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बुधवार, 19 जून 2019

ऐसे करें अपना नाम चेक | How to Check Your Name in Pradhan Mantri Awas Yojana List

ऐसे करें अपना नाम चेक | How to Check Your Name in Pradhan Mantri Awas Yojana List 

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS-Home Loan Interest Subsidy ) का बेनिफिट अगले March-2020 तक उठाया जा सकता है ! इस स्कीम (प्रधान मंत्री आवास योजना ) के तहत अपना पहला घर बनाने या खरीदने वालों को होम लोन (Home Loan) पर Home Loan Interest Subsidy  का बेनिफिट दिया जाता है ! होम लोन Home Loan के ब्याज पर 2.60 लाख रुपये का बेनिफिट कमजोर आय वर्ग (EWS) के परिवार उठा सकते हैं !
- जिन लोगों की इनकम 3 लाख सालाना से कम है वे EWS कैटेगरी में आते हैं ! 6 लाख सालाना तक कमाने वाले लोग LIG में आते हैं !
- इन दोनों कैटेगरी में प्रधान मंत्री आवास योजना  के तहत 6 लाख तक के लोन पर 6.5 % तक Home Loan Interest Subsidy का बेनिफिट उठाया जा सकता है !

- नरेन्द्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सबके लिए घर-2022 के तहत सरकार ने CLSS शुरू की थी ! बाद में इसे बढ़ाकर 6 लाख से 12 लाख रुपये सालाना और 12 से 18 लाख सालाना तक की इनकम वाले लोगों तक भी कर दिया गया था !

- क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) में मध्यम आय वर्ग के ऐसे लोगों को जिनकी सालाना आय 6 लाख से 12 लाख के बीच है, उन्हें 9 लाख के 20 साल अवधि वाले होम लोन (Home Loan) पर 4 % की Home Loan Interest Subsidy मिलेगी !

- होम लोन (Home Loan) पर ब्याज की दर 9 % है तो आपको प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY)  के तहत यह 5 % ही चुकानी होगी ! 12 लाख से 18 लाख की सालाना इनकम वाले लोगों को 4% की Home Loan Interest Subsidy मिलेगी !


जानिये कहां से उठा सकते हैं बेनिफिट 

होम लोन देने वाली बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्माल फाइनेंस बैंक और बहुत से वित्तीय संस्थान इस योजना का लाभ ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं ! नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) और हुडको (HUDCO) भी इस योजना में शामिल हैं !

अप्लाई करने के बाद ऐसे चेक करें अपना नाम

अगर आप घर बनाने के लिए PM Awas Yojana-ग्रामीण (प्रधान मंत्री आवास योजना ) में होम लोन के लिए आवेदन कर दिया है ! अगर हां तो हम आपको बता रहे हैं कि लाभार्थियों की लिस्ट में अपना नाम चेक करने की प्रक्रिया क्या है?

(1)               प्रधान मंत्री आवास योजना -ग्रामीण के तहत आवेदन करने के बाद केंद्र सरकार लाभार्थियों का चुनाव करती है ! योजना के लाभार्थियों के चुनाव के बाद फाइनल लिस्ट वेबसाइट पर डाल दी जाती है !

(2)               अगर आपने प्रधान मंत्री आवास योजना -ग्रामीण के तहत होम लोन के लिए आवेदन किया है और अपना नाम सूची में चेक करना चाहते हैं तो यह प्रक्रिया अपना सकते हैं !

(3)               सबसे पहले आप प्रधान मंत्री आवास योजना की वेबसाइट पर जायें ! आप इस लिंक पर भी क्लिक कर सकते हैं : प्रधान मंत्री आवास योजना  

(4)               इसके बाद ऊपर के टैब में सर्च बेनिफिशियरी टैब पर माउस ले जायें ! यहां आपको नाम से लाभार्थी खोजें (सर्च बाय नेम) दिख जायेगा !इस पर क्लिक करें ! इसके बाद यह पेज खुलेगा !

(5)               इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलेगा उसमें इस नाम के सभी लोगों की सूची दिखेगी ! आप अपने नाम पर क्लिक कर इस बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं !

(6)               प्रधान मंत्री आवास योजना -ग्रामीण में आप 6 लाख का लोन सालाना छह फीसदी तक की ब्याज दर पर ले सकते हैं ! अगर आपको घर बनाने के लिए इससे ज्यादा रकम चाहिए तो आपको उस अतिरिक्त रकम पर आम ब्याज दर से लोन लेना होगा ! अब जब ऑनलाइन वेबसाइट पर कई कैलकुलेटर मौजूद हैं, आप भी अपने होम लोन की रकम और ब्याज दर के हिसाब से मासिक किस्त की गणना कर सकते हैं !


(8)               यहां आप इस टैब पर क्लिक करें ! यहां आपको लोन की रकम, लोन की  अवधि, ब्याज दर आदि डालने पर सब्सिडी की रकम के बारे में पता चल जायेगा !


सोमवार, 27 अगस्त 2018

आयकर विभाग ने लांच किया ‘आयकर सेतु’ एप / Income Tax Department Launch ‘AAYKAR SETU APP’

आयकर विभाग ने लांच किया ‘आयकर सेतु’ एप  / Income Tax Department Launch ‘AAYKAR SETU APP’

AAYKAR SETU APP के द्वारा Income Tax Retern भरने में सहायता करने के उद्धेश्य से तथा टैक्स की गणना सरलता से करने और Income Tax Retern दाखिल करने के कार्य को अत्यंत सरल बनाने की राह को आसान बनाने के लिए आयकर विभाग द्वारा हाल ही में आयकर सेतु एप लांच किया हैं. AAYKAR SETU APP माध्यम से TAX का ऑनलाइन भुगतान करने के साथ ही साथ पैन नंबर, टैन के लिए आवेदन भी किया जा सकेगा!और साथ ही रिफंड की स्थिति एवं शिकायतों को पंजीकरण भी इस AAYKAR SETU APP के माध्यम से किया जा सकता हैं , इस AAYKAR SETU APP के जरिये आप करदाता की समस्त सेवाओं के कार्यालयों का पता भी जान सकते हैं तथा कर के बारे में जानकारी में यह AAYKAR SETU APP आपकी मदद करेगा!
अभी तक इस AAYKAR SETU APP के उपयोगकर्ताओं की कुल संख्या 2,76,000 तक हो चुकी है! 

क्या खासियत हैं इस AAYKAR SETU APP की ?


AAYKAR SETU APP के माध्यम से आप अपने नजदीकी रिटर्न तैयार करनेवाले (TRP) को सर्च सकते हैं और TRP से टैक्स संबंधित समस्याओं तथा उससे जुड़े मुद्दों उनकी पर सहायता प्राप्त कर सकते हैं! AYKAR SETU APP पर आपको उनका रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर भी मिलेगा जिसके जरिये आप उनसे आसानी से उनसे संपर्क कर सकते हैं और उनकी मदद ले सकते हैं ! इस AAYKAR SETU APP में आपको विभिन्न मदद मिलेगी जैसे आयकर रिटर्न के संबंध में मदद , आयकर रिटर्न फाइल करने हेतु, फॉर्म डाउनलोड करना कैसे करे , टैक्स जमा कैसे करे ?, फॉर्म 26AS को कैसे जांचे ?, रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कैसे करे?, टैक्स रिफंड स्टेटस कैसे जाने , टैक्स रिटर्न को ई-वेरीफाई कैसे करना हैं इत्यादि!

AAYKAR SETU APP के माध्यम से टैक्स की गणना


पैन कार्ड व टैन कार्ड संबंधित सभी सभी सवालों के जवाब आपको इस AAYKAR SETU APP के माध्यम से प्राप्त होंगे ! टीडीएस संबंधित किसी भी तरह के प्रश्नों के जवाब जानने के लिए आप AAYKAR SETU APP की मदद ले सकते हैं! जैसे कि AAYKAR SETU APP के माध्यम से TDS कैसे फाइल करें?, TDS की रेट क्या है?, TDS का भुगतान ऑनलाइन करना, AAYKAR SETU APP में टैक्स ज्ञान के जरिये आसानी से आप आयकर संबंधित जानकारी पाप्त कर सकते हैं! AAYKAR SETU APP में ख़ास बात यह हैं की आप ऑनलाइन चैटबॉक्स को ओपन करके ऑनलाइन सवाल पूछ सकते हैं!

इस AAYKAR SETU APP को आप सीधे इनकम टेक्स डिपार्टमेंट की साइड से डाउनलोड कर सकते हैं !

गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

क्या हैं बजट में ख़ास ?

क्या हैं बजट में ख़ास ?

भारत के वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने गुरुवार को वर्तमान सरकार का आखिरी पूर्ण बजट पेश किया! इसमें आपके लिए कई खुशखबरी है, तो कुछ झटके भी हैं! जहा एक और  टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं होने से नौकरीपेशा लोगों जरूर झटका लगा है वही सरकार ने 40 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ देकर उनकी निराशा को कम करने का प्रयास भी किया है! इसके अलावा कई महत्वपूर्ण बातो का इस पूर्ण बजट में ध्यान रखा गया हैं और लगभग सभी क्षेत्रो को इसमें शामिल किया गया हैं ! तो आईये जानते हैं क्या खासियत हैं इस पूर्ण बजट की?

बजट की खासियत

· राष्ट्रीय स्वास्थ सुरक्षा योजना अर्थात नेशनल हेल्थ स्कीम के अंतर्गत अब 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख के हेल्थ बीमा का एलान कर दिया गया हैं !
·         खरीब फसलो के लिए मिनिमम समर्थन राशी में 1.5% की वृद्धि !
·         सीनियर सिटिजन को FD और पोस्ट आफिस डिपाजिट पर TDS नहीं देना होगा किन्तु सिर्फ 50हजार रु.तक की ऍफ़.डी अथवा पोस्ट ऑफिस जमा पर !
·         भारतीय रेल हेतु 1 लाख 48 हजार करोड़ रु. का आवंटन इस बार बजट में किया गया हैं जिसको पटरी,गेज बदलाव में खर्च किया जाएगा पूर्ण बजट में रेलवे को बड़ा फंड दिया गया हैं !
·         मुद्रा योजना के अंतर्गत 3 लाख करोड़ की धनराशी तक ऋण के रूप में देने का टारगेट रखा गया हैं जिसमे योवाओ को मुद्रा योजना में ऋण लेना आसान प्रतीत होता हैं!
·         99 स्मार्ट शहर के डेव्लाप्मेंट पर 4.04 लाख करोड़ खर्च किये जायेंगे वही 19,428 करोड़ की लागत से 500 शहरों में पेयजल की व्यवस्था की दुरुस्ती में खर्च किया जाएगा!
·         हवाई यात्रा आम लोगो के लिए सरल बने और सुगम बने इसके लिए वर्तमान एयरपोर्ट की संख्या को 5 गुना किया जाना पूर्ण बजट में शामिल किया गया हैं!
·         युवाओ के लिए सरकार ने 70 लाख नए रोजगार देने का लक्ष्य बनाया हैं !
·         इनकम टेक्स में Standard Deduction के तहत 40000 रु. की छुट मिलेगी,अर्थात जितनी सेलेरी हैं उसमे से 40000/- घटाकर टेक्स लगाया जाएगा!


·         पूर्ण बजट में सरकार ने उद्योगो पर मेहरबानी करते हुए तय किया हैं की 250 करोड़ तक के टर्नओवर वाली कंपनियों पर 25% कारपोरेट टेक्स ही लगेगा!
·         ऐसे ब्लोक जहा आदिवासियों की जनसंख्या 50% से ज्यादा होगी वहा सरकार आदिवासियों हेतु आवासीय एकलव्य विद्यालयों की स्थापना करेगी, ये स्कूल नवोदय विद्यालयों के जैसे ही होंगे!
·         25000 से ज्यादा फुटफाल वाले रेलवे स्टेशनों में स्वचालित सीडिया लगेगी. सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को वाई-फाई और CCTV से लेस करने की सरकार की तेयारी हैं!
·         उज्ज्वला योजनांतर्गत वर्तमान में जहा 5 करोड़ परिवारों को फ्री एल.पी.जी. कनेक्शन के लक्ष्य को बढ़ाकर 8 करोड़ कर दिया गया!
·         गावो में इन्टरनेट के विकास हेतु 10000 करोड़ आवंटित किये गए, गावो आने वाले समय में 5 लाख हॉटस्पॉट बनेंगे ! डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत 3037 करोड़ रु. आवंटन होगा!


सोमवार, 15 जनवरी 2018

क्या हैं – FDI, क्या खासियत हैं इसकी ?

क्या हैं – FDI, क्या खासियत हैं इसकी ?


जहा एक और ये बात चल रही हैं की FDI से देश को गिरवी रखा जा रहा हैं तो दूसरी और जो जानकार व्यक्ति हैं वो इसके फायदे भली भाति जानते हैं मेरी द्रष्टि में गिरवी रखने जेसी बात कुछ नहीं हैं ये देश के लिए सिर्फ और सिर्फ व्यापारिक निर्णय मात्र हैं ! देखा जाए तो FDI के तीन मुख्य टार्गेट हैं.पहला निवेश की वृद्धि दुसरा आय में वृधि और तीसरा और अंतिम महत्वपूर्ण लक्ष्य रोजगार को बढ़ावा देना हैं ! किन्तु विचारणीय बात तो यह हैं की केवल FDI लागू कर देने मात्र से निवेश आना संभव नहीं होता हैं ! विदेशी निवेश लाने के लिए विभिन्न तत्वों पर ध्यान आकर्षित करना होता हैं, जैसे व्यापार की सरलता,देश में राजनैतिक स्थिरता और सरकार की क्षमता(बहुमत), विदेशी मुद्रा की स्थिति और उसकी की मजबूती,मजबूत राष्ट्रीय आर्थिक नीतिया, सुद्रण सामरिक व्यवस्था, कच्चे माल की पूर्ति एवं उपलब्धताएक्सपर्ट कर्मचारी या श्रमिकों की पूर्ति, मुख्य व्यापरिक ढांचागत सुविधाएं, मजबूत एवं निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाएं, सही श्रमिक कानून एग्जिट सुविधा आदि तत्व के आधार पर ही निवेश को आकर्षित किया जाना संभव हैं !


दिन ब दिन बदलते वैश्विक परिवेश के माहौल में आर्थिक मजबूती ही देश की एकता के लिए मुख्य मानी जाती है! व्यापरिक स्वत्नत्रता और आर्थिक खुलेपन की सोच को ध्यान में रखकर अर्थव्यवस्था को लागू करके पडोसी देश चीन भी मजबूत हुआ और इन्ही चीजो को लागू ना कर पाने की वजह से सोवियत रूस ग्यारह देशों का समूह बन गया! आज FDI के महत्त्व को रूस भी भालीभाती समझने लगा हैं !
बैंक ऋण आधारित अर्थव्यवस्था विकासशील तो बनाये रख सकती है किन्तु विकसित अर्थव्यवस्था ‘वित्तीय दलाली’ पर नहीं स्थिर रह सकती! ‘बैंक ऋण’ उद्यमिता के लिए अच्छा साधन नहीं है,वह सिर्फ उसका सहारा मात्र भर है! इससे विकास का तेजी से आगे बढ़ नहीं सकता!तेज़ विकास के लिए ‘भागीदार पूंजी’ की बहुत जरुरत होती हैं ! ‘इक्विटी कैपिटल’ ही वह साधन है, जो देश की आर्थिक दशा को सुधार सकता हैं! हर व्यापार कुछ न कुछ जोखिम अवश्य होते हैं ! जिस जोखिम में  उतार-चढ़ाव आते रहते हैं! बिजनेस सायकल में उतार के समय बैंक से लिया गया कर्ज ही बड़ा जोखिम बन जाता है! प्रोमोटरों का सारा समय और क्षमता बिजनेस को संभालने के बजाये बैंकों को संतुष्ट करने में ही खराब हो जाती है!
बहुत से व्यापार इसी प्रक्रिया में खराब हुए हैं!

FDI में हर समय हो रहे सुधारों और नए क्षेत्रो में निवेश स्वीकारने में भारत एक बड़े और आत्मविश्वास से युक्त देश की तरह काम कर रहा है! भारत विश्व के सबसे बड़े उभरते बाज़ारों में से एक होने के अलावा, कम उम्र एवं तकनीकी ज्ञान संपन्न नवयुवकों का बड़ा देश है ! आज जहा हम एक और विश्व के अलग-अलग बढे से छोटे देशों के उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित करते हैं,वही दूसरी और स्वदेशी तकनीक विकसित की और विश्व के अन्य देशो को अपनी सेवाएं बेचने का काम किया! यह आत्मविश्वास हमारे देश के ब्रांड को उन्नत करता है और विदेशी निवेश के लिए अच्छा देश बनाता है!

FDI किसी भी प्रकार का विदेशी ऋण न होकर एक व्यापारिक भागीदारी या सांझेदारी हैं ! क्योकि किसी भी विदेशी निवेशकों को विश्वास तब तक नहीं होगा जब तक उन्हें उनके निवेश पर लाभ होगा नहीं होगा ऐसी स्थिति में यदि भारत उन्हें भागीदारी का विशवास नहीं दिलाता तो वे सभी निवेशक भारत में आने से हिचकिचाएंगे  कम मूल्य पर श्रम की उपलब्धता और करों में सुविधा भी इस आकषर्ण को बढ़ाने में सहायक है! हमें यह भालीभाती ध्यान रखना होगा कि हमारी सबसे बड़ी शक्ति हमारा युवापन है! जापान-चीन वयोवृद्ध लोगों के देश हैं! भारत असल में यंग इंडिया है किन्तु युवापन हमारी शक्ति के साथ ही साथ हमारी सबसे बड़ी चिंता का विषय भी हैं क्योकि हमें इस यंग जनरेशन को रोजगार देना है!और विदेशी निवेश और व्यापार में वृधि के सिवा उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना शायद संभव न होगा!

हजारों व्यापार विदेशी पूंजी से फल फुल रहे हैं! हमें ज्यादा से ज्यादा लाभ होता है टैक्स का, रोजगार में भी तरक्की और स्वतन्त्रता मिलती हैं ! तकनीकी संवर्धन होना भी इसी के लाभ हैं !वर्तमान में चाहे मोबाइल हो, वॉलेट हो, ओला हो अथवा  बैंक या बीमा हों सब में विदेशी निवेश समाहित हैं! इसी विदेशी पूंजी से हमें विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है और इसी विदेशी पूंजी के बदले हम सुरक्षा के लिए हथियार खरीदते हैं ! हमने काफी लाभ उठाया है अब तक विदेशी पूंजी का उसका सम्मान होना चाहिए! साथ ही, हमें खुद को विकसित करना चाहिए! हमें ‘FDI’ में तेज़ी से बढ़ना होगा! हाल ही में बहुत से सफल अधिग्रहण हुए हैं! उसका प्रचार होना ही चाहिए कि हमने विदेशों में कौन-कौन से बिजनेस खरीदे हैं!
FDI न केवल देश हित में अच्छी योजना हैं अपितु विदेशी मुद्रा में बढ़ावा,रोजगार के नए क्षेत्रो में वृधि,विश्व पटल पर भारत का व्यापार स्तापित करने के लिए भी आवश्यक हैं,सही अर्थो में कहा जाए तो “FDI देश को विश्व में आर्थिक स्वतन्त्रता देती हैं न की आर्थिक गुलामी!”

सोमवार, 8 जनवरी 2018

मोदी सरकार का एक और झटका –जाने बैंको के नए नियम

मोदी सरकार का एक और झटका –जाने बैंको के नए नियम 

2012 के चुनाव से पहले देश में अच्छे दिनों का वादा करने वाली मोदी सरकार देश के सभी Bank के ग्राहकों को एक तगड़ा झटका देने वाली है. अब तक जो सर्विस आपको मुफ्त में  मिली रही हैं, अब उन सेवाओं पर आपको शुल्क अदा करना होगा.

आईये जानते हैं की आपसे बैंक कोनसी सेवाओं के बदले शुल्क मांग सकती हैं ?

किन किन सेवाओं पर शुल्क देना होगा ?

यदि आप मोबाइल नंबर बदलवाना चाहते हैं?, केवाईसी का कोई अपडेशन करवाना चाहते हैं ? आपको आपके बैंक के रिकार्ड में पता बदलवाना हैं, पैसा निकालना हैं , जमा कराना, नेट बैंकिंग, चेक बुक के लिए आवेदन करना जैसी सुविधाओं के लिए अब आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा !

क्यों देना होगा अतिरिक्त शुल्क ?
विभिन्न समाचार पत्रों के सूत्रों के मुताबिक इस प्रकार के नए नियम को लागू करने के लिए बैंकों को आदेश मिल चुके हैं! हालांकि साल की शुरुआत में एक्सिस बेंक और एसबीआई बैंकों ने अपने ग्राहकों को ऋण ब्याज दरो में कटोती करके गिफ्ट दिया था !SBI ने जहां होम लोन में कटौती कर अपने ग्राहकों को नए साल का तोहफा दिया था ! तो वहीं रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के इस नए आदेश के बाद देशभर के बैंक से जुड़े ग्राहकों की जेब पर भारी पढ़ना स्वाभाविक है! किन्तु इसमें भी एक अभी एक रुकावट हैं क्योकि सभी बैंकों को आरबीआई के निर्देश पालन करने होते हैं! लेकिन नियमों के अनुसार संबंधित बैंकों के बोर्ड सभी सेवाओं पर लगने वाले शुल्क का फैसला लेते हैं, और इसीलिए बोर्ड की मंजूरी के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाता है! किन्तु इन नियमो को लागू करने की संभावना ज्यादा हैं!

जाने कितना अतिरिक्त शुल्क लगेगा ?

RBI के नए नियम के अनुसार सेल्फ चेक के लिए 50,000 की रकम निकालने वाले पर 10 रूपये तक का चार्ज लगेगा !  इसके अलावा कोई तीसरा व्यक्ति आपके अकाउंट से सिर्फ 10000 रूपये ही निकाल पाएगा!
सेविंग बैंक अकाउंट में अधिकतम 2,00,000 तक कैश जमा करवा सकेंगे! इसके साथ रोजाना 50,000 जमा करवाना फ्री होगा लेकिन इसके ऊपर अगर आप करवाते हैं तो प्रति हजार 2.5 रूपये का चार्ज देना होगा!
इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाओं के लिए आपको 25 रूपये तक का चार्ज बैंक को देना होगा. पिन और पासवर्ड लेने या बदलवाने के लिए आपको 10 रूपये का चार्ज बैंक को देना होगा!

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रविवार, 12 नवंबर 2017

घर बनाना हुआ अब सस्ता –GST काउंसलिंग ने दी राहत


घर बनाना हुआ अब सस्ता –GST काउंसलिंग ने दी राहत 

उल्लेखनीय हैं की GST की काउंसिलिंग ने छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए ! घर बनाने के सामान तथा कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल किये जाने वाले मुख्य सामानों पर GST का बोझ कुछ कम किया हैं !
जहा एक और छोटे व्यापारियों को टेक्स में इन बन्द्लावो से राहत मिली हैं वही घर बनाने का सम्पना देख रहे परिवारों को भी ख़ुशी हुई हैं की मकान बनाने में आने वाले खर्चो में कुछ कमी तो संभावित हुई हुई हैं!
हमें देखना होगा की आखिर क्या और केसे बदलाव GST काउंसलिंग ने किये हैं !
कम्पोजीशन में मेन्युफेक्चरर को 2% की जगह अब सिर्फ 1% GST टेक्स लगेगा वही टर्नओवर लिमिट को बढ़ाया गया हैं 1.5 करोड़ तक!

आईये जानते हैं क्या मुख्य बदलाव GST काउंसलिंग ने तय किये हैं और इन बन्द्लावो का विभिन्न क्षेत्रो पर क्या असर पडेगा!

  • ·  मकान बनाने के सामान पर टेक्स 28% से घटकर 18%

विभिन्न वस्तुए जिनके माध्यम से मकान बनाने में उपयोग की जाती हैं उनपर उक्त स्लेब के तहत टेक्स अनुमानित किया गया हैं! ये वस्तुए प्लास्टिक के बने फ्लोर कवर,बाथरूम तथा शावर फीटिंग में उपयोगी बस्तुये,वाश बेसिन,लेवेटरी पेन सिट कवर,फ्लशिंग सिस्टरन आदि वस्तुओ को नए टेक्स स्लेब में रखा गया हैं!
इसके अलावा घर बनाने में प्रयुक्त होने वाली वस्तुए जेसे सेमरिक फ्लोरिंग अथवा टाइल्स,सेमारिक से बने सिंक,वाश बेसिन तथा अन्य बाथ फिटिंग्स भी शामिल हैं!
मकान की चमक दमक तथा फिनिशिंग में प्रयुक्त की जाने वाली वस्तुए जेसे ग्रेनाईट तथा मार्बल को पर भी अब 28% के बजाये 18 % टेक्स के स्लेब में ही रखा जाएगा ! इसके साथ ही पलस्टर अथवा प्लास्टर/सीमेंट से मिश्रित चीजे जेसे टाइल्स/वाल आदि भी इसी स्लेब में आएँगी !
घर के दरवाजो खिडकियों में प्रयुक्त होने वाली वस्तुओ पर भी फिलहाल टेक्स की सीमा 18 % की गयी हैं इन वस्तुओ में लोहे अथवा स्टील के बने सेनेतारिक सामान,दरवाजे,खिड़की तथा खिडकियों के फ्रेम,ताम्बा तथा एल्युमिनियम के सामान(सिर्फ मकान बनाने में प्रयुक्ति हेतु ना की बर्तन)
अन्य वस्तुए जेसे नेम/साइन प्लेट,फर्नीचर तथा फ्लोर पालिश,वाल पेपर तथा कवरिंग !
इन सभी वस्तुओ पर टेक्स में कटोती से ये तो साफ़ हो गया की सरकार अपनी हाउसिंग फोर आल मिशन के लिए सजग हैं!
पुराने टेक्स 28% के साथ लोगो को मकान बनाने में आने वाले खर्चो पर अत्यधिक भार का सामना करना पड़ता था जिससे की इस बदलाव के कारण थोड़ी राहत मिलेगी!



  • ·         कंस्ट्रक्शन उद्योग के उपयोग में आने वाली वस्तुओ पर भी 28% के बजाए 18%

टेक्स में बदलाव सिर्फ मकान बनाने के सामान पर ही कटोती नहीं की गयी हैं बल्कि इससे जुड़े उद्ध्योग के सामान को भी इन बदलाव में रखा गया हैं !
मुख्यत कंस्ट्रक्शन उद्योग मकान बनाने से जुडा मुख्य उद्योग माना जाता हैं जहा एक और मकान बनाने में उपयोगी वस्तुओ के टेक्स में परिवर्तन किया जाता तथा कंस्ट्रक्शन उद्योग में उपयोगित वस्तुओ में कोई बदलाव नहीं किया जाता तो घर बानाने का सपना देख रहे लोगो को कोई राहत न मिलती इसी को ध्यान में रखते हुए काउंसलिंग ने कंस्ट्रक्शन उद्योग में उपयोग आने वाली चीजो पर भी टेक्स 28% से घटाकर 18% किया हैं !
वे वस्तुए मुख्यत: वजन को तोले जाने वाली इलेक्ट्रिक अथवा इलेक्ट्रानिक मशीने, अग्निशामक यंत्र,फोर्क लिफ्ट,बुलडोजर,लोडर,रोड रोलर,अर्थ मूविंग मशीने,कुलिनट टावर,रिएक्टर साउंड/मुजिकल यंत्र,रबर ट्यूब,साल्वेंट तथा थिनर !

उपरोक्त दोनों क्षेत्रो कि वस्तुओ में टैक्स की दर को घटाकर सरकार ने घर बनाने का सपना देख रहे परिवारों को बहुत राहत दी हैं !

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