “लोन सेटेलमेंट” ! लेकिन लोन सेटेलमेंट का मूल उद्धेश्य उस खराब लोन खाते से कुछ ना कुछ रीकवरी का होता हैं ! इसमें बैंक या फाइनेंस कंपनी बहुत से तरीको से लोन को सेटल्ड करती हैं ! जैसे ड्यू ब्याज में रियायत, पेनेल्टी और अन्य चार्जेस को माफ़ किया जाना या कभी कभी मूलराशि में से भी कुछ राशि माफ़ कर देना ! ऐसे में बैंक को एक फायदा ये होता हैं की जिस बिगड़े हुए लोन खाते पे किसी तरह से रिकवरी नहीं होना थी, उसमे कुछ न कुछ राशि आ जाती हैं ! हालंकि इस सेटेलमेंट को करने के बाद बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपके क्रेडिट रिपोर्ट से लोन डिफाल्टर का टेग  नहीं हटाती बल्कि इस लोन के सम्बन्ध में क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट की रिपोर्ट करती हैं !

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लोन सेटेलमेंट का फायदा क्या हैं ? 

बैंक लोन सेटेलमेंट का ऑफर क्यों करती हैं ? इस बात को समझ लेने के बाद आपको ये समझना होगा की इससे आपको लोन सेटेलमेंट का फायदा क्या हैं ? तो दोस्तों वेसे तो इसका सिर्फ इतना फायदा हैं, की यदि आप किसी आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं और आपके पास इतना पैसा नहीं हैं, की आप किसी लोन का रीपेमेंट कर सके ऐसे में आप चाहते हैं की उस लोन को बंद करना ही ठीक हैं, तो आप लोन सेटेलमेंट करा सकते हैं ! आप आपकी आर्थिक शर्त और बैंक की शर्तो के साथ एक तय राशि देकर अपना लोन सेटेल कर सकते हैं ! लोन सेटेलमेंट करने पर बैंक या फाइनेंस कंपनी आपके लोन खाते को टर्मिनेट करके उसका शेष बकाया loss में बताती हैं ! लेकिन इसके फायदों से ज्यादा आपका ध्यान इसके नुकसान पे भी होना जरुरी हैं ! तो आएये अगले पॉइंट में इसके नुकसान के बारे में समझते हैं ! 

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लोन सेटेलमेंट का नुकसान क्या हैं ? 

दोस्तों लोन सेटेलमेंट करने के बाद बैंक सिर्फ आपके लोन खाते को टर्मिनेट करके बाकी बचे ड्यू को loss में दिखाने तक की प्रक्रिया तक सिमित नहीं होते, बल्कि वो इस लोन खाते की जानकारी क्रेडिट स्कोर तय करने वाली एजेंसिया जैसे CIBIL,High Mark,Experian आदि को देती हैं ! इस जानकारी में बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपके लोन खाते को लोन क्लोज्ड होने के बजाये लोन सेटेलमेंट के रूप में दर्शाती हैं, और कही कही देखने में ये भी आया हैं, की कई कम्पनिया तो सेटेलमेंट किये जाने के बाद बचे हुए ड्यू लोन अमाउंट को भी, आप ही की क्रेडिट रिपोर्ट में loss में शो करती हैं ! ऐसी क्रेडिट रिपोर्ट का असर आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक रूप से पड़ता हैं और आपके क्रेडिट स्कोर में कमी आती हैं ! इतना ही नहीं एक से ज्यादा लोन सेटेलमेंट फ्लेग  के कारण आपको भविष्य में लोन मिलने में भी समस्या आ सकती हैं ! दोस्तों क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट फ्लेग  को ये माना जाता हैं, की आप लोन लेने के बाद उसे पूरा जमा करने में असमर्थ थे, और इस फ्लेग को देखकर शायद कोई बैंक या फाइनेंस कंपनी आपको अगला लोन देने के लिए तैयार न हो ! तो सवाल ये उठता हैं की क्या लोन सेटेलमेंट करने के बाद आगे लोन मिलेगा ? तो इसका जवाब आपको अगले पॉइंट में मिल जाएगा ! 

लोन सेटेलमेंट करने के बाद आगे लोन मिलेगा ?

दोस्तों वेसे तो यहाँ समझना होगा की अगर सच में वित्तीय परिस्थिति बिगड़ने के बाद यदि आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो इस बात को लोन देने वाली बैंक और फाइनेंस कंपनिया भी समझती हैं ! तो पूरी तरह से ये मान लेना की एक बार लोन सेटेलमेंट करने के बाद भविष्य में कोई लोन नहीं मिलेगा ये गलत होगा ! कई परिस्थितियों में लोन सेटेलमेंट बैंक की गलती की वजहों से भी होता हैं जैसे गलत कमिटमेंट या चार्जेस छुपाना या अन्य कोई कारण ! यदि इन कारणों के चलते आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो आपको परेशान होने की जरुरत नहीं हैं आप उन कारणों के प्रमाण दिखाने के बाद अगला लोन ले सकते हैं ! साथ ही यदि किसी गंभीर आर्थिक समस्याओं के कारण आपने लोन सेटेलमेंट किया हैं तो  उन्हें भी स्पष्ट करके बैंक और फाइनेंस कम्पनी से लोन ले सकते हैं ! लेकिन ध्यान रखे ये तभी संभव हैं यदि आपके क्रेडिट स्कोर में एक लोन अकाउंट ही लोन सेटेलमेंट फ्लेग दर्शा रहा हो ! एक से ज्यादा लोन की स्थिति में आपके लिए नया लोन लेना मुश्किल होगा ! 

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लोन सेटेलमेंट न करना हो तो क्या करें ?

दोस्तों अब बात करते हैं की यदि आपको लोन सेटेलमेंट न करना हो तो क्या करना चाहिये ? तो जब भी आप कोई लोन ले तो सबसे पहले आपको ये बात ध्यान रखना होगी की आपको वो लोन पूरी तरह से खत्म करना होगा तभी कोई लोन ले ! लेकिन लोन डिफाल्ट  किसी समस्या या बैंक की गलती के कारण हुआ हैं तो बैंक को उसकी जानकारी देकर स्थिति साफ़ करे ! इसके अलावा यदि आप आर्थिक परेशानियों के चलते लोन चुकाने में समर्थ नहीं हैं तो आप बैंक को अपनी स्थिति से अवगत करा सकते हैं और बैंक को अपने लोन को री-स्ट्रक्चर करने का निवेदन कर सकते हैं ! लोन री-स्ट्रक्चर  करने से आपको लोन जमा करने में थोड़ी सहूलियत मिल जाएगी और साथ ही आपको पर्याप्त समय भी अपने लोन को चुकाने का मिलेगा ! फिर भी यदि आपको लोन बंद कराना ही हैं तो उसका सेटेलमेंट बिलकुल न करे इसके बजाये आप किसी मित्र या रिश्तेदार की मदद लेकर लोन को पूरी तरह से बंद कराये ! लेकिन अब परेशानी उन लोगो की हैं जिनको लोन सेटेलमेंट के प्रभाव  की जानकारी नहीं हैं और उन्होंने पहले से ही अपना लोन सेटेलमेंट कर लिया हैं ! तो ऐसे लोगो को क्या करना चाहिये इसका जवाब हम आज के आखरी पॉइंट में देने जा रहे हैं !

लोन सेटेलमेंट पहले ही कर दिया तो अब क्या करें ? 

दोस्तों यदि आपने लोन सेटेलमेंट पहले ही कर दिया तो अब क्या किया जाए  ये सवाल आपके मन में होगा ! तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की आप उस लोन को पूरी तरह से बंद यानी लोन क्लोज्ड कर सकते हैं ! जी हां यदि अब आपकी वित्तीय स्थिति ठीक हैं और आपके पास पर्याप्त पैसा इस लोन को बंद करने के लिए हैं तो आप बैंक या फाइनेंस कंपनी को लोन को पूरी तरह क्लोज्ड करने का कह सकते हैं ! बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपको सेटेलमेंट किये गए लोन की बकाया राशि बताएगा और आप उस राशि को एक मुश्त जमा करके अपना लोन क्लोज्ड करवा सकते हैं ! ऐसा करने पर बैंक आपको एक लोन क्लोजर सर्टिफिकेट  देगा जिसे लोन एनओसी कहा जा सकता हैं ! ये एनओसी आपको नया लोन लेने के समय काम आ सकती हैं ! लोन के पूरी तरह से क्लोज हो जाने पर बैंक या फाइनेंस कम्पनी इस लोन अकाउंट के सम्बन्ध में क्रेडिट एजेंसीयो को फिर से जानकारी भेजेगा जिसमे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्शित लोन सेटेलमेंट फ्लेग को बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग  करने का निर्देश होगा ! इस प्रक्रिया के बाद 2 से 3 महीनो के भीतर आपके क्रेडिट रिपोर्ट में से लोन सेटेलमेंट फ्लेग बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग हो जाएगा ! हलाकि क्रेडिट स्कोर सुधरने में  अभी थोड़ा और वक्त लग सकता हैं ! लेकिन लोन क्लोज़र की इस प्रक्रिया के कई महीनो बाद भी क्रेडिट रिपोर्ट से लोन सेटेलमेंट फ्लेग नहीं हटा तो  आपको क्या करना चाहिये ? आईये इसे समझते हैं !
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लोन क्लोज्ड होने के बाद भी क्रेडिट स्कोर नहीं हुआ अपडेट 

दोस्तों लोन क्लोज्ड होने के बाद भी क्रेडिट स्कोर अपडेट नहीं हुआ और अभी तक भी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में लोन सेटेलमेंट फ्लेग ही दर्शा रहा हैं तो आपको सिबिल की वेबसाईट पर जाकर अपनी लोन एनओसी के साथ एक सिबिल डिस्प्यूट आवेदन  करना होगा ये बिलकुल फ्री हैं ! इसके बाद सिबिल सम्बंधित लोन के मामले में बैंक से कन्फेर्मेशन मांगेगी एक बार बैंक से लोन क्लोज़र का कन्फेर्मेशन मिलने के बाद सिबिल आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सुधार  करके लोन सेटेलमेंट फ्लेग को बदलकर लोन क्लोज्ड फ्लेग कर देगी ! लेकिन ये तभी संभव हैं जब बैंक इसका कन्फेर्मेशन दे इसके लिए आपको सिबिल डिस्प्यूट आवेदन के बाद बैंक पर भी अपने लोन खाते की सही जानकारी सिबिल को उपलब्ध कराने का दबाव बनाना पडेगा ! 
तो दोस्तों ये थी जानकारी लोन सेटेलमेंट के बारे में, उम्मीद हैं आपको जानकारी पसंद आये होगी अगर हाँ, तो आर्टिकल को लाइक करे !  साथ ही अपने दोस्तों और मित्रो से ये जानकारी व्हाट्सएप करके उनकी मदद करे ! अगली बार ऐसी ही किसी लोन और फाइनेंस की जानकारी के साथ फिर से मुलाकात होगी !


बुधवार, 9 अक्तूबर 2019

CIBIL Score : सिबिल स्कोर कैसे कैलक्यूलेट होता हैं | How to Calculate CIBIL Score in Hindi

CIBIL Score : सिबिल स्कोर कैसे कैलक्यूलेट होता हैं |  How to Calculate CIBIL Score in Hindi


बैंक या फाइनेंस कम्पनी से आपको लोन मिलेगा या नहीं ये कुछ हद तक आपके सिबिल स्कोर पर निर्धारति होता हैं ! ऐसे में दोस्तों ये आपको पता होना जरुरी हैं की सिबिल स्कोर का केल्क्युलेशन कैसे किया जाता हैं ! वेसे तो सिबिल स्कोर को केल्क्युलेट करना कई बातो पर निर्भर करता हैं लेकिन इसमें सबसे मुख्य बात हैं आपका रीपेमेंट करने का तरिका ! इसका सीधा सा मतलब ये हैं की अगर आप लोन चुकाने में इमानदार हैं ! तो बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपको आसानी से लोन दे सकती हैं ! आज के इस आर्टिकल में हम सिबिल केल्क्युलेशन के बारे में बात करेंगे और जानेंगे की बैंक या फाइनेंस कम्पनी किन आधार पर आपके सिबिल स्कोर की रेटिंग करती हैं ! इसके अलावा आज ये भी जानने की कोशिश करेंगे की कैसे आप सिबिल स्कोर को बेहतर बनाये रख सकते हैं, तो बने रहिये हमारे साथ आखरी तक और हां अगर आप हमारे ब्लॉग पर पहली बार आये हैं तो प्लीज इस ब्लॉग को सबस्क्राइब कर दे ताकि आपको भी लोन और फाइनेंस से जुडी जानकारी सबसे पहले मिलती रहे ! 

दोस्तों सिबिल के केल्क्युलेषन को समझने से पहले आपको समझना होगा की आखिर सिबिल स्कोर हैं क्या ? दोस्तों, वेसे तो आज हर आदमी सिबिल स्कोर को अच्छे से जानता हैं लेकिन बारीकी और सासान शब्दों में समझे तो सिबिल एक तीन अंको का स्कोर होता हैं ! जो 300 से 900 के बिच होकर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय होता हैं ! आपके हर तरह के लोन की जानकारियों पर आधारित एक रिपोर्ट को सिबिल रिपोर्ट कहा जाता हैं ! सिबिल स्कोर आपके लोन लेने की एलेजीबिलिटी को दर्शाता हैं इसका साफ़ मतलब ये हैं की आपका सिबिल स्कोर जीतना अच्छा होगा आपको लोन मिलने के चांसेस उतने बढ़ जायेंगे !

अब जानते हैं की सिबिल स्कोर केल्क्युलेट कैसे किया जाता हैं ? या वे कोनसी बाते हैं जो आपके सिबिल को प्रभावित करती हैं ! जिससे की आपके सिबिल स्कोर का आंकलन होता हैं ! तो दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दे की 4 बाते हैं जो आपके सिबिल स्कोर पर असर डालती हैं !

पेमेंट हिस्ट्री 

दोस्तों, आप जिस भी लोन का भुगतान किश्त के रूप में करते हैं उसे पेमेंट हिस्ट्री में शामिल किया जाता हैं तथा देर से भुगतान करना या न करना आपकी पेमेंट हिस्ट्री खराब करता हैं जिसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पढ़ता हैं और आपका क्रेडिट स्कोर कम होता जाता हैं !

क्रेडिट मिक्स

इसका मतलब हैं की आपने किस प्रकार के लोन ले रखे हैं ! सामन्यत: मिले जुले लोन जिसमे सिक्योर और अन-सिक्योर दोनों तरह के लोन शामिल हैं का आपके सिबिल स्कोर पर बहुत अच्छा असर पड़ता हैं और आपका सिबिल स्कोर बढ़ता हैं !

बार बार पूछताछ

दोस्तों अगर आप लोन के लिए बार बार आवेदन कर रहे हैं या बार बार पूछताछ कर रहे हैं तो सिबिल की भाषा में इसे इंक्वायरी कहा जाता हैं और ये एक गंभीर असर आपके सिबिल स्कोर पर दर्शाता हैं ! इससे आपका सिबिल स्कोर न केवल कम होता हैं बल्कि आपको लोन मिलने की संभावना को भी कम करता हैं !

हाई क्रेडिट यूटीलाइजेशन

दोस्तों अगर आप क्रेडिट कार्ड या बैंक क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल करते हैं और आप उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का अत्यधिक उपयोग करते हैं तो यह आपके सिबिल स्कोर के लिए घातक हो सकता हैं और इससे आपके सिबिल स्कोर में तेजी से कमी आती हैं !

तो दोस्तों ये 4 पॉइंट हे जो आपके क्रेडिट स्कोर को तय करते हैं ! अब बात आती हैं की कैसे आप अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बनाए रख सकते हैं !तो दोस्तों अगर आप चाहते हैं की आपका सिबिल स्कोर हमेशा मजबूत बना रहे तो आपको 5 छोटी छोटी बातो का ध्यान रखना जरुरी हैं !

पहली – अपने सभी क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय से करे क्योकि  ऐसा न करना आपके सिबिल स्कोर के लिए खराब हो सकता हैं !

दूसरी बात – क्रेडिट कार्य या बैंक क्रेडिट लिमिट का उपयोग सिमित तौर पर करे ! क्योकि ज्यादा खर्च आपके सिबिल स्कोर को बिगाड़ सकते हैं !

तीसरी बात – होम लोन या कार लोन जेसे सिक्योर लोन या पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड जैसे अनसिक्योर लोन में संतुलन बनाए रखे ज्यादा अनसिक्योर लोन आपके सिबिल स्कोर पर गलत प्रभाव डालते हैं !

चौथी बात जो आपको ध्यान में रखना जरुरी हैं – वो हैं यदि आपने जॉइंट लोन लिया हैं तो जॉइंट होल्डर का ध्यान रखे की वो नियमित भुगतान कर रहा हैं या नहीं ! क्योकि ऐसी लापरवाही भी आपके सिबिल स्कोर पे असर डाल सकती हैं !

पांचवी और आखरी बात -  क्रेडिट हिस्ट्री की समीक्षा – दोस्तों आपको अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की समय समय पर जांच करते रहना चाहिये ! इससे आपके क्रेडिट स्कोर की जानकारी आपको मिलती रहेगी आज भारत में बहुत सी वेबसाईट फ्री में सिबिल स्कोर आपको प्रोवाइड करती हैं आप उनका उपयोग कर सकते हैं साथ ही अगर आप चाहते हैं की आपको फ्री में सिबिल स्कोर चाहिये तो इस लिंक पर जाकर फ्री में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट निकलवा सकते हैं ! इसके अलावा अगर आपका सिबिल स्कोर से जुडा कोई सवाल हैं तो आप हमें कमेंट्स करके पूछ सकते हैं !

तो दोस्तों ये थी जानकारी सिबिल स्कोर से जुडी हुई ! दोस्तों हो सकता हैं आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार को इस जाकारी की जरुरत हो तो उनसे ये जानकारी शेयर करके आप उनकी मदद कर सकते हैं साथ ही अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी हैं तो इसे लाइक करके बता सकते हैं !!! वेसे दोस्तों मेने बहुत से आर्टिकल सिबिल स्कोर को लिखे हैं ! आप उन्हें भी देख सकते हैं ! इसके अलावा यदि आपका सिबिल स्कोर बिगड़ा हुआ हैं तो उसे सुधारने के टिप्स भी आपको हमारी वेबसाईट या यूट्यूबचेनल पर मिल जायेंगे ! अगली बार फिर ऐसी ही किसी जानकारी के साथ मिलाकात होगी तब तक के लिए जय हिन्द !! जय भारत !!! 

शनिवार, 5 अक्तूबर 2019

Happy Dussehra और Happy Diwali तभी होगी जब इन टिप्स को फोलो करोगे | DUSSEHRA 2019 | DIWALI 2019

Happy Dussehra और Happy Diwali तभी होगी जब इन टिप्स को फोलो करोगे | DUSSEHRA 2019 | DIWALI 2019



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दशहरा  इंडिया का सबसे ख़ास त्यौहार माना जाता हैं ! यू तो भारत में साल के हर दिन त्यौहार होते हैं, लेकिन दशहरा बड़े त्योहारों की शुरवात हैं ! दशहरा ख़त्म होने के बाद दिवाली और दीपावली यानी बहुत सा त्यौहारी खर्च ! ऐसे में इस खर्च को संतुलित करके आप अपने त्योहारों को और भी रंगीन बना सकते हैं ! आज इस आर्टिकल में आपको कुछ ख़ास आर्थिक टिप्स देने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपने त्योहारों को बेहतर ढंग से माना पायेंगे साथ ही आप पर आर्थिक भार भी नहीं आयेगा ! 

तय करे त्यौहार का बजट 

दशहरा  या दिवाली  पे होने वाले खर्चो का बजट कई लोग तय नहीं करते और आपको पता ही हैं की त्यौहार के खर्चो की कोई सीमा नहीं होती, ऐसे में बिना किसी बजट के यदि हम खर्च करते हैं तो कुछ ऐसी चीजे भी खरीद लेते हैं जिनकी हमें बहुत ज्यादा आवश्यकता नहीं होती तो आपको सजेशन हैं की त्यौहार के खर्चो का बजट तय करे और ये निर्धारित करे की कौनसी चीजे खरीदना आवश्यक हैं और कौनसी नहीं ! ऐसा करने से आप फिजूल खर्ची से बचे रहंगे और आप पर त्यौहार में होने वाले खर्चो का अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा !
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लोन लेने से बचे 

दशहरा  हो या दिवाली  या और कोई त्यौहार आज बैंक और फाइनेंस कंपनिया तरह तरह के लोन ऑफर करती हैं जिसे फेस्टिवल लोन ऑफर कहा जाता हैं ! यदि आपके लिए बहुत ज्यादा जरुरी न हो तो ऐसे किसी भी लोन ऑफर की पेशकश को स्वीकार न करे ! क्योकि ये देखने में आया हैं की फेस्टिवल सीजन में जो लोन ऑफर किये जाते हैं उनका ब्याज सामान्य से थोड़ा ज्यादा होता हैं ! और यदि आप ऐसे किसी फेस्टिवल लोन ऑफर को स्वीकार करते हैं तो ध्यान रखे इस लोन को चुकाने की जिम्मेदारी भी आप की होती हैं ! इसीलिए जरुरी न हो तो फेस्टिवल लोन ऑफर को अवॉयड करे ! 
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हिसाब बना के चले 

दशहरा  या दिवाली  ऐसे त्यौहार होते हैं जिनमे अनियंत्रित खर्च होना स्वाभाविक हैं ! ऐसे में आप प्रतेक खर्च का हिसाब नहीं रखेंगे तो हो सकता हैं आपका फेस्टिवल बजट पूरी तरह से गड़बड़ा जाए और अगर फेस्टिवल बजट गड़बड़ा गया तो त्यौहार की रोनक फीकी पड़ सकती हैं ! तो हर खर्च की एक लिस्ट बना के उसका हिसाब रखे इससे आपके फिजूल खर्च पे भी रोक लगेगी और साथ ही आपका फेस्टिवल बजट भी नहीं बिगड़ेगा !

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डिस्काउंट का लालच 

दशहरा  या दिवाली पर सभी जगह तरह तरह के डिस्काउंट ऑफर देखने को मिल जायेंगे आपकी जानकारी के लिए बता दे की ये एक तरह का मार्केटिंग टूल्स हैं जिसके कारण कम्पनियों का माल ज्यादा से ज्यादा बिक सके ! क्योकि आप इन डिस्काउंट के लालच में खरीदारी करेंगे इसीलिए कम्पनिया भारीभरकम डिस्काउंट का लालच देती हैं ! ऐसे किसी भी लालच में फसने के पहले अपना फेस्टिवल बजट जरुर देखे कही ऐसा न हो की अभी डिस्काउंट के चक्कर में आप खरीददारी कर ले और बाद में आपको पछतावा हो !
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फेस्टिवल फंड

दशहरा  या दिवाली जैसे फेस्टिवल पर आपके खर्च करने की क्षमता चाहे जो हो लेकिन हर महीने के जरुरी खर्चो से हटकर फेस्टिवल के खर्च का फंड तेयार रखे और उसे महीने के जरुरी खर्चो में शामिल करने की बजाये अलग रखे ! ऐसा करने से आप पर न तो कर्ज का बोझ आयेगा और आप आसानी से ये भी निर्णय कर पायेंगे की फेस्टिवल में आपको क्या खर्च करना हैं और कितना खर्च आप कर सकते हैं !

EMI कन्वर्सेशन 

दशहरा  और दिवाली त्यौहार आते आते आपको कई ऐसे ऑफर्स मिलते हैं जिसमे बैंक आपके डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से ट्रांसेक्शन करने या कोई वस्तु खरीदने के पेमेंट को इंटरेस्ट फ्री इएमआई में कन्वर्ट करेने का ऑफर देते हैं! इन इंटरेस्ट फ्री इएमआई के चक्कर में न पड़े क्योकि बैंक आपके किये गए इंटरेस्ट फ्री इएमआई कन्वर्सेशन पर लगने वाली प्रोसेसिंग फीस से लाभ कमा लेते हैं और अंत में आपकी जेब पर इएमआई का बोझ आ जाता हैं !


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दशहरा  और दिवाली  खुशियों का त्यौहार हैं और इन त्यौहार में आप आर्थिक रूप से भी खुश रहे इसके लिए इन 6 टिप्स को फोलो कर सकते हैं ! उम्मीद करता हूँ आपको जानकारी पसंद आयी होगी ! अगर हां तो लाइक करे ! और यदि आपके मन में कोई सवाल हैं तो कमेंट्स करे ! इसके अलावा ब्लॉग को शेयर जरुर करे ! 

HAPPY DUSSEHRA !! HAPPY DIWALI


शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2019

HOME LOAN INTEREST RATE कम करने का आसान तरीका

HOME LOAN INTEREST RATE कम करने का आसान तरीका 



HOME LOAN INTEREST RATE अगर ज्यादा होता हैं तो स्वाभाविक हैं की हम पर कर्ज का बोझ ज्यादा होगा ! ऐसे में लम्बे समय तक चलने वाले housing loan के housing loan interest को कम करने का कोई तरिका हैं? अगर यहाँ ये कहा जाए की home loan interest rate कम करना आप पर निर्भर करता हैं तो ये बिलकुल सही होगा ! दोस्तों आज के समय में जहा एक और home loan आसानी से मिलता हैं तो वही इसके home loan interest rate को भी कम करने के अनेक रास्ते हैं लेकिन इन home loan interest rate कम करने के टिप्स को आप ही को फोलो करना होगा ! क्योकि जब तक आप home loan interest rate कम करने का सही कदम नहीं उठाते तब तक आपको अपने होम लोन पर हमेशा होम लोन का ब्याज ज्यादा ही चुकाना पडेगा ! आज के इस लेख में आपको कुछ आसान टिप्स अपने home loan interest rate को कम करने के लिए बताने जा रहे हैं ! अगर आप इन टिप्स को फोलो करते हैं तो आपके होम लोन के ब्याज में तेजी से कमी आएगी जिससे आपको आर्थिक रूप से बचत हो सकती हैं !

HOME LOAN के लिए सही बैंक का चुनाव

HOME LOAN INTEREST RATE पूरी तरीके से बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कम्पनियों पर निर्भर करता हैं तो यदि आपका बैंक या फाइनेंस कम्पनी चुनाव सही होगा तो आपको कम ब्याज दर पर होम लोन मिल सकता हैं ! इसलिए जब भी होम लोन लेने के बारे में सोचे तो उससे पहले हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी या बैंक के होम लोन ब्याज के बारे में जरुर पता कर ले वेसे आज के समय में इन्टरनेट के माध्यम से ये पता किया जा सकता हैं की कौनसी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी कितने ब्याज पर होम लोन दे रही हैं फिर भी आपकी जानकारी के लिए यहाँ एक लिस्ट हमने बनायी हैं जिसको देखकर आप ये पता कर सकते हैं की आपको कौनसी बैंक या फाइनेंस कम्पनी में होम लोन पर कितना ब्याज लगेगा ?

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होम लोन लेने पर ज्यादा डाउनपेमेंट

HOME LOAN INTEREST RATE को कम करने का दुसरा तरिका हैं ज्यादा डाउनपेमेंट ! दोस्तों घर खरीदने या बनाने में बहुत ज्यादा पैसो की जरुरत पड़ती हैं ऐसे में आप होम लोन के माध्यम से घर खरीदने का सोचते हैं ! लेकिन यहाँ अगर आप इस बात का ध्यान रखे की ज्यादा होम लोन राशी लेना आप पर ज्यादा ब्याज का बोझ डाल सकती हैं तो इसलिए जब भी आप होम लोन लेने का मन बनाए तो उससे पहले ज्यादा डाउनपेमेंट राशि का अरेंजमेंट जरुर करे इससे आपको कम होम लोन लेने की जरुरत पड़ेगी और कम होम लोन पे आपको कम होम लोन की कम ब्याज दर चुकाना पड़ेगी !

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होम लोन के ब्याज पर मोल भाव

HOME LOAN INTEREST RATE कम करने का तीसरा तरिका हैं होम लोन के ब्याज का मोलभाव करना ! बहुत से लोगो को ये पता ही नहीं होगा की बैंक या हाउसिंग फाइनेंस  कम्पनियों से जो होम लोन ब्याज ऑफर किया जाता हैं उसपे मोलभाव किया जाना भी संभव हैं ! यदि आप होम लोन लेते समय होम लोन के ब्याज को लकर बैंक या फाइनेंस कम्पनी से मोलभाव करते हैं तो हो सकता हैं आपको कुछ ब्याज में राहत मिल जाये और ऐसा करने से आपको लिए जा रहे होम लोन पर कम ब्याज चुकाना पड़े !

आवश्यकता अनुसार होम लोन

HOME LOAN INTEREST RATE को कम करने का चौथा तरिका हैं आवश्यकता अनुसार लोन लेना ! कई बार बहुत से लोग ज्यादा लोन राशि लेने का निर्णय ले लेते हैं जो की बिलकुल गलत हैं हो सकता हैं आपको फर्निशिंग या घर के अन्य कामो जैसे फर्नीचर खरीदना या कोई उधारी चुकाना हेतु कुछ पैसो की जरुरत हो ऐसे में यदि आप ज्यादा होम लोन लेते हैं तो आपको ज्यादा HOME LOAN INTEREST RATE चुकाना पड़ सकता हैं ! ऐसे सभी काम जिनको आगे पूरा किया जा सकता हैं उसके लिए लोन एक मात्र सहारा नहीं होना चाहिये ! ज्यादा होम लोन न केवल आपको ब्याज और कर्ज के बोझ में फसा सकता हैं बल्कि आपकी सम्पत्ति को भी असुरक्षित कर सकता हैं ! इसलिए होम लोन उतना ही ले जितने कम में आपकी जरुरत पूरी हो !
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होम लोन पे टॉप-अप

कई बार बैंक या फाइनेंस कम्पनिया आपके अच्छे री-पेमेंट को देखते हुए आपको चल रहे होम लोन पर टॉप-अप अमाउंट का ऑफर करती हैं ! और आप ज्यादा राशि पाने के लालच में टॉप-अप ले लेते हैं यहाँ आपको सजेशन हैं की ऐसा बिलकुल भी न करे ! ज्यादातर मामलो में टॉप-अप लोन की ब्याज दर सामान्य होम लोन ब्याज दर से ज्यादा होती हैं और कई हाउसिंग फाइनेंस कम्पनी या बैंक पुराना लोन फिर से री-स्ट्रक्चर करके नया लोन तेयार करती हैं ऐसे में आपको ज्यादा अपने पुराने लोन को भी नए ब्याज यानी बड़े हुए ब्याज पर चलाना पड़ता हैं ! तो जब तक बहुत आवश्यक न हो HOME LOAN TOP-UP न ले !

होम लोन पार्ट पेमेंट

HOME LOAN INTEREST RATE को कम करने का एक और असरदार तरिका हैं होम लोन पार्ट पेमेंट ! दोस्तों चल रहे होम लोन पर समय समय पर यदि आप थोड़ी थोड़ी राशि का अतिरिक्त भुगतान करते रहेंगे तो निश्चित ही आपका लोन तेजी से ख़त्म होगा ! पार्ट पेमेंट करने के बाद पार्ट पेमेंट की राशि मूलधन में जमा की जाती हैं और बचे हुए लोन पर ब्याज लगता हैं ऐसे में आपको आने वाले समय में अपनी कम मूलधन की राशि पर कम ब्याज चुकाना पडेगा !
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होम लोन की लम्बी अवधि और कम अवधि

HOME LOAN INTEREST RATE को कम करने में होम लोन अवधि का भी बहुत महत्व होता हैं ! अगर आप लम्बी अवधि का चुनाव करते हैं तो आपको किफायती किश्त आएगी लेकिन आपको ब्याज लम्बे समय के लिए ज्यादा चुकाना होगा दूसरी और कम अवधि के होम लोन पर आपको थोड़ी किश्त बड़ी हुई भुगतान करना होगी लेकिन कम समय में आपको ब्याज भी कम जमा करना होगा ! यहाँ आपको आपकी सुविधा और क्षमता के अनुरूप होम लोन अवधि  का चुनाव करना चाहिये ! यदि आप लम्बी अवधि के लोन पर कम किश्तों का भुगतान करने में सक्षम हैं तो आपको लम्बी अवधि ही रखना अच्छा होगा लेकिन आप ज्यादा राशि किश्त के रूप में चुकाने में सक्षम हैं तो आपको कम अवधि रखना ठीक होगा ! ऐसे में आप अपने ब्याज की मोटी रकम को बचा सकते हैं !

होम लोन प्री-पेमेंट

HOME LOAN INTEREST RATE से छुटकारा पाने का तरिका हैं होम लोन प्री-पेमेंट ! दोस्तों कई बार हमारे पास एक मुश्त पैसों का अरेंजमेंट होता हैं जैसे कोई बोनस,कोई प्रॉपर्टी बिकने का पैसा या सेविंग का पैसा ! अगर आपके पास भी एक मुश्त ऐसी राशि आती हैं तो आपको बिना देर किये होम लोन का प्री-पेमेंट करना चाहिये क्योकि ऐसा करने से आप होम लोन पर लगने वाले ब्याज से मुक्त हो सकते हैं !

HOME LOAN INTEREST RATE को कम करने के इन टिप्स में से आपको जो भी सहज लगे आप उसे फोलो कर सकते हैं वेसे लोन कोई भी हो उसपे ब्याज लगना निश्चित हैं ! ऐसे में समझदारी भरे निर्णय लेना आपके हाथ में हैं की उस ब्याज को कैसे कम किया जाये ! होम लोन  पर जहा ब्याज का बोझ हैं वही इससे फायदे भी हैं उन फायदों को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता हैं उसमे सबसे बड़ा फायदा हैं इनकमटेक्स का बेनेफिट यदि आप इन फायदों को ध्यान में रखकर बताये गए टिप्स फोलो करते हैं तो आप मोटी रकम ब्याज के रूप में बचा सकते हैं ! जिससे आपको आर्थिक मजबूत प्राप्त होगी !

HOME LOAN INTEREST RATE के टिप्स आपको कैसे लगे उसे बताने के लिए आप कमेंट्स कर सकते हैं साथ ही लोन और फाइनेंस को लेकर आपके मन में कोई सवाल हैं तो वो भी आप बता सकते हैं ! आपके दोस्तों या रिश्तेदारों को इन टिप्स को शेयर करके आप उनकी मदद कर सकते हैं ! हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद !


Credit Card Mistake: सावधान Credit Card की ये 6 गलतिया भारी पड़ सकती हैं !

Credit Card Mistake: सावधान Credit Card की ये 6 गलतिया भारी पड़ सकती हैं !

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Credit Card Mistake: सावधान Credit Card की ये 6 गलतिया भारी पड़ सकती हैं !
Credit Card Mistake आज की नहीं जाती हो जाती हैं, आज लगभग हर व्यक्ति के पास Credit Card मौजूद हैं ! इसका उपयोग अचानक तंगी आने पर या कभी कभी पैसो की कमी के कारण भी किया जा सकता हैं. लेकिन कई लोग बिना सोचे समझे Credit Card का उपयोग शुरू कर देते हैं तथा बाद में उन्हें बहुत ज्यादा पछतावा होता हैं ! आज हम ऐसी 6 गलतियों की बात करेने जा रहे हैं जो हर Credit Card Holder को ध्यान में रखना जरुरी हैं ! क्योकि इन गलतियों के बढ़ने से आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं तो चलिए जानते हैं वो कौन कौन सी गलतिया हैं जो एक Credit Card holder को भूलके भी नहि करना चाहिये !

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Credit Card Details दुसरो को बताना 

Credit Card Mistake की पहली गलती ये हैं की कई बार हम अपने नोकर को या घरवालो को Credit Card Use करने देते हैं ऐसे में उन्हें उन सभी जानकारियों का पता लग जाता हैं जो हमेशा सीक्रेट रखना होती हैं ! इससे भी बड़ी गलती कुछ लोग तब कर देते हैं जब किसी बोगस कंपनी का हमारे पास फोन आता हैं और एक लालच देकर हमसे हमारी Credit Card Details मांगता हैं और हम लालच में आकर ऐसा कर भी देते हैं हमारे कार्ड की डिटेल पाकर एक बड़ा Credit Card Fraud किया जा सकता हैं ! इसलिए बेहतर हैं की कभी भी किसी व्यक्ति को Credit Card Details कभी भी न दे! 


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टाइमली भुगतान न करना 

कोई भी Bank या Credit Card Company समय से Credit Card Due न चुकाए जाने को बर्दाश्त नहीं करती वो आपको हर तरह से सूचित करती हैं की आप समय से Credit Card Bills का भुगतान करते रहे ! ऐसे में यदि आप उन सूचनाओं को नजरअंदाज करते रहंगे तो सभव हैं की आपको भारी भरकम Credit Card Penalty और Credit Card Interest चुकाना पड़ सकता हैं ! इस Late Payment से न केवल आपको पेनेल्टी और ब्याज का ही बोझ उठाना पड़ता हैं बल्कि इससे आपके Credit Score पर भी बहुत ज्यादा नकारात्मक असर पड़ता हैं और ये सभी को पता हैं की खराब क्रेडिट स्कोर से आपको भविष्य में लोन मिलना लगभग मुश्किल हो जता हैं तो आपको हमेशा बैंक या Credit Card द्वारा निर्धारित तय ड्यू डेट को अपने हर Credit Card के ड्यू का भुगतान बिना चुके करना चाहिये! जिससे आपको न तो किसी प्रकार की पेनेल्टी या अतिरिक्त ब्याज देना पड़े और न ही आपका क्रेडिट स्कोर बिगड़े!


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मिनिमम ड्यू बेलेंस का भुगतान करना 

Credit Card का उपयोग आपकी क्रेडिबिलिटी बनाता हैं ऐसे में अगर आप हमेशा Credit Card Minimum Due  का भी भुगतान करे हैं तो इससे आपको बचना चाहिये ! विशेषकर Credit Card जारी करने वाली कम्पनी या बैंक ये चाहती हैं की आप अपने Credit Card की ड्यू सायकिल को हमेशा सही रखे न केवल आप मिनिमम ड्यू का भुगतान करते रहे ! ऐसा करना एक और आपकी क्रेडिट चुकाने की क्षमता पर सवाल उठाता हैं वही ऐसा करने पर आपको 4 से 5 % अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना पड़ता हैं यह 4-5% ब्याज महीने का होता हैं अगर इसे जोड़ा जाए तो ये एक बड़ी राशि होता हैं ! अगर ये स्थिति लगातार बनी रहती हैं तो ये मान के चलिए की आप धीरे धीरे कर्ज के बोझ में डूबते चले जा रहे हैं और अपने Credit Card के खर्चो को नियंत्रित करके आप इस जंजाल से बच सकते हैं ! 


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Credit Card से नगद आहरण 

ऐसा नहीं है की आप Credit Card से नगद नहीं निकाल सकते लेकिन ध्यान रखे की हर बैंक और Credit Card जारी करने वाली फाइनेंस कम्पनियों की कुछ लिमिटेशन होती हैं जिसे आपको फोलो करना होता हैं ! केश निकालने के अनेक नियम Credit Card पर लागू होते हैं उनमे से केश एडवांस चार्जेस,फिक्स चार्जेस,ब्याज आदि हो सकते हैं लेकिन सबसे भारी भरकम होता हैं नगद निकालने पे लगने वाला ब्याज ! अक्सर Credit Card से नगद निकालने पे आपको 2 से 4 प्रतिशत तक का मासिक ब्याज चुकाना पड़ सकता हैं और ये ब्याज अन्य लोन के मामले में कही ज्यादा होता हैं ! अगर आप Credit Card से नगद निकालते हैं तो आप एक महंगे ब्याज पर पैसा उठा रहे हैं इससे हमेशा बचे रहना जरुरी हैं यहाँ तक की छोटे मोटे अमाउंट भी आपको Credit Card से नहीं निकालने चाहिये. 

आवश्यक लिंक -

    लिमिट का सही उपयोग 

    अक्सर कई लोग Credit Card limit का सही उपयोग नहीं करते ! या तो वो लोग Credit Card की लिमिट का 10% से भी कम उपयोग करते हैं या 100% उपयोग कर लेते हैं दोनों ही तरीके बिलकुल गलत हैं दोनों ही स्थिति में आपके क्रेडिट स्कोर पर बड़ा गंदा असर पड़ता हैं ! अगर आप कम उपयोग करते हैं तो भी और ज्यादा करते हैं तो भी ! ऐसे में आपको एक कार्ड की बजाये अलग अलग Credit Card रखकर प्रतेक कार्ड से ज्यादा से ज्यादा 25% तक लिमिट का स्तेमाल करना चाहिये इससे आपका क्रेडिट स्कोर तेजी से सुधरेगा ! 


    रिवार्ड पॉइंट का लालच 

    कई लोग तो अपने Credit Card से खरीदारी इसलिए करते हैं की उन्हें Credit Card कम्पनी से या बैंक से रिवार्ड पॉइंट मिलते हैं ! यहाँ आपको यदि नहीं पता के Credit Card रिवॉर्ड पॉइंट क्या होते हैं तो आप हमें कमेट्स करके पूछ सकते हैं अगर आपके ज्यादा कमेंट्स आये तो में इसपे एक पूरा आर्टिकल लिखने की कोशिश करूँगा ! तो रिवार्ड पॉइंट कमाने के चक्कर में कुछ लोग अपना हर ट्रांजेक्शन Credit Card से ही करते रहते हैं ऐसे में ये स्पस्ट दिखता हैं की वे खर्च करने में कितने लापरवाह हैं अगर आपके पास भी Credit Card हैं तो आप ऐसा बिलकुल न करे बड़े हुए Credit Card के बोझ को आप ज्यादा दिन सम्भाल नहीं पायेंगे! 


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    Credit Card स्वीच 

    बहुत से लोगो के पास बहुत से Credit Card होते हैं ऐसे में एक Credit Card के बिल का भुगतान वे दुसरे कार्ड से करते हैं इसे Credit Card स्वीच करना कहते हैं ऐसे में यदि आप एक कार्ड के बाकया बेलेंस को दुसरे कार्ड से करते हैं तो एक कार्ड की आपकी लिमिट भले ही बढ़ जाती हैं लेकिन दुसरे कार्ड की लिमिट बढ़ जाती हैं जिसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर साफ़ दिखाई देता हैं इसलिए आप जब भी एक से ज्यादा कार्ड रखे तो ये सुनिचित करे की सभी का उपयोग आप संतुलित रूप से कर रहे हैं! 


    तो दोस्तों ये थी जानकारी उन गलतियों की जिसको बहुत से Credit Card होल्डर करते हैं और बड़ी मुसीबत में फसते हैं ! अगर आप भी ऐसी ही गलती करते हैं तो अभी बंद कर दीजिये ! अपने किसी दोस्तों या रिश्तेदार जो Credit Card का उपयोग करते हैं उन्हें ये आर्टिकल व्हाट्सएप करे ताकि वो भी ऐसी गलती न करे ! ब्लॉग अच्छा लगा हो तो लाइक करे ! अगर आपके मन में लोन और फाइनेंस को लेकर कोई भी प्रश्न हैं तो निचे कमेंट्स करके जरुर पूछे !
    अगली बार ऐसी ही जानकारी के साथ फिर से मुलाकात होगी ! धन्यवाद 


    गुरुवार, 3 अक्तूबर 2019

    SBI FESTIVAL LOAN : 2019 के त्योहारों के सीजन में आसानी से लोन

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    SBI FESTIVAL LOAN : 2019 के त्योहारों के सीजन में आसानी से लोन 
    SBI FESTIVAL LOAN : 2019 के त्योहारों के सीजन में आसानी से लोन 

    SBI FESTIVAL LOAN के बारे में आज बहुत ही कम लोग जानते हैं. लेकिन अभी जब की इंडिया में त्योहारों का सीजन नजदीक हैं ! ऐसे में लगभग हर परिवार को अपने घर के लिए या अपने खुद के लिए या ये भी हो सकता हैं अपने किसी प्रिय रिश्तेदार के लिए ऐसी कोई चीज खरीदने की जरुरत हो जो थोड़ी महंगी हो ! 

    SBI FESTIVAL LOAN के बारे में जानकारी थोड़ी हट के हो सकती हैं क्योकि आज मैं आपको इसकी सम्पूर्ण जानकारी देने जा रहा हूँ ! आज मैं आपको इस ख़ास प्रोडक्ट की जानकारी के साथ इसके ब्याज और इसमें लगने वाले डाक्यूमेंट्स की जानकारी भी दूंगा इसके अलावा SBI FESTIVAL LOAN को लेना कितना आसान हैं ये भी समझाने की कोशिश करूँगा ! दोस्तों यहाँ आपसे निवेदन हैं की इसकी खासियत से ब्याज तक की जानकारी पूरी पढ़ना आपके लिए जरुरी हैं, यदि आप बिच में जानकारी छोड़ देंगे या आधी अधूरी जानकारी पढेंगे तो आप इस SBI FESTIVAL LOAN प्रोडक्ट  को पूरा नहीं समझ पायेंगे और यदि आप इस प्रोडक्ट की आधी अधूरी जानकारी लेंगे तो इस लोन को लेने में भी आपको समस्या हो सकती हैं !
    तो चलिए जानते हैं इस ख़ास लोन प्रोडक्ट के बारे में,


    SBI FESTIVAL LOAN की खासियत

    SBI FESTIVAL LOAN अपने आप में ख़ास हैं, जहा एक और ये आसानी से उपलब्ध हो जाता हैं वही इसकी कुछ और भी खासियत भी मौजूद हैं ! आईये एक एक करके सबसे पहले जानते हैं इसकी क्या क्या खासियत हैं,

    कम ब्याज - SBI FESTIVAL LOAN को लेने में बहुत ही कम ब्याज लगता हैं SBI की कार्पोरेट वेबसाईट पर इसका उल्लेख मिलेगा हालाँकि इस ब्लॉग के आखरी में इस प्रोडक्ट के ब्याज के बारे में भी आपको जानकारी जरुर मिलेगी !

    कम या न के बराबर प्रक्रिया शुल्क - SBI FESTIVAL LOAN लेने में बहुत ही कम या ये कहा जाए की न के बराबर प्रोसेसिंग फीस या प्रक्रिया शुल्क आपको देना पढ़ेगा ! 

    कोई भी छुपा हुआ चार्जेस नहीं होना - SBI FESTIVAL LOAN की प्रोसेस में या इस तरह के लोन को लेने में किसी भी प्रकार का हिडन चार्जेस मौजूद नहीं हैं तथा इस लोन के पुनर्भुगतान में भी किसी प्रकार का छुपा हुआ चार्ज मौजूद नहीं रखा गया हैं !

    बिना किसी स्क्युरिटी के आसानी से लोन – इस लोन को लेने में आपको किसी भी प्रकार की सिक्युरिटी नहीं देना पड़ती क्योकि SBI FESTIVAL LOAN एक तरह से अन्स्क्योर लोन हैं !

    लोन पर किसी तरह की प्री-पेमेंट पेनेल्टी न होना – लोन के भुगतान करने के समय यदि आपके पास एक मुश्त पैसा आ जाता हैं तो आप इस पैसे से SBI FESTIVAL LOAN का प्री-पेमेंट बिना किसी पेनेल्टी शुल्क के जमा कर सकते हैं !


    किस आवश्यकता के लिए लिया जा सकता हैं ?

    दोस्तों इस लोन को आप आपके त्योहारी सीजन में होने वाले खर्चो के भुगतान के लिए ले सकते हैं अब ये खर्चे कुछ भी हो सकते हैं ! जैसे महंगे गेजेट्स खरीदना,घर में फिनिशिंग करवाना,घर का फर्नीचर खरीदना या ऐसा कोई भी खर्चा जो इस त्योहारी सीजन में आपको करना हो और आपके पास पैसो का अरेंजमेंट न हो तो इस लोन को लेकर आप उन खर्चो को पूरा कर सकते हैं ! जहा एक और बाकी प्रकारों के लोन में लोन की राशि के उपयोग की पाबंदी होती अहिं वही इस तरह के लोन को लेकर उसके उपयोग की कोई पाबन्दी मौजूद नहीं हैं !

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    इस लोन को लेने में आपकी क्या योग्यता होना चाहिये ?

    SBI FESTIVAL LOAN ELIGIBILITITY की अगर बात की जाए तो यदि आप सरकारी कर्मचारी हैं? किसी प्रायवेट संस्था में काम करते हैं ? या आप किसी कम्पनी में जॉब करते हैं तो आपका वर्तमान नोकरी का अनुभव कम से कम 2 साल का होना आवश्यक हैं इसके अलावा यदि आप व्यापार या व्यवसाय से जुड़े हैं तो आपको वर्तमान बिजनेस का कम से कम 3 साल का अनुभव होना जरुरी हैं ! यहाँ अनुभव का मतलब हैं की आपकी स्टेबिलिटी बताये गए समय तक की होनी चाहिये ! 

    इनकम की अगर बात की जाए तो जॉब या बिजनेस से आपकी स्थायी आय होना जरुरी हैं मतलब आप जो भी काम करते हैं उसकी इनकम स्थायी होना जरुरी हैं ! जिसका वेरिफिकेशन इनकम टेक्स डिपार्टमेंट या टीडीएस डिपार्टमेंट से किया जा सकता हों इसी के साथ आपकी कम से कम महीने की आय 3000/- या उससे ज्यादा होना जरुरी हैं ! एक बात और अगर आपके परिवार में कोई और भी कमाने वाला सदस्य हैं तो आप जॉइंट रूप से इस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं इससे आपको ज्यादा लोन राशि मिलने का फायदा मिल सकता हैं !


    कितना मिल सकता हैं लोन ?

    SBI FESTIVAL LOAN AMOUNT की अगर बात की जाए तो वैसे ये पूरी तरह से आपकी क्षमता पर निर्धारित हैं लेकिन SBI ने इसको लेकर भी एक पेरामीटर तय कर रखा हैं जिसके अंतर्गत आप कम से कम 5000/- तक का लोन इस प्रोडक्ट के अंतर्गत ले सकते हैं वही ज्यादा से ज्यादा आपकी आय का 4 गुना तक लोन ले सकते हैं ! 


    क्या क्या दस्तावेज होने चाहिये ?

    SBI FESTIVAL LOAN DOCUMENTS की अगर बात की जाये तो लोन आवेदन कर रहे व्यक्ति का एक पासपोर्ट साइज फोटो के साथ यदि आप जॉब करते हैं तो सेलेरी स्लिप तथा फॉर्म नंबर 16 आपको यहाँ देने पड़ेंगे वही अगर आप बिजनेस में हैं तो बिजनेस प्रूफ के साथ इनकम टेक्स रीटर्न की कापी आपको यहाँ लोन आवेदन के साथ देना पड़ सकती हैं ! 


    प्रक्रिया शुल्क क्या हैं ?

    SBI FESTIVAL LOAN PROCESSING FEES की अगर बात की जाए तो आपके लिए जा रहे लोन अमाउंट का 1% gst के साथ आपको यहाँ प्रक्रिया शुल्क के रूप में देना पड़ेगा ! इसके अलावा प्री-पेमेंट चार्जेस और अन्य चार्जेस भी हैं जिनका उल्लेख आपको लोन प्रक्रिया के दौरान बताया जाता हैं ! यहाँ आपको एक सुझाव हैं की प्रोसेसिंग और अन्य चार्जेस के बारे में लोन लेने के पहले अच्छे से समझ ले !


    कितना ब्याज देना होगा ?

    SBI FESTIVAL LOAN Interest rate को समझा जाए तो इस तरह के लोन पर आपको लगभग 8.25% से 13.50% तक का ब्याज चुकाना पड़ सकता हैं लेकिन यह ब्याज दर अनुमानित ब्याज दर हैं, और समय समय पर इसमें परिवर्तन होते रहते हैं तो आप यहाँ ( SBI FESTIVAL LOAN INTEREST LIST ) जाकर ब्याज के बारे में विस्तृत जानकारी ले सकते हैं !


    कैसे आवेदन करे 

    SBI FESTIVAL LOAN APPLY करने के लिए आप स्थानीय SBI शाखा में आवेदन कर सकते हैं या यदि आप SBI के अकाउंट होल्डर हैं तो आप योनो एप से भी इस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं ! इसके अलावा मेने यहाँ SBI FESTIVAL LOAN APPLY लिंक दी हैं आप इसपे क्लिक करके सीधे आवेदन कर सकते हैं !

    तो दोस्तों ये थी जानकारी SBI FESTIVAL LOAN के बारे में उम्मीद करता हूँ इस त्योहारी सीजन को बिना किसी आर्थिक तंगी से मनाने के लिए इस तरह का लोन आपकी बहुत मदद कर सकता हैं ! इस पूरी जानकारी को आसान बनाने की कोशिश की गयी हैं अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी हैं तो प्लीज इस ब्लॉग को लाइक करे इसके अलावा आपके दोस्तों से भी ये लिंक शेयर करके उनकी मदद करे ! और SBI FESTIVAL LOAN को और ज्यादा समझने में आपको कोई दिक्कत हो या इस लोन प्रोडक्ट को लेकर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप निचे कमेंट्स करके पूछ सकते हैं ! हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद !



    शुक्रवार, 21 जून 2019

    Bank Hidden Charges | ऐसे 8 Hidden Charges जो Bank आपसे वसूलते हैं !

     Bank Hidden Charges | ऐसे 8 Hidden Charges जो Bank आपसे वसूलते हैं !

     Bank Hidden Charges | ऐसे 8 Hidden Charges जो Bank आपसे वसूलते हैं !

    Bank अपनी हर सर्विस के लिए कस्टमर्स से चार्ज वसूलते हैं ! सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने से लेकर Bank अकाउंट को क्लोज कराने तक के लिए Bank आपके अकाउंट से चार्ज काट लेते हैं ! Bank के नियम व शर्तों में बेशक ये चीजें होती है, लेकिन अकाउंट खुलवाने के समय यह इनफार्मेशन कस्टमर्स को नहीं दी जाती हैं ! हम आपको ऐसे ही कुछ चार्जेज के बारे में बता रहे हैं, जिन्‍हें Bank आपसे वसूलते तो हैं, लेकिन उनकी इनफार्मेशन आमतौर पर कस्टमर्स को देते नहीं हैं !

    1 – बैंक अकाउंट बंद कराने का भी लगता है चार्ज

    अगर आपने कई Bank अकाउंट खुलवा रखे हैं और अब कुछ अकाउंट बंद करना चाहते हैं, तो ध्यान रहे कि इसमें भी पैसे खर्च होते हैं ! अगर आपको अकाउंट खुलवाए छह माह भी नहीं हुए हैं, तो ज्यादातर Bank इसे क्लोज करने की एवज में आपसे 50 से 200 रुपए तक का चार्ज वसूलते हैं ! अगर आपके खाते से पिछले छह माह से किसी भी तरह का बैंक ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, तो इसके लिए भी आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है ! इसमें सरकारी और प्रायवेट बैंकों के अलग-अलग नियम होते हैं !


    2 - 12 बार ब्रांच जाने पर लगता है चार्ज

    अगर आप मानते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन और एटीएम इस्तेमाल करने के बजाए Bank जाकर ट्रांजेक्शन करना आसान है और उसका कोई चार्ज आपसे नहीं वसूला जाता है, तो ये आपकी गलतफहमी है ! अगर, आपने एक तिमाही के दौरान अपनी ब्रांच से 12 से ज्यादा बार लेनदेन किया है, तो आपके अकाउंट से 50 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन के हिसाब से रकम काट ली जाती है ! यह चार्ज ज्यादातर प्राइवेट Bank ही वसूलते हैं ! आप इसे भले ही बैंकों की मनमानी कहें, लेकिन Bank के पास यह चार्ज वसूलने का अपना तर्क है !


    3 - दूसरी बैंक ब्रांच में जाने का भी देना होता है पैसा

    आपका अकाउंट जिस ब्रांच में है, उससे अलग किसी और ब्रांच में जाकर आप ट्रांजेक्शन करते हैं, तो इसके लिए भी पैसे चुकाने होंगे ! प्राइवेट Bank पहली बार ऐसे ट्रांजेक्शन का चार्ज नहीं लेते हैं लेकिन, इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर प्रति हजार पांच रुपए चार्ज वसूला जाता है !


    4 - एक महीने में दूसरी बार कैश विड्रावल पर लगता है अलग से चार्ज

    नॉन बेस ब्रांच से एक महीने में दूसरी बार कैश निकासी का भी चार्ज उपभोक्ता को ही चुकाना होगा ! इसके हर Bank के अलग-अलग चार्ज हैं ! हालांकि, प्राइवेट Bank इसके लिए 150 रुपए तक चार्ज वसूलते हैं !


    5 - एक महीने में दूसरी बार कैश डिपॉजिट करने पर भी देना होता है चार्ज

    नॉन बेस ब्रांच में एक महीने में दूसरी बार कैश डिपॉजिट करने पर भी Bank आपकी जेब से फीस वसूलता है ! इसके लिए भी अलग-अलग Bank ने अलग फीस तय की हुई है ! इसके लिए आईसीआईसीआई Bank 150 रुपए तक चार्ज करता है !


    6 - मंथली स्टेटमेंट पर भी निर्धारित हैं चार्ज

    आपकी जेब से चार्ज वसूलने वाली लिस्ट में Bank स्टेटमेंट भी है ! यदि आप चाहते हैं कि हर महीने आपके घर Bank स्टेटमेंट भेजा जाए, तो इसके लिए भी Bank को चार्ज देना पड़ेगा ! हर Bank अपने मुताबिक इसकी कीमत तय करता है ! ज्यादातर  बैंकों में यह कीमत 200 रुपए तक है ! हालांकि, ईमेल से स्टेटमेंट मंगवाने पर कोई चार्ज नहीं लगता ! रिजर्व Bank के निर्देश के मुताबिक, बैंकों को हर 3 महीने पर कस्टमर्स को स्टेटमेंट भेजना होता है, जिसके लिए Bank कोई फीस नहीं वसूल सकते हैं !

    7 - चेक का स्टेटस जानने के लिए भी लगता है आपका पैसा

    अगर आप अपने चेक का स्टेटस जानना चाहते हैं, तो कई निजी Bank इसके लिए भी आपकी ही जेब से चार्ज वसूलते हैं ! इस सर्विस के लिए Bank 25 रुपए तक वसूलते हैं ! आमतौर पर यह फीस रनिंग चेक का स्टेटस जानने पर नहीं देनी होती है लेकिन यदि आप किसी पुराने चेक का स्टेटस पता करते हैं, तब आपको यह फीस देनी होती है !


    8 - एड्रेस कन्फर्मेशन का भी देना होता है चार्ज

    सरकारी बैंकों से उलट, निजी Bank किसी तरह का डॉक्युमेंट- बैलेंस सर्टिफिकेट, इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, एड्रेस कन्फर्मेशन, अटेस्टेड सिग्नेचर, अटेस्टेड फोटो आदि के बदले 50 से 200 रुपए तक वसूलते हैं ! बैंकों के पास इसका भी तर्क है ! Bank के मुताबिक इन सभी पर लगने वाले चार्जेज सही हैं ! यदि ये ही सर्टिफिकेट लेने आप वकील के पास जाएं तो वो भी इसकी फीस वसूलते हैं !

    मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

    लोन ग्यारंटर बनने से पहले सावधान

    लोन ग्यारंटर बनने से पहले सावधान 

    दोस्तों, मेरे पास बहुत से ऐसे कमेंट्स आते हैं! जिनमे अक्सर ये पुछा जाता हैं, की सर अगर किसी रिश्तेदार या दोस्त को लोन लेना हो और वो हमसे उस लोन में ग्यारंटर बनने का कहे तो हमें क्या करना चाहिये? तो दोस्तों बहुत सी ऐसी बाते हैं, जिनका ध्यान हमें रखना जरुरी होता हैं, जब भी हम किसी लोन की ग्यारंटी दे रहे होते हैं तब, पर वो कोन सी बाते हैं जो हमें ध्यान रखना चाहिये आज हम इसी टॉपिक पे बात करने वाले हैं ! तो बने रहिये इस आर्टिकल में आखरी तक और हां अगर आप हमारे ब्लॉग पर पहली बार आए हैं तो प्लीज इस ब्लॉग को सबस्क्राइब  कर दे ताकि ऐसी ही इन्फोर्मेंटीव जानकारी आपको सबसे पहले मिलती रहे ! 

    दोस्तों, वैसे तो किसी दोस्तों या रिश्तेदार के लोन में ग्यारंटी देने में कोई दिक्कत नहीं है! लेकिन, बैंक या फाइनेंस कम्पनी की जरूरतों, लोन के विवरण और इससे जुड़ी जटिलताओं को न समझने पर, आप एक बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं! इसलिए किसी भी रिश्तेदार या दोस्त के लोन का गारंटर बनने से पहले कुछ जानकारी आपको होना बहुत जरुरी हैं ! कहने का मतलब यह है कि दोस्त या रिश्तेदार के लोन ग्यारंटर बनने की रिक्वेस्ट को न तो सिरे से खारिज करना चाहिये, और ना ही उनकी रिक्वेस्ट को आंख बंद करके मान लेना चाहिये ! इसकी बजाये कुछ बाते आपको ध्यान में रख लेनी चाहिये !.

    सबसे पहली बात -  आपकी जिम्मेदारी क्या होगी ?

    दोस्तों ग्यारंटर के रूप में आपकी जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि आप किस तरह के गारंटर बन रहे हैं ! इसका मतलब आप फाइनेंशियल गारंटर हैं या नॉन-फाइनेंशियल गारंटर! फाइनेंशियल गारंटर बनने पर लोन को चुकाने का जिम्मा आप पर भी बराबर रहेगा, इसका सीधा सा मतलब हैं की अगर लोन लेने वाला व्यक्ति डिफॉल्ट करता है तो इसे चुकाने के लिए आप कानूनी रूप से बाध्य होंगे! वही नॉन-फाइनेंशियल गारंटर बनने पर आपकी भूमिका सिर्फ मध्यस्थ तक सीमित रहती है, मतलब की आप लोन लेने वाले व्यक्ति और बैंक या फाइनेंस कम्पनी के बीच संपर्क कराने में सिर्फ पुल का काम करेंगे!

    दूसरी बात -अपने रिश्तेदार या दोस्त की क्रेडिट हिस्ट्री, वित्तीय स्थिति देख लें

    दोस्तों, बैंक या फाइनेंस कम्पनी आपके दोस्त या रिश्तेदार से, यदि गारंटर के लिए कह रहा है, तो आपको अपने दोस्त या रिश्तेदार की वित्तीय स्थिति और ट्रैक रिकॉर्ड को देख लेना चाहिए! वैसे तो गारंटर के संबंध में हर एक बैंक या फाइनेंस कम्पनी की अपनी पालिसी होती है! लेकिन, बैंक या फाइनेंस कम्पनिया अक्सर ऐसा तब करते हैं जब उन्हें लोन लेने वाले की लोन चुकाने की क्षमता पर संदेह होता है! वेसे इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं! जैसे खराब क्रेडिट स्कोर, कमजोर आर्थिक स्थिति या अनियमित इनकम!! तो ग्यारंटी देने पहले आपको अपने दोस्त या रिश्तेदार की स्थिति का सही ज्ञान होना जरुरी हैं जिससे की आप समझ पाए की लिए जाने वाले लोन को वह चुका पायेगा या नहीं !

    तीसरी बात - ग्यारंटी देने से आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका क्या असर होगा?

    दोस्तों जब आप अपने दोस्त या रिश्तेदार के लोन में फाइनेंशियल गारंटर बनने का विकल्प चुनते हैं, तो आपके लिए ये समझना जरुरी हैं कि इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर और लोन स्टेटस पर भी पड़ता हैं !लोन ग्यारंटी का प्रभाव आप पर भी उतना ही पड़ता है जितना आपके दोस्त या रिश्तेदार के क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है! इसका साफ़ मतलब ये निकलता हैं की अगर आपका दोस्त या रिश्तेदार लिए गए लोन,जिसमे आप ग्यारंटी दे रहे उसकी ईएमआई भरने में यदि डिफॉल्ट करता है तो आपके क्रेडिट स्कोर पर भी असर दिखाई देगा, और आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा और अगर भविष्य में आपको लोन लेने की जरूरत पड़ती है तो आपको समस्या पैदा हो सकती है! दोस्तों इसमें लोन की रकम की भी बड़ी भूमिका होती है! मतलब की, अगर आप 30 लाख रुपये के लोन के गारंटर हैं और अपनी इनकम लिमिट के अनुसार 50 लाख रुपये का होम लोन चाहते हैं तो बैंक शायद आपको 20 लाख रुपये तक का ही लोन दे. इससे न केवल आपकी भविष्य में आने वाली लोन की जरूरत प्रभावित होगी, बल्कि दोस्त या रिश्तेदार से संबंध भी बिगड़ने के भी चांसेस हैं ! इसलिए लोन की ग्यारंटी सोच समझ कर दे !

    चौथी बात - क्या आप चल रहे लोन के बीच में अपनी ग्यारंटी वापिस ले सकते हैं?

    दोस्तों आपको समझना चाहिए कि गारंटर होना लंबी अवधि की जवाबदारी है! होम लोन के मामले में यह 20 साल हो सकती हैं ! तो आप इस समय के बीच में ही अपनी जिम्मेदारी से फ्री नहीं हो सकते ! और अगर आपको अपनी ग्यारंटी से मुक्त होना हैं तो बैंक या फाइनेंस कम्पनी को कोई दुसरा विकल्प आप ही को देना होगा !यहाँ एक अच्छा विकल्प ये हे कि दोस्त या रिश्तेदार होम लोन ईएमआई इंश्योरेंस करवा ले इस तरह डिफॉल्ट होने पर ईएमआई की गारंटी बीमा कंपनी पर आती है और आप इस ग्यारंटी से मुक्त हो जाते हैं !


    दोस्तों वैसे तो किसी लोन की ग्यारंटी देना कोई गलत बात नहीं हैं लेकिन अगर आप इन चार बातो को ध्यान में रखेंगे तो अपने दोस्त या रिश्तेदार के लोन की ग्यारंटी देने में आपको आसानी होगी !

    तो दोस्तों ये थी जानकारी लोन ग्यारंटर बनने से पहले ध्यान में रखी जाने वाली बातो की ! दोस्तों क्या आपने भी किसी लोन की ग्यारंटी दी हैं ? या आप देने जा रहे हैं तो हमें इस आर्टिकल के निचे कमेंट्स करके अपने अनुभव शेयर जरुर करिए हो सकता हैं आप हमें इन चार बातो के अलावा कुछ नया बता दे तो कमेंट्स जरुर करियेगा ! और अगर आपको ये जानकारी पसंद आयी हैं तो प्लीज इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लाइक जरुर करे ! दोस्तों हो सकता हैं आपके किसी मित्र या रिश्तेदार को इस जानकारी की जरुरत हो तो उन्हें ये आर्टिकल शेयर करके आप उनकी मदद कर सकते हैं ! और आखरी में एक रिक्वेस्ट हैं की अभी तक भी आपने हमारे ब्लॉग को सबस्क्राइब नहीं किया तो प्लीज सबस्क्राइब कर दे ताकि ऐसी ही इन्फोरमेंटीव जानकारी आपको सबसे पहले मिलती रहे ! अगली बार ऐसी ही किसी जानकारी के साथ फिर से मिलाकात होगी तब तक के लिए जय हिन्द !!! जय भारत !!!